नई दिल्ली25 मिनट पहले
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सरकार के मुताबिक, 2020 में 85,256, 2021 में 1,63,370, 2022 में 2,25,620, और 2023 में 2,16,219 लोगों ने भारतीय नागरिकता छोड़ी थी।
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने गुरुवार को लोकसभा में बताया कि साल 2024 में 2,06,378 भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़कर दूसरे देशों की नागरिकता ले ली। कीर्ति सिंह ने कहा कि नागरिकता छोड़ने के कारण व्यक्तिगत होते हैं और यह वही व्यक्ति जानता है जिसने यह फैसला लिया हो।
उन्होंने बताया कि सरकार प्रवासी भारतीयों के साथ जुड़ाव बढ़ाने, उनके ज्ञान और नेटवर्क का लाभ उठाने पर जोर दे रही है। सरकार का मानना है कि सफल और प्रभावशाली प्रवासी भारतीय देश की सॉफ्ट पावर को मजबूत करते हैं।
सरकार ने पिछले 5 सालों का आंकड़े भी पेश किए। इन आंकड़ों के मुताबिक 2024 में भारत की नागरिकता छोड़ने वालों की संख्या 2020 से लगभग ढाई गुना रही है।

2020 की तुलना में 2024 में ढाई गुना ज्यादा लोगों ने नागरिकता छोड़ी
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल के सवाल के जवाब में मंत्री कीर्ति ने पिछले पांच साल का आंकड़ा भी दिया। सरकार के मुताबिक, 2020 में 85,256, 2021 में 1,63,370, 2022 में 2,25,620, और 2023 में 2,16,219 लोगों ने भारतीय नागरिकता छोड़ी थी। इससे पहले 2011 में यह संख्या 1,22,819, 2012 में 1,20,923, 2013 में 1,31,405 और 2014 में 1,29,328 थी।

2020 के बाद नागरिकता छोड़ने वालों का बढ़ रहा आंकड़ा
2020 के बाद से नागरिकता छोड़ने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। राज्यसभा में पेश डेटा में बताया गया कि साल 2023 में के मुकाबले साल 2024 में थोड़ी गिरावट देखने को मिला है। वहीं, बीते तीन वर्षों में ये आंकड़ा दो लाख के पार बना हुआ है।
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