हरियाणा BJP अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और सिंगर रॉकी मित्तल पर कथित रेप केस में आज (गुरुवार को) कसौली कोर्ट में सुनवाई होगी। अदालत में पीड़िता पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट (CR) के खिलाफ अपने ऑब्जेक्शन फाइल करेगी। इसके बाद, अदालत में सुनवाई होगी।
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कसौली पुलिस भी कोर्ट में इस केस से जुड़ी FIR और पूरी जांच रिपोर्ट रखेगी। इसके आधार पर कोर्ट तय करेगी कि कसौली पुलिस द्वारा दायर CR को स्वीकार करना है या नहीं? इस रेप केस पर हरियाणा में राजनीति से जुड़े लोगों, खासकर सोनीपत जिले की जनता की खास नजरें टिकी हैं।

कसौली कोर्ट जहां आज सुनवाई होनी है।
पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को बताया गलत
बता दें कि, सोलन की जिला अदालत ने पीड़िता की रिवीजन पिटीशन को मंजूर करते हुए कसौली कोर्ट में बयान देने के आदेश दिए थे। इसके बाद रेप पीड़िता पिछली सुनवाई में कसौली कोर्ट में पेश हुई। पीड़िता ने अपने वकील के जरिए पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को गलत बताया।
वहीं, कसौली पुलिस को इस केस में बड़ौली और रॉकी मित्तल के खिलाफ सबूत नहीं मिले थे। इसके बाद पुलिस ने केस बंद करने की अर्जी कसौली कोर्ट में डाली थी, जिसे कसौली कोर्ट बीते 12 मार्च को स्वीकार कर चुका है।
समन रिसीव नहीं होने पर बंद किया केस
पुलिस की CR स्वीकार करने से पहले कसौली कोर्ट ने रेप का आरोप लगाने वाली महिला को 2 बार अलग-अलग एड्रेस पर समन भेजा, ताकि महिला का पक्ष जाना जा सके। मगर, दोनों एड्रेस पर महिला को समन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद, कसौली कोर्ट ने केस को बंद किया। मगर पीड़िता ने इसे जिला कोर्ट सोलन में चुनौती दी। जिला कोर्ट ने ही कसौली कोर्ट को फिर से महिला का पक्ष सुनने के आदेश दिए।

कसौली का वह होटल जहां पर महिला ने दुष्कर्म के आरोप लगाए थे।
जाने पूरा मामला क्या है?
पीड़ित महिला ने बड़ौली और रॉकी मित्तल के खिलाफ 13 दिसंबर 2024 को सोलन जिले के कसौली पुलिस थाने में गैंगरेप (IPC की धारा 376D) की धाराओं के तहत FIR करवाई। 14 जनवरी 2025 को इसकी कॉपी सामने आई। पीड़िता के अनुसार, उसके साथ गैंगरेप 23 जुलाई 2024 को किया गया।
कसौली घूमने आईं थी पीड़िता
शिकायत में पीड़िता ने कहा, ‘मैं अपनी सहेली और बॉस अमित बिंदल के साथ कसौली घूमने गई थी। इस दौरान होटल में बड़ौली और रॉकी ने मुझे जबरन शराब पिलाई और सहेली के सामने ही हिमाचल टूरिज्म कॉर्पोरेशन के होटल रोज कॉमन में गैंगरेप किया। इसके बाद मारने की धमकी दी। फिर पंचकुला में बुलाकर झूठे केस में फंसाने की भी कोशिश की।

पुलिस को नहीं मिले साक्ष्य, तब क्लोजर रिपोर्ट दी
कसौली पुलिस ने दो माह से अधिक समय तक इस केस की जांच की। मगर जांच में साक्ष्य नहीं मिले। पीड़िता ने अपना मेडिकल करवाने से भी इनकार कर दिया था। कई महीनों की देरी से एफआईआर की वजह से पुलिस इस केस में सीसीटीवी, शराब के गिलास, बेड शीट जैसे सबूत नहीं जुटा पाई।
जिस होटल में महिला ने गैंगरेप के आरोप लगाए थे, वहां के कर्मचारी भी इस केस के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता पाए। इससे पुलिस ने इस केस में क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में दायर की थी। इसे कोर्ट भी स्वीकार कर चुके है। अब जिला कोर्ट के आदेशों पर दोबारा सुनवाई के बाद कसौली कोर्ट तय करेगा कि केस री-ओपन करना है या नहीं।