वॉशिंगटन डीसी8 मिनट पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ड्रग तस्करी से निपटने के लिए मेक्सिको में अमेरिकी सेना और खुफिया अधिकारियों को भेजने की तैयारी कर रहे हैं।
ये दावा अमेरिकी न्यूज चैनल NBC न्यूज की रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में दो मौजूदा और दो रिटायर्ड अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि इस मिशन में सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) भी शामिल हो सकती है।
इन अधिकारियों के मुताबिक ट्रम्प प्रशासन ने मेक्सिको में ड्रग कार्टेल्स को निशाना बनाने के लिए इस ऑपरेशन की प्लानिंग पर काम शुरू कर दिया है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस संभावित मिशन से जुड़ी शुरुआती ट्रेनिंग शुरू हो चुकी है। प्लान के मुताबिक, मेक्सिको की जमीन पर भी ऑपरेशन हो सकता है, लेकिन अभी सेना भेजने का अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक अभी ट्रम्प प्रशासन मिशन के दायरे और कार्रवाई करने के अधिकारों पर चर्चा कर रहा है।
हवाई हमलों और ड्रोन स्ट्राइक का प्लान
NBC न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन में अमेरिका की ज्वाइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (JSOC) की टीमें शामिल हो सकती हैं, जो CIA के अधिकार क्षेत्र में काम करेंगी।
मिशन के तहत ड्रग लैब्स और कार्टेल सरगनाओं को निशाना बनाने के लिए ड्रोन स्ट्राइक की योजना है। कई ड्रोन ऐसी हैं जिनके संचालन के लिए जमीन पर भी ऑपरेटर्स की जरूरत पड़ती है।
फरवरी में, अमेरिकी विदेश विभाग ने 6 मेक्सिकन कार्टेल्स, MS-13 गैंग और वेनेज़ुएला के ‘ट्रेन डे अरागुआ’ को विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया था।
इससे अमेरिकी सेना और CIA को गुप्त ऑपरेशंस करने की खुली छूट मिल जाती है। ट्रम्प पहले भी कह चुके हैं कि उन्होंने वेनेज़ुएला में CIA को कार्रवाई की मंजूरी दी थी और जरूरत पड़ने पर वे कार्टेल्स को जमीन पर भी निशाना बनाएंगे।
मेक्सिको से अमेरिका में होती है ड्रग तस्करी
मेक्सिको दुनिया के सबसे बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का गढ़ माना जाता है, जहां से कोकीन, हेरोइन, मेथ और फेंटेनाइल जैसे बेहद खतरनाक ड्रग अमेरिका तक पहुंचते हैं। अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक, देश में ड्रग की सबसे बड़ी सप्लाई मेक्सिकन कार्टेल्स के जरिए होती है।
अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा ड्रग मार्केट है। हर साल लाखों लोग नशे की लत के शिकार होते हैं और फेंटेनाइल जैसी दवाओं से हजारों मौतें होती हैं। अमेरिकी सरकार पर लगातार दबाव रहता है कि ड्रग तस्करी पर सख्त कदम उठाए जाएं और इसी वजह से उसकी नजर मेक्सिको में मौजूद कार्टेल्स पर रहती है।
दूसरी तरफ, कार्टेल्स मेक्सिको में इतने शक्तिशाली बन चुके हैं कि कई इलाकों में वे पुलिस और सरकार को चुनौती देते हैं। हथियारबंद गिरोह, धमकी, भ्रष्टाचार और हिंसा के चलते स्थानीय प्रशासन भी कई बार उन्हें रोक नहीं पाता। कई कार्टेल्स तो अपने को शेडो गवर्मेंट की तरह चलाते हैं।

100 साल बाद मेक्सिको में उतर सकते हैं अमेरिकी सैनिक
अमेरिकी सेना ने इतिहास में कुछ ही बार मेक्सिको में प्रवेश किया है। सबसे बड़ी कार्रवाई 1916 में हुई थी, जब जनरल जॉन पर्शिंग ने मैक्सिकन क्रांतिकारी पैनचो विला का पीछा करने के लिए सेना भेजी थी। इसके बाद से अमेरिका मेक्सिको में सीधे सैन्य कार्रवाई से बचता रहा है।
कानूनी तौर पर अमेरिका मेक्सिको की अनुमति के बिना सेना नहीं भेज सकता और मेक्सिको हमेशा से किसी भी विदेशी सैन्य दखल का विरोध करता आया है। अगर यह ऑपरेशन सच में होता है, तो यह 100 साल बाद मेक्सिको में अमेरिकी सेना की पहली तैनाती होगी।