18 मिनट पहले
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हिंद महासागर में मौजूद मेडागास्कर के राष्ट्रपति आंद्री राजोएलिना ने रविवार को कहा कि कुछ लोग तख्तापलट की कोशिश कर रहे हैं। इसका खुलासा शनिवार को हुआ जब, सेना की एक स्पेशल यूनिट के कुछ जवान देश में जारी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए।
राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ लोग गैर-कानूनी तरीके से सत्ता हथियाना चाहते हैं। उन्होंने इसे देश के लिए खतरा बताया और लोगों से एकजुट होकर कानून और देश की रक्षा करने को कहा।
पिछले तीन हफ्तों से मेडागास्कर में लोग सड़कों पर हैं। ‘जेन जेड मेडागास्कर’ नाम का ग्रुप सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है।
इन लोगों का कहना है कि बिजली, पानी जैसी बुनियादी चीजें नहीं मिल रही हैं और सरकार पर भ्रष्टाचार करके अपने लोगों को फायदा दे रही है।
संयुक्त राष्ट्र (UN) का कहना है कि इन प्रदर्शनों में 22 लोग मारे गए और कई घायल हुए। लेकिन सरकार का कहना है कि यह आंकड़ा गलत है।
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ताइवान के समुद्री और हवाई इलाके में घुसे 16 चीनी सैन्य विमान, 8 युद्धपोत

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने आज सुबह अपने समुद्री और हवाई इलाके के आसपास 16 चीनी सैन्य विमान, 8 युद्धपोत, और 1 सरकारी जहाज देखे। इनमें से 13 विमानों ने ताइवान स्ट्रेट की बीच मेडियन लाइन को पार किया और ताइवान के उत्तरी, दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी हवाई क्षेत्र (ADIZ) में घुस गए।
ताइवान ने X पर लिखा- आज सुबह 6 बजे तक 16 चीनी विमान, 8 युद्धपोत और 1 सरकारी जहाज ताइवान के पास थे। 16 में से 13 विमान मेडियन लाइन पार करके हमारे उत्तरी, दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी हवाई क्षेत्र में घुसे। हम नजर रख रहे हैं और जवाब दे रहे हैं।
इससे पहले शनिवार को भी ताइवान ने 7 चीनी विमान, 8 युद्धपोत, और 1 सरकारी जहाज देखे थे। इनमें से 3 विमानों ने मेडियन लाइन पार कर उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया था।
ताइवान ने तब X पर कहा कि शनिवार सुबह 6 बजे तक 7 चीनी विमान, 8 युद्धपोत और 1 सरकारी जहाज दिखे। 7 में से 3 ने मेडियन लाइन पार की। हमने निगरानी की और जवाब दिया।
ताइपे टाइम्स के मुताबिक, ताइवान के डिफेंस एक्सपर्ट एलेक्जेंडर हुआंग ने कहा कि चीन कुछ पनडुब्बियों से ताइवान को घेरने (ब्लॉकेड) की कोशिश नहीं कर सकता।
अमेरिका के बार में गोलीबारी, चार लोगों की मौत; 20 से ज्यादा घायल

अमेरिका के दक्षिण कैरोलिना के सेंट हेलेना आइलैंड पर विलीज बार एंड ग्रिल में रविवार सुबह गोलीबारी की घटना हुई। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
शेरिफ ऑफिस के मुताबिक, जब पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां कई लोग गोली लगने से घायल थे। कई लोग गोलीबारी से बचने के लिए पास की दुकानों और घरों में छिप गए।
वहीं, ब्यूफोर्ट काउंटी शेरिफ कार्यालय ने सोशल मीडिया पर कहा- यह बहुत दुखद घटना है। हम इसकी जांच कर रहे हैं और सभी से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं। हमारी संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं।
घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों में से चार की हालत गंभीर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। मरने वालों के नाम अभी नहीं बताए गए हैं।
कैलिफोर्निया के बीच पर हेलिकॉप्टर बेकाबू होकर पेड़ों से टकराया, 5 घायल

कैलिफोर्निया के हंटिंगटन बीच के ऊपर एक हेलिकॉप्टर बेकाबू होकर घूमने लगा और समुद्र तट के किनारे पेड़ों और सीढ़ियों के बीच जा टकराया।
इसका एक वीडियो वायरल हो रहा है। हंटिंगटन बीच फायर डिपार्टमेंट के अनुसार, हादसे में पांच लोग घायल हुए, जिनमें हेलिकॉप्टर में सवार दो लोग शामिल हैं, जिन्हें मलबे से सुरक्षित निकाला गया।
सड़क पर मौजूद तीन अन्य लोग भी घायल हुए, लेकिन उनकी चोटों की जानकारी अभी नहीं मिली है। दुर्घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।
ट्रम्प के 100% टैरिफ लगाने पर चीन बोला- लड़ने से नहीं डरते, जरूरत पड़ने पर जवाबी कदम उठाएंगे

चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नए टैरिफ फैसले की कड़ी आलोचना की और कहा कि अमेरिका मनमाने दोहरे मापदंड अपना रहा है।
दरअसल, ट्रम्प ने शुक्रवार देर रात घोषणा की थी कि 1 नवंबर से चीन से आने वाले सभी उत्पादों पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी सॉफ्टवेयर और तकनीक पर कड़े निर्यात नियंत्रण भी लागू करने की बात कही।
ट्रम्प ने कहा कि यह कदम चीन की आक्रामक व्यापार नीतियों का जवाब है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजिंग दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाकर दुनिया को बंधक बनाने की कोशिश कर रहा है।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका के फैसले से चीन के हितों को गंभीर नुकसान पहुंचेगा और द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं का माहौल बिगड़ेगा। मंत्रालय ने कहा, ‘चीन लड़ना नहीं चाहता, लेकिन डरता भी नहीं है। जरूरत पड़ने पर जवाबी कदम उठाए जाएंगे।’
बीजिंग ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका लगातार चीनी कंपनियों को प्रतिबंध और एक्सपोर्ट कंट्रोल सूची में डाल रहा है, जिससे व्यापार संबंध अस्थिर हो रहे हैं।
चीन ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका पीछे नहीं हटता, तो वह अमेरिकी जहाजों पर विशेष पोर्ट शुल्क लगाएगा और अपने हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगा।
यह तनाव ऐसे समय बढ़ा है जब ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अगले महीने दक्षिण कोरिया में मुलाकात की संभावना जताई जा रही थी। हालांकि, ट्रम्प अब इस बैठक को रद्द करने की धमकी दे चुके हैं।
मिस्र में कार दुर्घटना में कतर के 3 राजनयिकों की मौत; गाजा पीस समिट से पहले हुआ हादसा

मिस्र के रिसॉर्ट शहर शर्म अल शेख के पास रविवार को एक कार दुर्घटना में तीन कतरी राजनयिकों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, राजनयिकों की कार शहर से लगभग 50 किलोमीटर दूर एक मोड़ पर पलट गई। यह हादसा गाजा पीस प्लान के समझौते को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को आयोजित होने वाले बातचीत से एक दिन पहले हुआ है।
हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि मृत राजनयिक कतर की उस वार्ता टीम का हिस्सा थे या नहीं, जिसने मिस्र के अधिकारियों के साथ मिलकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के गाजा योजना के पहले चरण के लिए इस सप्ताह एक समझौता किया था।
शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प करेंगे। शनिवार को जारी एक बयान के अनुसार, इस सम्मेलन में 20 से अधिक देशों के नेता शामिल होंगे।
इसका मकसद गाजा में युद्ध समाप्त करना, मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय सुरक्षा लाना है। हालांकि, हमास ने घोषणा की है कि वह मिस्र में गाजा शांति समझौते के आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह में शामिल नहीं होगा।
हमास के एक वरिष्ठ नेता ने ट्रम्प की योजना के कुछ हिस्सों से असहमति जताई है। टाइम्स ऑफ इजराइल की एक रिपोर्ट के अनुसार, हमास नेताओं ने अपनी सदस्यों को गाजा छोड़ने के प्रस्ताव को “बेतुका” बताकर खारिज कर दिया।
ट्रम्प ने बुधवार को घोषणा की थी कि इजराइल और हमास ने उनकी 20-सूत्रीय योजना के पहले चरण पर सहमति जता ली है, जिसे 29 सितंबर को पेश किया गया था। इस योजना का उद्देश्य गाजा में युद्धविराम, सभी इजराइली बंधकों की रिहाई के बदले लगभग 2,000 फलस्तीनी कैदियों की रिहाई, और इजराइली सेनाओं की धीरे-धीरे वापसी है।
पहला चरण शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर 12 बजे (0900 GMT) से लागू हो गया। योजना का दूसरा चरण गाजा में नई शासन व्यवस्था स्थापित करना, फलस्तीनी कर्मियों और अरब-इस्लामी देशों के सैनिकों से मिलकर एक सुरक्षा बल बनाना, और हमास का निरस्त्रीकरण सुनिश्चित करना है।
अफगान सैनिकों का पाकिस्तानी चौकियों पर हमला: दावा- 12 सैनिक मारे; PAK गृहमंत्री की चेतावनी- अफगानिस्तान को भारत जैसा करारा जवाब देंग

अफगानिस्तान सैनिकों ने शनिवार देर रात डूरंड लाइन के पास कई पाकिस्तानी बॉर्डर पोस्ट पर गोलाबारी की। तालिबान का कहना है कि पाकिस्तान ने तीन दिन पहले उनके देश में हवाई हमले किए थे, जो गलत है। इसलिए ये जवाबी कार्रवाई की गई है।
अफगान मीडिया टोलो न्यूज के मुताबिक, इस हमले में 12 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। तालिबान लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना की 2 सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया। वहीं, डूरंड लाइन के पार कुनार और हेलमंद प्रांतों में भी पाकिस्तानी चौकियां तबाह कर दीं।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा- हमारा ऑपरेशन आधी रात को खत्म हो गया। अगर पाकिस्तान ने फिर से अफगानिस्तान सीमा का उल्लंघन किया, तो हमारी सेना देश की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं, पाकिस्तानी सरकारी मीडिया के अनुसार, पाक सेना ने अफगानिस्तान की 19 सीमा चौकियों पर कब्जा कर लिया। पूरी खबर पढ़ें…
गाजा से बंधकों की रिहाई कल से: 20 जीवित, 28 शव सौंपेंगे; हमास नेता बोले- ट्रम्प की योजना के कुछ हिस्सों से असहमत

गाजा सीजफायर समझौते के पहले चरण के तहत 48 बंधकों की रिहाई सोमवार सुबह से शुरू हो सकती है, जिनमें से 20 जीवित व्यक्ति और 28 शव सौंपे जाएंगे। इजराइली सेना ने शुक्रवार दोपहर तक गाजा से अपनी प्रारंभिक वापसी पूरी कर ली, जिसके बाद हमास को 72 घंटे का समय दिया गया है।
दूसरी ओर, हमास ने मिस्र में सोमवार को होने वाले गाजा पीस समिट के आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह (दूसरा चरण) में शामिल होने से इनकार कर दिया है। संगठन के वरिष्ठ नेता होस्साम बडरान ने कहा कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की योजना के कुछ हिस्सों से असहमत हैं।
बडरान ने कहा, ‘फिलिस्तीनियों को (हमास का सदस्य हो या नहीं) उनकी जमीन से निकालने की बात बेतुकी है।’ उन्होंने समझौते के दूसरे चरण की बातचीत को जटिल और कठिन बताया। हमास के एक दूसरे अधिकारी ने कहा कि संगठन का निरस्त्रीकरण (हथियार छोड़ना) बिल्कुल असंभव है, भले ही वे गाजा की सत्ता छोड़ दें। पूरी खबर पढ़ें…
अफगान विदेशमंत्री की प्रेस-कॉन्फ्रेंस, महिला पत्रकार पहली लाइन में बैठीं:मुत्तकी बोले- पिछली बार समय कम था, इसलिए सबको नहीं बुलाया

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने रविवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें महिला पत्रकारों को भी बुलाया गया। प्रेस-कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकार पहली लाइन में बैठीं थीं।
इससे पहले शुक्रवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को नहीं बुलाया गया था। इस पर विवाद भी खड़ा हो गया था। मुत्तकी ने पिछली बार महिला पत्रकारों को न बुलाने पर सफाई भी दी।
उन्होंने बताया कि यह सिर्फ तकनीकी कारणों से हुआ था। पिछली बार पत्रकारों की छोटी लिस्ट तैयार की गई थी, क्योंकि समय कम था। इसके अलावा कोई दूसरा इरादा नहीं था। यहां पढ़ें पूरी खबर…