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धौलपुर का ऐतिहासिक शरद मेला इस वर्ष अव्यवस्थाओं और देरी का शिकार हो गया है। दीपावली का त्योहार बीत जाने के बावजूद अभी तक मेले का शुभारंभ नहीं हो पाया है। यह मेला, जो धौलपुर की संस्कृति और धरोहर का हिस्सा है, पिछले दो वर्षों से नगर परिषद द्वारा ठेके प
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मेला स्थल पर भी तैयारियां अधूरी हैं। मंच के आसपास और झूलों के लिए निर्धारित स्थानों पर कीचड़ फैला हुआ है। इसके अतिरिक्त, मेला स्थल की साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है, जिससे आगंतुकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
मेले के शुरू होने की अंतिम तिथि अभी तक घोषित नहीं की गई है, हालांकि इसे 6 नवंबर से शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही है। मंचीय कार्यक्रमों को लेकर भी प्रशासन की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया है। कलाकारों का चयन और कार्यक्रम की तारीखें भी अभी तय नहीं हुई हैं, जिससे पूरे शरद महोत्सव को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
धौलपुर की पहचान माने जाने वाले इस शरद महोत्सव में हर साल देशभर से प्रसिद्ध कलाकार आते हैं और हजारों की संख्या में लोग इसका आनंद लेने पहुंचते हैं। पूर्व में यह मेला दीपावली से पहले शुरू होकर त्योहार के दिन समाप्त हो जाता था, लेकिन समय के साथ इसकी तिथियां बदलीं और यह दीपावली के बाद आयोजित होने लगा। इस वर्ष दीपावली को एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद मेले का प्रारंभ न होना एक बड़ी देरी है।