फतेहाबाद के गांव बड़ोपल में रोडवेज बस रुकवा कर रोष जताते यात्री।
फतेहाबाद में बस स्टैंड की बजाय ओवरब्रिज से रोडवेज बस ले जाने पर हंगामा हो गया। सवारियों को बीच रास्ते उतारने की कोशिश की गई। मगर जब लोगों ने एतराज जताया और काफी बहस की तो ड्राइवर-कंडक्टर बस को वापस लेकर गए। इसके बाद बस स्टैंड पर यात्रियों को छोड़ा।
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मामला फतेहाबाद जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर गांव बड़ोपल का है। यहां बुधवार देर शाम को डबवाली से आई फरीदाबाद डिपो की रोडवेज बस में फतेहाबाद बस स्टैंड से गांव बड़ोपल के लिए 10-15 यात्री सवार हुए। मगर यात्रियों को बड़ोपल के बस स्टैंड पर छोड़ने की बजाय ड्राइवर ओवरब्रिज से बस ले जाने लगा। इस पर यात्रियों ने हंगामा कर दिया।
कंडक्टर-ड्राइवर मनमानी के विरोध में ग्रामीणों ने बस को बीच रास्ते में रुकवा कर कड़ा विरोध जताया। हंगामे और बहस के बाद बस ड्राइवर-कंडक्टर माने और बस को नीचे ले जाकर गांव के बस स्टैंड पर यात्रियों को छोड़कर आगे की ओर रवाना हुए। हालांकि, ड्राइवर वीडियो में यह कहता भी नजर आया कि वह इस रूट पर नया आया है। उसे पता नहीं था।

गांव बड़ोपल में ओवरब्रिज पर बस रुकवा कर विरोध जताते यात्री।
यह था पूरा मामला
गांव बड़ोपल के ग्रामीणों चंद्रमोहन, सतपाल, गुरदीप सिंह, विक्रम कुमार ने आरोप लगाया कि फरीदाबाद डिपो की बस रोजाना निर्धारित बस स्टैंड पर रुकने की बजाय ओवरब्रिज से ही गुजर जाती है। इससे बस स्टैंड पर खड़े यात्री घंटों इंतजार करते रहते हैं, जबकि बस उनके सामने से ऊपर से निकल जाती है।
बुधवार देर शाम को भी यही हुआ। ग्रामीणों ने बस को बीच सड़क में रुकवाकर ड्राइवर और कंडक्टर से बस को नीचे स्टैंड पर ले जाने की मांग की। काफी नोकझोंक और बहस के बाद बस स्टाफ को आखिर उनकी बात माननी पड़ी।
बस में 10–15 सवारियां थीं, लड़कियां भी शामिल
ग्रामीणों ने बताया कि घटना के समय बस में बड़ोपल गांव की करीब 10–15 सवारियां सफर कर रही थीं, जिनमें कुछ लड़कियां भी थीं। जब बस बड़ोपल पुल के नीचे पहुंची तो ड्राइवर ने उसे निर्धारित बस स्टैंड पर न रोककर लगभग 500 मीटर आगे ले जाकर रोका।
ग्रामीण बोले- सुबह भी बस ऊपर से ही निकाल रहे
ग्रामीणों का कहना है कि सुबह 4 बजे के समय भी कई बार बस पुल से ही निकल जाती है। अंधेरे में ग्रामीण लंबे समय तक बस का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन बस नीचे आए बिना सीधे निकल जाने से वे परेशान हो जाते हैं। उनका किसी से झगड़ा करने का इरादा नहीं, वे सिर्फ चाहते हैं कि सरकारी बसें तय रूट और बस स्टैंड से ही होकर गुजरें।