Vijay Verma was in a bad condition due to depression | विजय वर्मा का डिप्रेशन में बुरा हाल हो गया था: घंटों रोते रहते थे एक्टर, ठीक होने में आमिर खान की बेटी ने मदद की

Actionpunjab
5 Min Read


3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

एक्टर विजय वर्मा ने हाल ही में अपने पिता से रिश्ते, संघर्ष के दिनों और डिप्रेशन को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान जब वह डिप्रेशन में चले गए थे, उस समय आमिर खान की बेटी आयरा खान ने उनकी मदद की थी।

रिया चक्रवर्ती के पॉडकास्ट में विजय ने बताया कि जब मैं छोटा था तो मुझे अपने पिता बहुत अच्छे लगते थे। वो बिजनेस ट्रिप से आते थे तो मेरे लिए गिफ्ट लाते थे। उनका नेचर बहुत स्ट्रॉन्ग था। वो गुस्से वाले, अनप्रेडिक्टेबल और थोड़ा दिखावे वाले थे। ये सब देखकर मैं हैरान भी होता था।

विजय ने आगे बताया कि लेकिन उम्र बढ़ने के साथ उनका पिता के साथ रिश्ता बदल गया। उन्होंने कहा कि टीनेज में पहुंचते ही पापा का प्यार कम हो गया। वो मुझे बहुत कुछ सिखाना चाहते थे, करियर से लेकर दोस्तों तक, हर चीज में दखल देते थे। उन्हें मेरे हर काम से दिक्कत होती थी।

धीरे-धीरे विजय अपनी मां के करीब हो गए। उन्होंने कहा कि मां ही उनकी सबसे बड़ी इमोशनल सपोर्ट बनीं।

विजय वर्मा के पिता मुरली वर्मा हैदराबाद में हैंडीक्राफ्ट्स का बिजनेस है।

विजय वर्मा के पिता मुरली वर्मा हैदराबाद में हैंडीक्राफ्ट्स का बिजनेस है।

विजय ने किया था पिता से दूर जाने का फैसला

विजय ने बताया, “पापा चाहते थे कि मैं उनका बिजनेस संभालूं। बिजनेस मुझे बुरा नहीं लगता था, लेकिन उनकी कंपनी मुझे पसंद नहीं थी। जैसे-जैसे मैं बड़ा हुआ, उनका गुस्सा और बढ़ता गया। मैं रुकना नहीं चाहता था।”

उन्होंने छोटे-मोटे काम करना शुरू किया, जिसे पिता पसंद नहीं करते थे। विजय ने कहा, “पापा कहते थे कि सिर्फ नौकर काम करते हैं, हम बिजनेस करते हैं।”

बाद में जब उन्हें पुणे के भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII) में दाखिला मिला, तो उन्होंने पापा को बताए बिना जाने का फैसला किया।

उन्होंने कहा, “मैंने पापा को फोन पर झूठ कहा कि मुझे स्कॉलरशिप मिली है और कोर्स एक साल का है। उन्होंने (पिता ने) कहा, ‘मेरे लौटने से पहले निकल जाओ।’ मैंने बैग पैक किया और चला गया। मैं कोई झगड़ा नहीं चाहता था।”

कोर्स पूरा करने के बाद भी काम मिलना आसान नहीं था। विजय ने कहा, “मैंने करीब 10 साल स्ट्रगल किया। कुछ भी नहीं चला जब तक ‘गली बॉय’ नहीं आई। उसी फिल्म ने मेरी जिंदगी बदल दी।”

वेब सीरीज मिर्जापुर और रोर से उन्हें पहचान मिली, लेकिन 2020 के लॉकडाउन में सब रुक गया और वो डिप्रेशन में चले गए।

एक्टर विजय वर्मा को फिल्म 'गली बॉय' और वेब सीरीज 'मिर्जापुर' में काम के लिए पहचान मिली।

एक्टर विजय वर्मा को फिल्म ‘गली बॉय’ और वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ में काम के लिए पहचान मिली।

आयरा खान ने की थी विजय की मदद

विजय वर्मा ने कहा, “मैं मुंबई में अकेला था। चार दिन तक सोफे से नहीं उठा। सिर्फ मेरी बालकनी और आसमान ने मुझे बचाया।”

इस दौरान वो जूम पर आयरा खान और गुलशन देवैया से बात करते थे। विजय ने बताया, “मेरी हालत बिगड़ रही थी। आयरा ने कहा, ‘विजय, तुम्हें चलना शुरू करना होगा।’ उसने मुझे जूम वर्कआउट में शामिल किया। वो मेरी कोच जैसी थी।”

फिर विजय ने थेरेपी शुरू की। उन्होंने कहा, “मुझे सीवियर डिप्रेशन और एंग्जाइटी थी। डॉक्टर ने मेडिसिन दी, लेकिन मैंने कहा कि पहले खुद से मैनेज करने की कोशिश करूंगा।”

आमिर की बेटी आयरा मेंटल हेल्थ के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए काम करती हैं। उन्होंने मेंटल हेल्थ के लिए 'अगात्सु फाउंडेशन' की स्थापना की है।

आमिर की बेटी आयरा मेंटल हेल्थ के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए काम करती हैं। उन्होंने मेंटल हेल्थ के लिए ‘अगात्सु फाउंडेशन’ की स्थापना की है।

उन्होंने बताया, “योगा करते वक्त मैं कई बार रो पड़ता था। मैंने कभी अपने अंदर की बातें किसी से नहीं कही थीं। थेरेपी और योगा से सब बाहर आने लगा।”

विजय ने कहा, “मुझे आज भी घर छोड़ने का अफसोस है। मैं 10 साल तक जूझता रहा और कुछ नहीं पाया। अब जाकर सब समझ आता है।”

उन्होंने बताया, “आयरा ने कहा था कि थेरेपी करना गलत नहीं है। अगर हम अपने बचपन के जख्म नहीं भरते, तो वो हमेशा दिमाग में रह जाते हैं।”

खबरें और भी हैं…
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *