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सातारा8 मिनट पहले
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मृतक महिला डॉक्टर की की हथेली पर इंस्पेक्टर गोपाल बदने और प्रशांत बांगर का नाम लिखा मिला था।
महाराष्ट्र के सातारा में सुसाइड करने वाले महिला डॉक्टर पर एक महिला भाग्यश्री पचंगने ने पोस्टमॉर्टम की फर्जी रिपोर्ट पर साइन करने के आरोप लगाए हैं। भाग्यश्री का दावा है कि उसकी बेटी की मौत को नेचुरल बताया गया था, लेकिन उसकी हत्या हुई थी। डॉक्टर पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बदलने का दबाव था।
वहीं, महिला डॉक्टर के सुसाइड केस में अबतक दो गिरफ्तारी हो चुकी हैं। 25 अक्टूबर की रात फरार सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदने ने फलटण ग्रामीण पुलिस थाने में सरेंडर किया था। 26 अक्टूबर को उसे अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे 30 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया।
25 अक्टूबर की दोपहर को ही पुलिस ने प्रशांत बांकर को गिरफ्तार किया था। पीड़ित जिस मकान में रहती थी, प्रशांत उस मकान मालिक का बेटा है। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। उस पर पीड़ित का रेप करने और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज है।
दरअसल, फलटण सिविल अस्पताल में पदस्थ महिला डॉक्टर ने 23 अक्टूबर को शहर के एक होटल में सुसाइड किया था। उसकी हथेली पर गोपाल बदने और प्रशांत बांकर के नाम लिखे थे। पीड़ित ने लिखा था कि गोपाल ने पिछले 5 महीने में 4 बार उसका रेप किया।
वहीं, प्रशांत पर मेंटल हैरेसमेंट का आरोप लगाया था। इसके अलावा 4 पेज के सुसाइड नोट में एक सांसद और उसके दो PA पर भी आरोप लगाए हैं कि ये सभी उस पर अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए आने वाले आरोपियों के फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने का दबाव बनाते थे।

पीड़ित की हथेली पर इंस्पेक्टर गोपाल बदने और प्रशांत बांगर का नाम लिखा मिला था।
अब जानिए क्या है भाग्यश्री पचंगने का आरोप…
भाग्यश्री ने बताया कि मेरी बेटी दीपाली की शादी इंडियन आर्मी ऑफिसर अजिंक्य हनमंत निंबालकर से हुई थी। 17 अगस्त को दामाद ने पर बताया कि दीपाली की हालत गंभीर है। उसे फलटन के राउत हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। दीपाली 6 महीने की प्रेग्नेंट थी, हमने सोचा उसकी तबीयत बिगड़ी होगी।
19 अगस्त को बेटी के सुसाइड करने की खबर मिली। हम लोग अस्पताल पहुंचे। वहां दीपाली के देवर ने बताया कि दीपाली ने सुसाइड किया है, लेकिन मुझे पूरा यकीन है कि बेटी की हत्या की गई है। बेटी को उसके पति और ससुराल वाले लगातार मेंटल और फिजिकल एब्यूज करते थे।
बेटी की मौत के 5 दिन बाद भी पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं दी थी। करीब एक महीने बाद बेटी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिली, लेकिन उसमें मौत नेचुरल दिखाई गई, जो कि गलत है। बेटी के पति अजिंक्य निंबालकर ने अपने पॉलिटिकल और पुलिस कनेक्शन का इस्तेमाल करके मामला दबाया है। महिला डॉक्टर पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बदलने का दबाव था।

सब इंस्पेक्टर गोपाल बदने पर रेप का आरोप है।
डॉक्टर ने लिखा- सांसद के दो पीए अस्पताल आए
बीड जिले की रहने वाली महिला डॉक्टर ने सुसाइड नोट में लिखा है…
सांसद के दोनों पर्सनल असिस्टेंट अस्पताल आए थे। दोनों ने अन्य केस से जुड़े आरोपियों के फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने का दबाव बनाया। जो आरोपी अस्पताल नहीं आए उनके भी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने का बोलते थे। मैंने ऐसा करने से मना किया तो मेरी सांसद से फोन पर बात कराई थी।

रिश्तेदारों का दावा- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बदलने का प्रेशर था
डॉक्टर के रिश्तेदार ने कहा- उस पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बदलने और गिरफ्तार आरोपियों की मेडिकल रिपोर्ट में हेरफेर का दबाव डाला जा रहा था।
डॉक्टर के चचेरे भाई ने कहा कि उसने इस मामले में सातारा एसपी और डीएसपी से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसने लेटर में लिखा था- अगर उसके साथ कुछ हुआ तो जिम्मेदारी कौन लेगा।
एक और रिलेटिव ने कहा-
काम के तनाव में थी और सीनियर उसे परेशान करते थे। उसने इस मामले और पुलिस से हो रही दिक्कत के बारे में पहले भी अपने सीनियर डॉक्टरों से शिकायत की थी। उससे हो रहे गलत व्यवहार की शिकायत की थी। उसने कहा भी था कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो वह आत्महत्या कर लेगी।

होटल स्टाफ ने दूसरा चाबी से दरवाजा खोला
SP दोशी ने बताया था कि डॉक्टर ने फलटण के एक होटल में कमरा लिया था। जब स्टाफ ने दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला। शक होने पर दूसरी चाबी से दरवाजा खोला गया तो वह फांसी के फंदे से लटकी मिली थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया था।

मुंबई के KEM अस्पताल के बाहर शनिवार को डॉक्टर्स ने प्रदर्शन किया।
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