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किसानों को फसलों का वाजिब दाम दिलाने के लिए केंद्र सरकार हर साल सरकारी खरीद कर रही है। गत पांच वर्षों में सबसे ज्यादा समर्थन मूल्य रागी फसल के 44 प्रतिशत तक बढ़ाए गए हैं। सबसे कम चना की फसल में 11 प्रतिशत से कम बढ़ोतरी हुई है।
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हालांकि खरीफ व रबी सीजन की अन्य अधिकांश फसलों में 20 से 35 प्रतिशत तक समर्थन मूल्य बढ़ाए गए हैं। ताकि किसानों की लागत निकाली जा सके। सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) वर्ष 2021-22 से लेकर अनुमानित 2025-26 तक के आंकड़ों को देखें तो खरीफ, रबी और वाणिज्यिक फसलों के मूल्य में लगातार वृद्धि हुई है। इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है।
सर्वाधिक समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी वाली फसलों में पहले स्थान पर रागी है। रागी में पांच साल में 1500 से ज्यादा रुपए बढ़ाए गए हैं। 2021 में इसका समर्थन मूल्य 3377 रुपए क्विंटल था। जबकि वर्ष 2025 में बढ़कर अब 4886 रुपए क्विंटल है। इसमें 44.69% बढ़ोतरी की गई है। इसी तरह तिल में 34.75% प्रतिशत बढ़ोतरी की गई। इसमें पांच साल में 2539 रुपए बढ़ाए गए।
अब सरकारी खरीद 7307 रुपए से बढ़कर 9846 रुपए प्रति क्विंटल हो चुकी है। ज्वार में 35.93% प्रतिशत की वृद्धि हुई। वर्ष 2021 में 2758 रुपए के भाव थे, जिसे अब 3749 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इसमें 991 रुपए की दर से 35.93% बढ़ोतरी हुई है। काला तिल के समर्थन मूल्य में 37.62% और अरहर में 26.98% की बढ़ोतरी की गई है। अरहर जहां पांच साल पहले 6300 रुपए प्रति क्विंटल के भाव खरीदी जाती थी, जिसके लिए अब 8000 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किए गए हैं। वहीं, सबसे कम समर्थन मूल्य बढ़ोतरी वाली फसलों में चना, धान, गेहूं, कपास और जूट शामिल हैं।
चने में पांच साल में सिर्फ 550 रुपए बढ़ाए गए हैं। वर्ष 2021 में 5100 रुपए के भाव थे और वर्ष 2025 में यह बढ़कर 5650 रुपए प्रति क्विंटल हुए हैं। इसी तरह कपास में 1984 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। 34.65 प्रतिशत बढ़ोतरी के बाद भी इसके भाव 7710 से 8110 रुपए प्रति क्विंटल ही हो पाए हैं।
गेहूं से ज्यादा समर्थन मूल्य बाजरा का बढ़ाया
बाजरा मोटे अनाज की श्रेणी में है, जिस पर सरकार पोषण सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान दे रही है, लेकिन राजस्थान में इसकी सरकारी खरीद नहीं हो रही। इसका समर्थन मूल्य वर्ष 2021-22 में 2250 रुपए से बढ़कर अब 2025-26 में 2775 रुपए क्विंटल कर दिया गया है। इसमें 23.33% बढ़ोतरी हुई है। जबकि गेहूं में 20.35% बढ़ोतरी की गई है। इसी तरह सरसों का समर्थन मूल्य 2021-22 में 4650 था, जिसे बढ़ाकर 5950 रुपए किया गया है।