People created ruckus at Bakkarwala toll of UER-2 | UER-2 के बक्करवाला टोल पर लोगों का हंगामा: एक दर्जन गांवों के लोगों ने महंगे टोल से छूट की मांग की, MLA ने मांगा एक हफ्ता वक्त – gurugram News

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हरियाणा से सटे यूईआर-2 के बक्करवाला टोल प्लाजा पर हंगामा करते ग्रामीण।

हरियाणा से सटे अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) के बक्करवाला टोल पर मंगलवार को लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। आसपास के गांवों के लोगों ने महंगे टोल रेट से रियायत देने की मांग की। उनके समर्थन में आसपास के गांवों के लोग भी खड़े हो गए हैं। कई घंटे तक लोगों ने

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इस विरोध प्रदर्शन में बक्करवाला, मुंडका, रानी खेड़ा, रसूलपुर, मदनपुर डबास, हिरण कूदना, नीलवाल, टिकरी कला, मोहम्मदपुर मजरी, घेवरा, मुबारकपुर डबास और अन्य गांवों के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसमें 360 गांव के प्रधान रामकुमार भी शामिल हुए। ग्रामीणों को विभागों, पुलिस से आश्वासन मिला है कि 31 अगस्त तक उनकी सभी शर्तें मानी जाएंगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शर्ते नहीं मानी गई, तब वह उग्र प्रदर्शन करेंगे।

विधायक ने एक सप्ताह का समय दिया

विरोध प्रदर्शन करने वाले गांव के निवासियों को शांत कराने के लिए पुलिस के कई स्थानीय अधिकारी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। विभाग के अधिकारी व इंजीनियर भी पहुंचे थे। साथ ही मुंडका विधानसभा के विधायक गजेंद्र दराल भी मौके पर पहुंचे। मुंडका गांव के निवासी विजय मान ने बताया कि कुछ शर्तों के तहत हमें आश्वासन दिया गया है।

इसके मद्देनजर एक सप्ताह तक यानी आगामी 31 अगस्त तक की तिथि तक क्षेत्र के ग्रामीणों को आधार कार्ड से टोल नाकों से आने-जाने की सुविधा देने का आश्वासन दिया गया। यदि इस तिथि तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया गया तब हम उग्र प्रदर्शन करेंगे पहले दिन से ही पुलिस तैनात है विरोध को देखते हुए एनएचएआई ने पहले दिन से ही यहां पर पुलिस सिक्योरिटी ले रही है। मंगलवार दोपहर को आसपास की फैक्ट्रियों के मालिक, ट्रांसपोर्टर और ड्राइवर बक्करवाला टोल पर पहुंचे और उन्हें इस महंगे टोल से छूट देने की मांग की, लेकिन टोल प्रबंधन की तरफ से उन्हें रियायत देने से मना कर दिया। दिल्ली और हरियाणा के वाहन प्रभावित इस टोल प्लाजा से दिल्ली के नरेला, बवाना, मुंडका और नजफगढ़ के साथ साथ गुरुग्राम और सोनीपत इंडस्ट्री एरिया के बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। जिसके कारण उनका आना जाना एक हजार रुपए तक का हो रह है। लोगों का आरोप है कि टोल शुल्क इतना अधिक है कि यह देश के किसी भी अन्य टोल प्लाजा की तुलना में कहीं ज्यादा है।

महंगा टोल आम लोगों और वाहन चालकों के लिए भारी आर्थिक बोझ बन रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टोल की ऊंची दरें उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं, खासकर उन लोगों को जो इस मार्ग का नियमित उपयोग करते हैं। 10 किमी के लिए भी टोल कुछ चालकों ने यह भी आरोप लगाया कि टोल की राशि के अनुपात में सड़क का प्रयोग कम होता है। अगर उन्हें नजफगढ़ से मुंडका तक जाना है तो 10 किमी के लिए भी उन्हें पूरा टोल देना पड़ रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए टोल प्लाजा पर पिछले दो दिनों से पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने लोगों को समझाया पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की और स्थिति को बिगड़ने से रोका। हालांकि, विरोध में उतरे लोगों का कहना है कि जब तक टोल शुल्क में कमी नहीं की जाती, उनका विरोध जारी रहेगा।एनएचएआई ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। टोल ऑपरेटरों का कहना है कि शुल्क राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के दिशानिर्देशों के अनुसार लिया जा रहा है।

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