चुनाव पर्यवेक्षकों से शिकायत करते सुखबीर सिंह बादल
पंजाब के तरनतारन में विधान सभा उपचुनाव से पहले अकाली नेताओं की गिरफ़्तारी को लेकर पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने तरनतारन में चुनाव पर्यवेक्षकों से इसकी शिकायत की और अधिकारियों पर पद का दुरुपयोग करते हुए
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई अधिकारी लंबे समय से तरनतारन में ही तैनात हैं। उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए एसएसपी और दो अन्य अधिकारियों के तत्काल तबादले की मांग की है। साथ ही, उन्होंने इन अधिकारियों के आचरण की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।

चुनाव पर्यवेक्षकों से शिकायत करते सुखबीर सिंह बादल
शिकायत में क्या कहा गया
- अकाली दल अध्यक्ष के साथ पार्टी उम्मीदवार प्रिंसिपल सुखविंदर कौर रंधावा और वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि एसएसपी डॉ. रवजोत कौर ग्रेवाल, एसपी (डिटेक्टिव) रिपूरपन सिंह और सीआईए स्टाफ इंचार्ज प्रभजीत सिंह अकाली कार्यकर्ताओं पर अवैध छापे मारने के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।
- प्रिंसिपल रंधावा ने बताया कि वार्ड नंबर 14 से अकाली दल के पार्षद शाम सिंह, सरपंच वरिंदर सिंह और पूर्व सरपंच बलविंदर सिंह को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया था। उन्हें आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू का समर्थन न करने पर झूठे मामले दर्ज करने की धमकी दी गई। उन्हें विभिन्न जिलों की पुलिस टीमों द्वारा हलके से दूर ले जाया गया।
- ये धमकियां एसएसपी डॉ. रवजोत कौर के नेतृत्व में दी जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले एसएसपी ने उनकी बेटी कंचनप्रीत और अन्य के खिलाफ एक झूठा मामला दर्ज किया था, जिसमें उन्हें अदालत से अंतरिम राहत मिली थी।
- शिकायत में कहा गया है कि डॉ. रवजोत ग्रेवाल और उनके दो अन्य अधिकारी आप उम्मीदवार का समर्थन करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसमें एसएसपी का एक निजी सहायक भी शामिल है, जो उनका रिश्तेदार बताया गया है।
- अकाली दल ने आरोप लगाया कि इस तरह का खुला पक्षपातपूर्ण रवैया चुनावों के दौरान पुलिस बल के नियमों का उल्लंघन है और यह धारणा बनाता है कि जब तक ये अधिकारी पद पर हैं, तब तक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि एसपी रिपूरपन सिंह और इंस्पेक्टर प्रभजीत सिंह लंबे समय से तरनतारन में ही तैनात हैं।