Ration card will be cancelled if ration is not taken for 6 months | 6 महीने राशन नहीं लेने पर राशन कार्ड रद्द होगा: घर-घर जाकर जांच होगी; केंद्र सरकार ने राज्यों से सख्ती से पालन करने को कहा

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नई दिल्ली2 घंटे पहलेलेखक: सुजीत ठाकुर

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देश में 23 करोड़ सक्रिय राशन कार्ड हैं। इसके तहत फ्री या कम मूल्य में राशन मिलता है। - Dainik Bhaskar

देश में 23 करोड़ सक्रिय राशन कार्ड हैं। इसके तहत फ्री या कम मूल्य में राशन मिलता है।

केंद्र सरकार ने 22 जुलाई को लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) संशोधन आदेश, 2025 नोटिफाइड किया है। इसके तहत 6 महीने से राशन न लेने वालों के कार्ड एक्टिव नहीं रहेंगे। फिर 3 महीने में घर-घर जाकर जांच और ईकेवाईसी (e-KYC) से दोबारा पात्रता तय होगी।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन न लेने वाले भी दायरे में आएंगे। देश में 23 करोड़ सक्रिय राशन कार्ड हैं। इस कवायद में कितने कार्ड रद्द होंगे, यह संख्या जांच के बाद स्पष्ट होगी। सूत्रों के अनुसार राज्यों में 7% से 18% तक कार्ड रद्द हो सकते हैं।

25 लाख से ज्यादा कार्ड डुप्लीकेट होने का अंदाजा है। केंद्र ने राज्यों को आदेश सख्ती से लागू करने को कहा है। एक अधिकारी ने कहा कि इस कवायद का मकसद अपात्रों काे बाहर करना है।

2024 में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के डिजिटलीकरण में 5.8 करोड़ फर्जी राशन कार्ड रद्द हुए थे। इसके तहत 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को लाभ मिल रहा है।

2024 में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के डिजिटलीकरण में 5.8 करोड़ फर्जी राशन कार्ड रद्द हुए थे। इसके तहत 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को लाभ मिल रहा है।

पात्रता सूची की अब हर पांच साल में जांच होगी

उपभोक्ता तथा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार राशन कार्ड की पात्रता सूची की हर 5 साल में जांच होगी। कार्ड में दर्ज 5 साल से छोटे बच्चों का आधार नंबर लगेगा।

5 साल पूरे होने पर उसका केवाईसी अनिवार्य होगा। दोहरी एंट्री वालों के कार्ड 3 माह के लिए निलंबित कर केवाईसी की जाएगी। नया राशन कार्ड ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर बनेगा। राज्य पोर्टल पर प्रतीक्षा सूची जारी करेंगे।

बिहार में छिड़ सकता है फिर नया विवाद बिहार में मतदाता सूची विशेष पुनर्निरीक्षण अभियान पर सियासी भूचाल के बीच राशन कार्ड से जुड़ा आदेश नया विवाद छेड़ सकता है। राज्य में 8.71 करोड़ राशन कार्ड हैं। बिहार के कई सांसदों ने टाइमिंग पर सवाल उठाया है। उनका मत है कि विपक्ष मतदाता सूची की तरह इस फैसले को भी लोगों के राशन कार्ड रद्द करने के तौर पर प्रचारित कर सकता है।

गड़बड़ियों को रोकने के लिए सरकार ने e-KYC प्रोसेस शुरू की है

दरअसल, सरकार का मकसद राशन डिस्ट्रीब्यूशन प्रोसेस को ट्रांसपेरेंट और भ्रष्टाचार फ्री बनाना है। कई बार देखा गया है कि कुछ लोग फर्जी राशन कार्ड से या एलिजिबल ना होने के बावजूद फ्री राशन का लाभ लेते हैं। कुछ मामलों में यह भी देखा गया है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उसके नाम पर राशन लिया जाता है।

इसी तरह की गड़बड़ियों को रोकने के लिए सरकार ने e-KYC प्रोसेस शुरू की है। इस प्रोसेस के तहत राशन कार्ड धारक और उनके परिवार के सदस्यों की पहचान आधार कार्ड से लिंक की जाती है। जिससे यह तय किया जा सके कि सिर्फ वास्तविक और जरूरतमंद लोगों को ही फ्री राशन का लाभ मिले।

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