SC on use of unfair means in exams Munna Bhai should remain inside | नकल पर सुप्रीम कोर्ट बोला- मुन्नाभाई अंदर ही रहे: अपने बदले दूसरे से परीक्षा दिलवाने पर फटकार लगाई, जमानत याचिका खारिज

Actionpunjab
4 Min Read


नई दिल्ली14 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
QuoteImage

मुन्नाभाई अंदर रहना चाहिए। ये सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह नष्ट कर रहे हैं। इनकी वजह से तमाम उम्मीदवार नुकसान झेलते हैं।

QuoteImage

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक जमानत याचिका खारिज करते हुए यह बात कही। याचिकाकर्ता पर दिसंबर 2024 में हुई उत्तर प्रदेश सीटीईटी परीक्षा में अपनी जगह प्रॉक्सी सॉल्वर यानी पेपर में अपने बदले दूसरे से परीक्षा दिलवाने का आरोप है।

जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने इस मामले में हिंदी फिल्म मुन्नाभाई एमबीबीएस का जिक्र किया। 2003 में आई इस फिल्म में संजय दत्त ने मुन्नाभाई का किरदार निभाया था, जिसने मेडिकल परीक्षा में अपनी जगह किसी दूसरे व्यक्ति को बैठाया था।

हाईकोर्ट पहले ही कर चुका जमानत याचिका खारिज

इससे पहले, इलाहाबाद हाईकोर्ट भी आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर चुका है। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि इस केस में तीन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ था। प्रॉक्सी उम्मीदवार सहित दो को जमानत मिल गई।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब मांगा है। हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि उसे झूठा फंसाया गया है। परीक्षा के दिन वह अस्पताल में भर्ती था। उसे पता ही नहीं था कि उसकी जगह कोई और परीक्षा में बैठ गया।

हाईकोर्ट ने अर्जी खारिज करते हुए कहा था कि परीक्षा में कोई दूसरा व्यक्ति बैठने से शिक्षा प्रणाली की अखंडता को ठेस पहुंचती है। समाज पर इसके गंभीर प्रभाव पड़ते हैं।

गड़बड़: केंद्र में बायोमैट्रिक मिलान नहीं होने पर पकड़ा

याचिकाकर्ता और अन्य पर एक प्रिंसिपल की शिकायत पर BNS और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ था। 15 दिसंबर, 2024 को स्कूल में आयोजित परीक्षा में संदिग्ध उम्मीदवार की सूचना मिली थी। जांच में बायोमैट्रिक मिलान नहीं हुआ। पता चला कि याचिकाकर्ता संदीप सिंह पटेल की जगह कोई अन्य व्यक्ति फर्जी प्रवेश पत्र का इस्तेमाल कर परीक्षा दे रहा था।

विवादों में रहीं हैं परीक्षाएं, लाखों अभ्यर्थी होते हैं तंग

  • राजस्थान में 2018 की जेल वार्डन परीक्षा में 1.7 लाख बच्चे बैठे। पेपर लीक हुआ। 70 लोग पकड़े गए।
  • 2021 की एसआई भर्ती में पेपर लीक व प्रॉक्सी पकड़े। 125 से अधिक गिरफ्तारियां। परीक्षा रद्द हुई।
  • रीट में पेपर लीक में 600 से अधिक जांच में आए। 123 शिक्षकों पर एफआईआर हुई।
  • उत्तर प्रदेश में 2021 में पेपर लीक के बाद यूपीटीईटी रद्द करनी पड़ी। 18.22 लाख अभ्यर्थी परेशान।
  • 2022 में शिक्षक भर्ती घोटाले में 203 चयनितों में से 202 की बीपीएड की डिग्री फर्जी मिली।
  • 2024 में कॉन्स्टेबल के 60 हजार पदों की परीक्षा का पर्चा लीक। परीक्षा रद्द हुई। 48 लाख अभ्यर्थी तंग हुए।
  • बिहार में 2023-24 में कॉन्स्टेबल भर्ती का पेपर लीक हुआ। 62 से अधिक संदिग्ध चिह्नित हुए।
  • 1300 से ज्यादा प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में 445 से अधिक अभ्यर्थियों के दस्तावेज फर्जी मिले।

——————————-

सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

सुप्रीम कोर्ट बोला- नेता को मोटी चमड़ी वाला होना चाहिए:तेलंगाना CM के खिलाफ याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा- नेताओं को मोटी चमड़ी का होना चाहिए। राजनीतिक लड़ाइयों के लिए सुप्रीम कोर्ट का उपयोग नहीं करना चाहिए। कोर्ट ने ये टिप्पणी भाजपा नेता द्वारा तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्‌डी के खिलाफ लगाई गई याचिका की सुनवाई के दौरान कही। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *