Uttarakhand Shivani Rana Becomes Youngest Village Head | Tehri Garhwal News Update | उत्तराखंड को मिली सबसे कम उम्र की ग्राम प्रधान: टिहरी की शिवानी राणा निर्विरोध चुनी, B.Ed की स्टूडेंट; बोलीं- पलायन पर काम करूंगी – Tehri Garhwal (Tehri) News

Actionpunjab
5 Min Read


उत्तराखंड को अब तक की सबसे कम उम्र की युवा प्रधान मिल गई हैं। टिहरी के भिलंग क्षेत्र की ग्राम सभा धारगांव में पंचायत उपचुनाव में 21 साल 32 दिन की शिवानी राणा निर्विरोध ग्राम प्रधान चुनी गई हैं। इस जीत के साथ ही, उन्होंने चमोली की प्रियंका नेगी (21 सा

.

इस जीत पर शिवानी राणा ने दैनिक भास्कर एप से बातचीत की। शिवानी राणा ने बताया कि 16 अक्टूबर को उनको 21 साल पूरे हो चुके है और अब वे भिलंग क्षेत्र की ग्राम सभा धारगांव की प्रधान बन गई है।

शिवानी राणा अपने माता (सुमित्रा राणा)-पिता (विशाल सिंह राणा) के साथ।

शिवानी राणा अपने माता (सुमित्रा राणा)-पिता (विशाल सिंह राणा) के साथ।

गांव में चुनाव प्रचार के दौरान शिवानी राणा, जिन्होंने जीत का श्रेय ग्रामीणों को दिया है।

गांव में चुनाव प्रचार के दौरान शिवानी राणा, जिन्होंने जीत का श्रेय ग्रामीणों को दिया है।

जुलाई में नामांकन रद्द होने पर भी नहीं मानी हार

शिवानी राणा ने बताया कि पहले उन्होंने जुलाई में हुए पंचायत चुनाव में उन्होंने प्रधान पद के लिए नामांकन भरा था, लेकिन नामांकन पत्र जांच के दौरान उनकी उम्र 21 साल से तीन महीने कम पाई गई थी। जन्मतिथि 16 अक्टूबर 2004 होने के कारण उस समय उसका नामांकन रद्द हो गया था।

अब उपचुनाव की प्रक्रिया में दोबारा नामांकन भरे गए तो धारगांव से अकेले मैंने ही नामांकन किया। 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे मुझे प्रधान बनने की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि पंचायत चुनाव के समय ही ग्राम सभा के लोगों ने स्पष्ट कर दिया था कि मैं ही उनकी अगली प्रधान होंगी। हमारे गांव में कुल 218 वोट हैं, जिसमें से आधे से ज्यादा लोग पलायन कर चुके हैं।

धारी देवी मां के दर्शन करती शिवानी राणा।

धारी देवी मां के दर्शन करती शिवानी राणा।

शिवानी राणा ने सरस्वती शिशु मंदिर से की पढ़ाई

शिवानी राणा ने बताया कि उनके परिवार में 7 लोग है। वे 5 भाई-बहन हैं, उनसे बड़ी एक दीदी है। पिता जी का नाम विशाल सिंह राणा है, जो यूटिलिटी गाड़ी के ड्राइवर है। माता जी का नाम सुमित्रा राणा है, जो प्राथमिक स्कूल में टीचर (शिक्षा मित्र) है।

उन्होंने कहा कि अपनी स्कूलिंग पहले सरस्वती शिशु मंदिर धोपड़धार से की। फिर राजकीय इंटर कॉलेज से 12 तक की पढ़ाई की।

शिवानी राणा अपना करियर शिक्षा के क्षेत्र में करना चाहती है।

शिवानी राणा अपना करियर शिक्षा के क्षेत्र में करना चाहती है।

शिवानी राणा के गांव (धोपड़धार) की फोटो।

शिवानी राणा के गांव (धोपड़धार) की फोटो।

इसके बाद 2024 में B.Sc कम्पलीट की। इसके बाद अब हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी श्रीनगर से B.Ed कर रही हूं। जब मैंने अपने घर में गर्मियों के टाइम में चुनाव लड़ने के बारे में बताया तो घर वालों ने स्पोर्ट किया और हौसला बढ़ाया।

शिवानी राणा ने बताया कि प्रधान बनने सबसे पहले वे गांव से पलायन रोकने पर काम कारेगी। उनके गांव से स्कूल बहुत दूर है। इसके लिए वे अधिकारियों से बात करेंगी। इसके अलावा गांव को जाने वाले रास्त भी खराब है, जिससे बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

शिवानी राणा ने अपने घर की छत से खिंची फोटो।

शिवानी राणा ने अपने घर की छत से खिंची फोटो।

शिवानी राणा बोलीं- आगे चुनाव नहीं लड़ूंगी

शिवानी राणा ने बताया कि वे अभी पढ़ रही है और आगे भी अपनी करियर पढ़ाई में ही लगाना चाहती है। उन्हें थोड़ा पॉलिटिक्स का शौक था इसलिए उन्होंने ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ा। आगे अगर कोई पार्टी उन्हें विधायक या सांसद का टिकट देंगी तो भी वे चुनाव नहीं लड़ेंगी।

उन्होंने बताया कि वे शिक्षा के क्षेत्र में काफी बेहतर कर सकती है इसलिए उन्होंने इसे ही अपने टारगेट पर रखा है।

भविष्य में उनका लक्ष्य शिक्षा क्षेत्र में करियर बनाना है। बताया धारगांव की सबसे बड़ी समस्या संकरे और क्षतिग्रस्त रास्तों की है। प्रधान के रूप में उसकी पहली प्राथमिकता रास्तों को दुरुस्त कराने की होगी। उपचुनाव में ग्राम पंचायत के सात वार्ड सदस्यों के पदों में से पांच वार्डों में सहमति बन चुकी है। पांच ग्राम पंचायत सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *