बीजिंग3 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

चीन ने जनरल हे वेईदोंग और नौसेना एडमिरल मियाओ हुआ को सेना से निकाल दिया है।
चीन में शुक्रवार को दो टॉप मिलिट्री अफसर समेत 7 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। रॉयटर्स के मुताबिक, इनमें जनरल हे वेईदोंग और नौसेना एडमिरल मियाओ शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है।
इन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में सेना और कम्युनिस्ट पार्टी और सेना से निकाला गया है। यह 2023 में शुरू हुई राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एंटी-करप्शन मुहिम के तहत सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
हे वेइडॉन्ग चीन की सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के वाइस चेयरमैन थे, जो पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में दूसरा बड़ा पद है। यह कमीशन राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में सेना की सर्वोच्च कमान संभालता है। वे मार्च 2025 से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे।
एडमिरल मियाओ नौसेना के एडमिरल और सेना के पूर्व शीर्ष राजनीतिक अधिकारी थे। वे जून में CMC से हटाए गए थे और नवंबर 2023 से जांच के घेरे में थे।

चीन ने भ्रष्टाचार के आरोपों 7 अधिकारियों को कम्युनिस्ट पार्टी और सेना से निकाल दिया है। (फाइल फोटो)
हे वेईदोंग राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी
हे वेईदोंग को शी जिनपिंग का करीबी सहयोगी माना जाता है। दोनों ने 1990 के दशक में फुजियान और झेजियांग प्रांतों में साथ काम किया था। हे को 2022 में सीधे CMC के उपाध्यक्ष के पद पर बैठाया गया था, जो आमतौर पर हाई कमिशन में सर्विस के बाद ही मिलता है।

जनरल हे वेईदोंग।
जनरल मियाओ को खुद जिंगपिंग ने चुना था
जनरल मियाओ हुआ चीन की सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के सदस्य और इसके पॉलिटिकल वर्क डिपार्टमेंट के डायरेक्टर थे। उन्हें नवंबर 2024 से भ्रष्टाचार की वजह से जांच के दायरे में रखा गया था।
मियाओ चीनी आर्मी में कम्युनिस्ट पार्टी की विचारधारा के मैनेजमेंट के लिए जिम्मेदार थे। मियाओ को खुद राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने व्यक्तिगत तौर पर चुना था और उनका करियर शी के सत्ता में आने के बाद तेजी से आगे बढ़ा था।
निष्कासित किए गए 5 अन्य अधिकारी
- हे हॉन्गजुन (PLA के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी)
- वांग शीउबिन (सीएमसी जॉइंट ऑपरेशंस कमांड सेंटर)
- लिन शियांगयांग (पूर्व ईस्टर्न थिएटर कमांडर)
- PLA और नौसेना के दो पूर्व राजनीतिक कमिश्नर (अभी नाम सामने नहीं आए)

जनरल मियाओ हुआ।
शी जिनपिंग का ‘क्लीनिंग हाउस’ मिशन
चीन के विश्लेषकों का कहना है कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सेना और पार्टी में भ्रष्टाचार को कम करने के मिशन का हिस्सा है।
अटलांटिक काउंसिल के ग्लोबल चाइना हब के एक्सपर्ट वेन-टी सुंग ने कहा, ‘शी जिनपिंग निश्चित रूप से पार्टी की सफाई कर रहे हैं। हे और मियाओ को हटाने के बाद अब वह सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में नई नियुक्तियां कर सकेंगे, जो मार्च से आधा खाली पड़ा है।’
यह घोषणा कम्युनिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमेटी की चौथी बैठक से कुछ दिन पहले आई है, जहां इससे जुड़े और फैसले लिए जाएंगे।
चीन ने नेवी के चीफ और नेशनल न्यूक्लियर के डिप्टी चीफ को हटाया था
इससे पहले चीन ने एंटी करप्शन प्रोग्राम के तहत सेना के दो सीनियर अधिकारियों को पद से हटा दिया था। इनमें नेवी के चीफ ऑफ स्टाफ वाइस एडमिरल ली हानजुन और चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉरपोरेशन के डिप्टी चीफ इंजीनियर लियू शिपेंग शामिल थे।
इन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार की वजह से एक्शन लिया गया था। चीन को डर था कि भ्रष्टाचार की वजह से चीन की सेना कमजोर हो रही है। इसलिए 2023 से सेना में एंटी करप्शन ड्राइव चल रही है। इसके तहत अब तक कई अधिकारियों को हटाया जा चुका है।
रक्षा मंत्री पर भी लगा था भ्रष्टाचार का आरोप
राष्ट्रपति बनने के बाद से ही शी जिनपिंग सेना में फैले भ्रष्टाचार की रोकथाम में लगे हैं। साल 2024 में चीन के रक्षा मंत्री डोंग जुन का भी एंटी करप्शन ड्राइव में नाम आया था, जिसके बाद उनके खिलाफ जांच बैठाई गई थी। इससे पहले दो पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू और वेई फेंगहे को पद से हटा दिया गया था।
शी का टारगेट सेना में कम्युनिस्ट पार्टी के लिए वफादारी तय करना और इसे ग्लोबल सुपर पावर बनाना है। एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार को खत्म करने के साथ-साथ शी जिनपिंग की सत्ता को और मजबूत करने का हिस्सा है।

डोंग जुन दिसंबर 2023 में रक्षा मंत्री बने थे। वे चीन के तीसरे रक्षा मंत्री थे, जिनके खिलाफ इस तरह की जांच शुरू की गई थी।
चीन लगातार अपनी सेना को आधुनिक बना रहा
चीन लगातार अपनी सेना का आधुनिकीकरण कर रहा है। चीन ने इस साल के अपने सालाना रक्षा बजट में 7.2% की बढ़त की है। इस साल यह 249 अरब डॉलर (1.78 ट्रिलियन युआन) हो गया। यह भारत के 79 अरब डॉलर के सैन्य बजट के मुकाबले करीब 3 गुना ज्यादा है।
एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि चीन का वास्तविक डिफेंस खर्च उसकी तरफ से बताए गए खर्च से 40-50% ज्यादा है। चीन अपने सैन्य खर्च को कम दिखाने के लिए अलग-अलग सेक्टर के तहत धन आवंटित करता है।
चीन अमेरिका के बाद सेना पर सबसे ज्यादा खर्च करता है। अमेरिका का रक्षा बजट 950 अरब डॉलर के करीब है। जो चीन के बजट से 4 गुना से भी ज्यादा है।
———————————
ये खबर भी पढ़ें…
ट्रम्प का चीन पर 100% टैरिफ, 1 नवंबर से लागू: रेयर खनिज निर्यात पर कंट्रोल से नाराज, कहा- चीन दुनिया को बंधक बनाने की कोशिश में

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि नया टैरिफ 1 नवंबर से लागू होगा। चीन से अमेरिका आने वाले सामानों पर पहले से 30% टैरिफ लग रहा है। ऐसे में चीन पर कुल 130% टैरिफ लगेगा। पूरी खबर पढ़ें…