The man said to Buddha, I am unable to meditate., life management tips about meditation, significance of meditation | बुद्ध से व्यक्ति ने कहा- मैं ध्यान नहीं कर पाता: बुद्ध की सीख- विचार मन का भोजन हैं, जब तक हम बहुत ज्यादा सोच-विचार करेंगे, ध्यान नहीं कर पाएंगे

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14 घंटे पहले

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शांत वातावरण में गौतम बुद्ध का एक सत्संग चल रहा था। प्रवचन सुन रहे लोगों के चेहरे पर जिज्ञासा थी। तभी एक युवक आगे आया और बोला- तथागत, जब मैं ध्यान करने बैठता हूं तो मन नहीं लगता है।

बुद्ध बोले – फिर से कहो।

युवक ने वही बात दोहराई — ध्यान करने बैठो तो मन नहीं लगता है।

बुद्ध ने कहा – एक बार और कहो।

युवक ने तीसरी बार भी यही बात कही।

अब बुद्ध बोले- मन का भोजन विचार हैं। यदि तुम मन को उसका भोजन देना बंद कर दो, तो मन निष्क्रिय हो जाएगा और तभी सच्चा ध्यान घटेगा।

बुद्ध ने भी उस व्यक्ति को ये बात तीन बार कही।

सत्संग में बैठे सभी लोग ये बातें सुन रहे थे और सभी सोच रहे थे कि बुद्ध ने तीन बार प्रश्न क्यों पूछा और फिर उत्तर भी तीन बार क्यों दिया। ये बात एक व्यक्ति ने बुद्ध से पूछी।

बुद्ध बोले – मेरा अनुभव है कि अधिकांश लोग प्रश्न केवल बोलने के लिए पूछते हैं, समझने के लिए नहीं। वे या तो अपनी बुद्धिमत्ता दिखाना चाहते हैं या सिर्फ जिज्ञासा शांत करना चाहते हैं। मैं प्रश्न तीन बार इसलिए सुनता हूं कि ये परख सकूं कि क्या व्यक्ति सचमुच अपने प्रश्न को जी रहा है या सिर्फ ऐसे ही कह रहा है। इसके बाद मैं उत्तर तीन बार इसलिए देता हूं, ताकि मेरी बात उसके मन में गहराई तक उतर जाए। जब कोई बात बार-बार सुनाई देती है, तब वह मन में स्थायी रूप से बस जाती है।

बुद्ध की सीख

बुद्ध ने कहा कि मन का भोजन विचार हैं। हमारा मन निरंतर विचारों से भरा रहता है, ये विचार बुरी भावनाएं, भविष्य, रिश्ते, असफलता, और सफलता से जुड़े होते हैं। ये सब मिलकर हमारे मन को शांत नहीं होने देते हैं। अगर हम हर दिन कुछ समय विचारों का प्रवाह रोक दें, तो मन स्वयं शांत होने लगता है और हम ध्यान कर सकते हैं।

जो व्यक्ति अपने विचारों पर नियंत्रण पा लेता है, वही अपने जीवन की दिशा को नियंत्रित कर सकता है।

समस्या को ठीक समझें

जब बुद्ध युवक से बार-बार प्रश्न दोहरवाते हैं, तो वह युवक अपने ही प्रश्न के साथ जुड़ने लगता है। पहली बार उसने प्रश्न पूछा, दूसरी बार में उसने उसे महसूस किया और तीसरी बार में वह प्रश्न उसके भीतर उतर गया। वह समस्या को ठीक से समझ गया। इसके बाद बुद्ध ने उसे तीन बार उत्तर दिया, जिससे उस व्यक्ति को अपनी समस्या का समाधान भी अच्छी तरह समझ आ गया। समस्या को समझेंगे तो समाधान भी आसानी से मिल जाएगा।

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