Committee-administration meeting for successful organization of Bharat Milap | भरत मिलाप के सफल आयोजन के लिए समिति-प्रशासन की बैठक: सड़क और खुले तारों की ठीक कराने की उठाई मांग, आयोजक बोले- इस बार लाठी चार्ज की स्थिति न हो उत्पन्न – Varanasi News

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वाराणसी में नाटी इमली स्थित एक लॉन में भरत मिलाप आयोजन को लेकर नाटी इमली चित्रकूट मेला समिति, काशी के पदाधिकारियों और काशी जोन पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आगामी भरत मिलाप पर्व की तैयारियों और पूर्व

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सड़क और लटकते तारों की ठीक करने की अपील

मेला समिति के व्यवस्थापक और सदस्यों ने भरत मिलाप आयोजन में आ रही समस्याओं को प्रमुखता से अधिकारियों के समक्ष रखा। समिति ने बताया कि आयोजन स्थल की ओर जाने वाली सड़कों की स्थिति बेहद खराब है, जिसकी मरम्मत न होने से रथ खींचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। साथ ही, जगह-जगह खुले व नीचे लटकते बिजली के तार गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा, सड़क किनारे लगे बेतरतीब पोस्टर-बैनर और अन्य अतिक्रमण रथ के मार्ग में बाधा उत्पन्न करते हैं।

काशी जोन के डीसीपी बोले- इस बार वाहनों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित, ड्रोन से होगी निगरानी।

काशी जोन के डीसीपी बोले- इस बार वाहनों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित, ड्रोन से होगी निगरानी।

समिति पदाधिकारी बोले- इस लाठीचार्ज करने की स्थिति न होने पाये उत्पन्न

समिति ने यह भी बताया कि बीते वर्षों में रथ खींचने वाले यादव बंधु कई बार इन समस्याओं के कारण घायल हो चुके हैं। इसलिए इस बार विशेष सतर्कता बरती जाए ताकि ऐसी घटनाएं न हों। साथ ही समिति ने यह भी मांग की कि किसी भी तरह की अफवाह या शरारती तत्वों से उत्पन्न हालातों से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सजग रहे, जिससे पिछले वर्ष की तरह किसी प्रकार की लाठीचार्ज की स्थिति न उत्पन्न हो।

अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओं को ठीक करने का दिया आश्वासन

पुलिस अधिकारियों ने समिति की सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इस बार आयोजन को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। अधिकारियों ने साफ किया कि सड़क मरम्मत, विद्युत तारों की मरम्मत और पोस्टर-बैनर हटवाने की कार्रवाई समय रहते की जाएगी। सुरक्षा के मद्देनज़र आयोजन स्थल और मार्ग पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।

समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रकार की कोताही होती है और किसी दुर्घटना की स्थिति बनती है तो इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह जिला प्रशासन की होगी। बैठक में मौजूद अधिकारियों ने इस बात को स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएंगी।

3 अक्टूबर को होगा भरत मिलाप का आयोजन।

3 अक्टूबर को होगा भरत मिलाप का आयोजन।

4:40 बजे होगा भाइयों का मिलाप

तीन अक्तूबर को अपराह्न 3:15 बजे धूपचंडी स्थित रामलीला मैदान में पुष्पक विमान का पूजन होगा। अपराह्न 3:45 बजे पुष्पक विमान पर सवार होकर राम, लक्ष्मण, जानकी अपने सेना प्रमुखों के समेत नाटी इमली के लिए प्रस्थान करेंगे। शाम चार बजे पुष्पक विमान का आगमन, उसी समय भरत, शत्रुघ्न का अयोध्यावासियों के साथ नाटी इमली के लिए प्रस्थान होगा। 4:30 बजे भरत, शत्रुघ्न नाटी इमली मैदान पहुंचेंगे। 4:40 बजे राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का मिलाप होगा। 4:50 बजे भरत मिलाप और शाम सात बजे आरती के साथ लीला संपन्न होगी।

यदुकुल के कंधे पर हो रहा रघुकुल का मिलन, 5 टन वजनी होता है पुष्पक विमान

बनारस के यादव बंधुओं का इतिहास तुलसीदास के काल से जुड़ा हुआ है। तुलसीदास ने बनारस के गंगा घाट किनारे रह कर रामचरितमानस तो लिख दी, लेकिन उस दौर में श्रीरामचरितमानस जन-जन के बीच तक कैसे पहुंचे ये बड़ा सवाल था। लिहाजा प्रचार प्रसार करने का बीड़ा तुलसी के समकालीन गुरु भाई मेघाभगत ने उठाया। जाति के अहीर मेघाभगत विशेश्वरगंज स्थित फुटे हनुमान मंदिर के रहने वाले थे। सर्वप्रथम उन्होंने ही काशी में रामलीला मंचन की शुरुआत की।

काशी नरेश भी होंगे लीला में शामिल।

काशी नरेश भी होंगे लीला में शामिल।

लाटभैरव और चित्रकूट की रामलीला तुलसी के दौर से ही चली आ रही है। जिस पुष्पक विमान को यादव बंधु उठाते हैं उसकी वजन ही 5 टन होती है। पिछले 227 सालों से काशी नरेश शाही अंदाज में इस लीला में शामिल होते रहे। पूर्व काशी नरेश महाराज उदित नारायण सिंह ने इसकी शुरुआत की थी। 1796 में वह पहली बार इस लीला में शामिल हुए थे। तब से उनकी पांच पीढ़ियां इस परंपरा का निर्वहन करती चली आ रही हैं।

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