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राजसमंद कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को कलेक्टर अरूण कुमार जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक लेते हुए।
राजसमंद के कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने राष्ट्रीय गैर-संचारी रोगों की रोकथाम कार्यक्रम और राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की।
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इस बैठक के दौरान बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान उन्होंने टीबी और अन्य कार्यक्रमों का भी रिव्यू किया।
कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
कलेक्टर ने कहा कि सरकार की मंशा अनुरूप मरीजों को उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने केलवाड़ा और देलवाड़ा ब्लॉक्स में धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को नियमित दौरे और सुधार करने के निर्देश दिए।उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं के क्लेम की मॉनिटरिंग और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, आभा आईडी लिंकिंग और कैंसर स्क्रीनिंग की गति बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही चेतावनी दी कि जो चिकित्सा अधिकारी पोर्टल पर लॉगिन नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम पर फोकस
राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने रोगियों की शत-प्रतिशत जियो-टैगिंग, बैंक विवरण अपडेट और निक्षय पोर्टल पर डेटा दर्ज करने के निर्देश दिए। बैठक में डॉ. सुरेश मीणा, महेंद्र खंगारोत, डॉ. रमेश रजक सहित जिले के सभी बीसीएमओ और चिकित्सा अधिकारी प्रभारी मौजूद रहे।
उत्कृष्ट कार्य पर सम्मान
बैठक में उत्कृष्ट कार्य के लिए
- सीएचसी कुरज के प्रभारी डॉ. प्रतीक टिकीवाल को “स्टार ऑफ द मंथ” सम्मान दिया गया।
- ब्लॉक भीम के बीसीएमओ डॉ. प्रवीण सैनी को राज्य स्तरीय स्वास्थ्य सूचकांकों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया।