गाली बंद घर अभियान के दौरान लोगों के बीच जाकर बात करते प्रो. सुनील जागलान।
रोहतक में सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के फाउंडर व एमडीयू प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस सुनील जागलान ने अंतर्राष्ट्रीय अभियान गाली बंद घर के तहत सर्वेक्षण किया, जिसमें पाया कि हरियाणा व अन्य राज्यों में मां बहन बेटी की गालियां देना लोगों की आदत बन चुका है। इसमें
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प्रोफेसर सुनील जागलान के अनुसार 20 प्रतिशत ऑनलाइन वीडियो गेम, सोशल मीडिया, ओटीटी प्लेटफार्म से जुड़े रहने वाले युवा युवतियों की अनजाने में ही ज़ुबान पर गाली रखना सीखा है । हरियाणा 62 प्रतिशत, दिल्ली 80 प्रतिशत, पंजाब 78 प्रतिशत, उतर प्रदेश 74 प्रतिशत, राजस्थान 68 प्रतिशत, बिहार 74 प्रतिशत में गालियों का प्रचलन देश में सबसे ज्यादा है।
प्रो. सुनील जागलान ने बताया कि कश्मीर में 15 प्रतिशत देश में सबसे कम गालियां दी जाती है । कश्मीर के बाद उड़ीसा, तेलंगाना के अलावा सेवन सिस्टर स्टेट के नाम से मशहूर नार्थ ईस्ट के राज्यों में भी गाली का प्रतिशत अन्य राज्यों से 30 प्रतिशत कम है । गुजरात में 55 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 48 प्रतिशत, उत्तराखंड 45 प्रतिशत महाराष्ट्र 58 प्रतिशत राज्य शामिल हैं ।
11 साल के सर्वे में 70 हजार लोगों से की बात सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन ने करीब 11 साल के बेसलाइन सर्वे में 70 हजार से ज्यादा लोग, जिनमें युवा युवतियों के अलावा माता पिता, परिवार जन, पंचायतें, स्कूल शिक्षक, ब्यूरोक्रेट, प्रोफेसर, डॉक्टर, पुलिस कर्मी, वकील, अनेक छोटे बड़े व्यवसाय चलाने वाले लोग, ऑटो चालक, कुली, सफाईकर्मी, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालयों के युवा युवतियों पर सर्वे किया।
सर्वे में निकलकर आया कि करीब 62 प्रतिशत लोग मॉं बहन बेटी की गाली देते हैं । इसके साथ जिन स्कूल, कॉलेजों में सिर्फ लड़कियां पढ़ती हैं, वहां पर भी लड़कियां मां बहन की गाली देती हैं। हरियाणा के अलावा पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, उतर प्रदेश, उत्तराखंड, असम, हिमाचल प्रदेश, गोवा, कश्मीर, पश्चिम बंगाल, सेवन सिस्टर स्टेट वगैरह प्रदेश भी सम्मिलित किए गए ।

गाली बंद घर अभियान के दौरान युवाओं से बात करते प्रो. सुनील जागलान।
सर्वे में हर राज्य से इतने लोग किए शामिल गाली बंद घर का सर्वे देश भर के राज्यों में किया गया, जिसमें उतर प्रदेश में 11300, हरियाणा में 7400, पंजाब में 4200, राजस्थान में 6100, महाराष्ट्र में 3800, कश्मीर में 1200, गुजरात में 2500, मध्य प्रदेश में 8400, बिहार में 3000, गोवा में 800, उतरा खंड में 2300, हिमाचल में 1300, जम्मू में 700, उड़ीसा में 2400, पश्चिम बंगाल में 2600, नॉर्थ ईस्ट के सेवन सिस्टर स्टेट में 3500 एवं बाकी अन्य राज्यों में 10000 लोगों को इसमें शामिल किया गया । कश्मीर में गालियों का सबसे कम प्रयोग किया जाता है ।
2014 में लॉन्च किया गाली बंद घर अभियान प्रो. सुनील जागलान की तरफ से 2014 में गाली बंद घर अभियान शुरू किया गया, जिसे अब 11 साल हो गए है। इस दौरान पाया कि 30 प्रतिशत मानते हैं कि उन्हें सामान्य चुटकुलों में हंसी नहीं आती जब तक उनमें गालियां ना हो। गाली बंद घर के वीडियो को 50 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा और इसे समाज की ज़रूरत कहा। 2 लाख से ज़्यादा लोगों ने कमेंट किया ।
प्रधानमंत्री अमेरिका व इंग्लैंड में कर चुके तारीफ प्रो. सुनील जागलान ने 2012 में सेल्फी विद डॉटर अभियान शुरू किया, जिसकी तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 बार मन की बात कार्यक्रम में कर चुके है। साथ ही अमेरिका व इंग्लैंड के कार्यक्रमों में भी सराहना कर चुके है। प्रो. सुनील दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीत चुके है। पीएम ने मन की बात कार्यक्रम के 100वें एपिसोड में भी तारीफ की है।