Amritsar Pakistan receive passports SGPC office express happiness Update | SGPC ने श्रद्धालुओं को बांटे पासपोर्ट: अमृतसर से 4 नवंबर को पाकिस्तान जाएगा जत्था; ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करेगा – Amritsar News

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SGPC ने श्रद्धालुओं को बांटे पासपोर्ट

गुरु नानक देव जी की जयंती के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना होने वाले जत्थे के श्रद्धालु आज यानी 31 अक्टूबर अमृतसर स्थित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) कार्यालय पहुंचे। श्रद्धालुओं ने अपने पासपोर्ट प्र

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एसजीपीसी ने पहले ही घोषणा की थी कि 4 नवंबर को जत्था रवाना होगा और 13 नवंबर को भारत लौटेगा। पाकिस्तान सरकार की ओर से लगभग 1800 पासपोर्ट में से 1794 संगतों को सरकार द्वारा वीजे जारी कर दिए गए हैं। ​

श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल

पासपोर्ट प्राप्त करने आए श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल देखने को मिला। बरनाला से आए श्रद्धालु सुरजीत सिंह भावुक होते हुए बोले, मैं पहली बार पाकिस्तान जा रहा हूं। इस बार वीजा मिल गया, बहुत खुशी हो रही है। महाराज जी के आगे अरदास करते हैं कि जितने भी संगत जाए गी, सबकी यात्रा शुभ हो और सभी को गुरु दर्शनों का सुख मिले।

(एसजीपीसी) कार्यालय पासपोर्ट लेने पहुंची संगत

(एसजीपीसी) कार्यालय पासपोर्ट लेने पहुंची संगत

सीमा खुलते ही पाकिस्तान के ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन को उत्साहित संगत

गुरु नानक देव जी की जयंती के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना होने वाले जत्थे के इंचार्ज स. कुलविंदर सिंह ने बताया कि इस बार संगत में अत्यधिक उत्साह और खुशी है। उन्होंने कहा कि पहले युद्ध की स्थिति के दौरान सीमा बंद हो जाने के कारण श्रद्धालु पाकिस्तान नहीं जा पाए थे, लेकिन अब जब सीमा खुल गई है, तो संगत में आनंद और उमंग का माहौल है।

कुलविंदर सिंह ने आगे बताया कि 4 नवंबर को जत्था सुबह 8:30 बजे अमृतसर स्थित एसजीपीसी कार्यालय से रवाना किया जाएगा और गुरुद्वारा ननकाना साहिब, गुरुद्वारा पंजा साहिब, गुरुद्वारा डेरा साहिब और गुरुद्वारा करतारपुर साहिब समेत कई पवित्र स्थलों के दर्शन करेगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से निवेदन किया कि कृपया सुबह समय पर पहुंच जाएं।

उन्होंने संगत से यह भी अपील की कि यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालु जत्थे के साथ ही रहें और किसी भी कारणवश जत्थे से अलग न हों। यह पवित्र यात्रा केवल गुरु दर्शन और आध्यात्मिक उद्देश्य के लिए की जा रही है, इसलिए सभी श्रद्धालु अनुशासन और श्रद्धा बनाए रखें।

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