Delhi Blast Probe Tightens Grip on Al-Falah University, Nasir Hasan Family, Students Under | House Arrest | अल फलाह यूनिवर्सिटी में डॉ निसार की पत्नी-बेटी हाउस अरेस्ट: 10 MBBS छात्रों के मोबाइल जब्त, यूनिवर्सिटी कैंपस से बाहर निकलने पर रोक – Faridabad News

Actionpunjab
5 Min Read


डॉ. निसार उल हसन को जांच एजेंसियों ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया था।

दिल्ली बम ब्लास्ट के बाद जांच एजेंसियां फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर शिकंजा कसती जा रही हैं। जांच एजेंसियों ने आतंकी मॉड्यूल से जुड़े डॉ. निसार उल हसन की डॉक्टर पत्नी और MBBS कर रही बेटी को यूनिवर्सिटी कैंपस में ही हाउस अरेस्ट किया है।

.

इनके अलावा MBBS के 10 और छात्रों के यूनिवर्सिटी कैंपस से बाहर जाे पर रोक लगाई गई है। इनके मोबाइल जांच एजेंसियों के पास हैं। मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्डिंग व अन्य डेटा चेक किया जा रहा है।

डॉ नासिर हसन अल-फलाह यूनिवर्सिटी में मेडिसन विभाग के प्रोफेसर है। वह दिल्ली में लाल किले के सामने बम ब्लास्ट में खुद को उड़ाने वाले आतंकी डॉ उमर नबी, डॉ मुजम्मिल शकील और डॉ शाहीन सईद के संपर्क में था। 10 नंवबर को हुए दिल्ली ब्लास्ट के बाद डॉ. नासिर फरार हो गया। बाद में जांच एजेंसियों ने पश्चिमी बंगाल से गिरफ्तार किया।

जम्मू-कश्मीर में भी आतंकी नेटवर्क का हिस्सा रहा डॉ. निसार जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि डॉ. निसार पहले से ही इस आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था। वो जम्मू-कश्मीर में रहते हुए भी विवादों में आया था। तब वह श्रीनगर में SMHS अस्पताल में असिस्टेंट प्रोफेसर था। वहां साल 2023 में जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा बर्खास्त किया गया। आरोप था कि उसकी गतिविधियां राज्य की सुरक्षा के खिलाफ थी।

डॉ. उमर, आदिल व मुजम्मिल के संपर्क में था डॉ. निसार पहले से ही डॉ. उमर नबी, डॉ. आदिल और डॉ. मुजम्मिल के संपर्क में था। जिसके कारण अल फलाह यूनिवर्सिटी में आसानी से नियुक्ति मिल गई और जॉइन से पहले उसका बैकग्राउंड तक चेक नहीं किया गया।

पत्नी अस्पताल में गायनी, बेटी मेडिकल पढ़ रही डॉ. निसार हसन की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां उनकी पत्नी डॉ. सुरइया और बेटी निबिया से पूछताछ कर रही हैं। जांच एजेंसी ने दोनों को यूनिवर्सिटी के कैंपस में उनके घर में ही नजरबंद रखा है। डॉ. नासिर की बेटी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में MBBS सेकेंड ईयर की छात्रा है, जबकि डॉ. सुरइया यूनिवर्सिटी के अस्पताल में गायनी हैं।

जांच एजेंसी ने दोनों को यूनिवर्सिटी के कैंपस में बने उनके घर में ही रखा है। दोनों से पूछताछ के बाद उनके मोबाइल जब्त कर लिए गए हैं। एजेंसी अब मोबाइल का डेटा खंगाल रही है। दोनों को घर से बाहर निकलने और किसी से बात करने से मना किया गया है।

आतंकी मॉड्यूल से जुड़े डॉक्टरों के संपर्क वाले स्टूडेंट्स संदेह में जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, डॉ. आलिम गौर, डॉ. सैमशुल, डॉ. आशील समेत कई MBBS स्टूडेंट्स और इंटर्न से भी पूछताछ चल रही है। डॉ. आलिम और डॉ. आशील दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी डॉ. उमर की लाल रंग की इको स्पोर्ट कार चलाते थे। डॉ. सैमशुल डॉ. आलिम का दोस्त है। सभी के मोबाइल जब्त किए गए हैं। हालांकि, अभी तक यह खुलासा नहीं हुआ है कि किस तरह की बातचीत होती थी, इसको लेकर अभी जांच चल रही है।

वॉर्ड बॉय तक से हो रही पूछताछ इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने धौज गांव के रहने वाले शोएब को भी हिरासत में लिया है। रविवार को पुलिस शोएब को उसके घर गांव में लेकर आई थी और घर की तलाशी ली गई थी। शोएब यूनिवर्सिटी के मेडिकल विंग में 7 हजार रुपए महीने पर वार्ड बॉय की नौकरी करता था। उसने डॉ. मुजम्मिल की गाड़ी ठीक कराने में मदद की थी। इसके अलावा, गांव धौज के ही रहने वाले मुस्तफा को भी पूछताछ के लिए ले जाया गया था, जिसे अब पुलिस ने छोड़ दिया है। मुस्तफा मेडिकल विंग में वार्ड में बेड अलॉट करने का काम करता था।

———————————–

ये खबर भी पढ़ें :-

व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल 2 साल पहले शुरू हुआ, फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में मिली डॉक्टरों की डायरी से खुलासा

दिल्ली ब्लास्ट की जांच कर रही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से मिली डॉक्टरों की डायरी में लिखे मैसेज डिकोड कर लिए हैं। डॉ. उमर की 150 पेज की डायरी में ज्यादातर नंबरों में मैसेज लिखे हैं, जिन्हें समझने के लिए फोरेंसिक लैब में क्रिप्टो ग्राफिक एक्सपर्ट जांच कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *