Ukraine Corruption Scandal; Zelensky Advisor Yermak Raided | 800 Crore Fraud | यूक्रेन के दूसरे सबसे ताकतवर शख्स के घर छापेमारी: 800 करोड़ की हेराफेरी में फंसे चीफ ऑफ स्टाफ, जेलेंस्की के आरोपी दोस्त फरार

Actionpunjab
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कीव6 मिनट पहले

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चीफ ऑफ स्टाफ एंड्री येरमाक को राष्ट्रपति जेलेंस्की का सबसे ताकतवर सलाहकार माना जाता है। - Dainik Bhaskar

चीफ ऑफ स्टाफ एंड्री येरमाक को राष्ट्रपति जेलेंस्की का सबसे ताकतवर सलाहकार माना जाता है।

यूक्रेन की एंटी-करप्शन एजेंसियों ने राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के चीफ ऑफ स्टाफ एंड्री येरमाक के घर की तलाशी की है। 2025 की शुरुआत में यूक्रेन में जांच एजेंसियों ने 800 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का खुलासा किया था, जिसमें जेलेंस्की के कई करीबी घिर गए हैं।

जेलेंस्की पहले ही दो मंत्रियों को बर्खास्त कर चुके हैं। कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। राष्ट्रपति के एक पुराने बिजनेस पार्टनर तिमूर मिनडिच देश छोड़कर भाग चुके हैं।

येरमाक जेलेंस्की के सबसे करीबी सलाहकार हैं। इसलिए उन्हें देश का दूसरे सबसे ताकतवर शख्स कहा जाता है। वे अमेरिका और रूस के बीच पीस डील में यूक्रेन की तरह से बातचीत कर रहे हैं।

भ्रष्टाचार के मामले में घिरने के बाद येरमाक पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ता जा रहा है। हालांकि आज तलाशी के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि उनकी तरफ से पूरी मदद की जा रही है और वे किसी केस में आरोपी नहीं हैं।

54 वर्षीय येरमाक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि वो जांच में पूरा सहयोग दे रहे हैं। (फाइल फोटो)

54 वर्षीय येरमाक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि वो जांच में पूरा सहयोग दे रहे हैं। (फाइल फोटो)

भ्रष्टाचार का खुलासा कैसे हुआ

जून 2024 में कुछ कंपनियों ने गुप्त रूप से शिकायत की कि सरकारी प्रोजेक्ट्स के ठेके पास कराने के बदले भारी रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायतों में तिमूर मिनडिच नाम बार-बार सामने आया।

मिनडिच राष्ट्रपति कार्यालय में सलाहकार स्तर की भूमिका में था और चीफ ऑफ स्टाफ येरमाक का भरोसेमंद माना जाता था। कंपनियों का आरोप था कि बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स तिमूर की मंजूरी और कमीशन तय हुए बिना पास नहीं होते थे।

शिकायत मिलते ही NABU और SAPO ने अगस्त 2024 में गुप्त जांच शुरू कर दी। नवंबर 2024 में एजेंसियों को बैंकिंग रिकॉर्ड मिला, जिससे पता चला कि यह कमीशनखोरी का नेटवर्क करोड़ों डॉलर तक फैला हुआ था।

कौन-कौन फंसे?

1. तिमूर मिनडिच

– आरोप: सरकारी ठेके दिलाने के बदले रिश्वत लेना

2. उसकी टीम से जुड़े कारोबारी

– आरोप: रिश्वत की रकम इकट्ठा करना और आगे देना

3. कुछ सरकारी अधिकारी

– आरोप: टेंडर की प्रक्रिया को तिमूर के मुताबिक बनाना

जांच में सामने आया कि ठेके पास होने के तुरंत बाद निजी खातों में कंसल्टेंसी फीस के नाम पर बड़ी रकम ट्रांसफर कराई जा रही है। कई कॉन्ट्रैक्ट की लागत को जान-बूझकर बढ़ाया गया था।

28 जनवरी 2025 को NABU और SAPO ने एक साथ कई जगहों पर छापेमारी की और घोटाले को उजागर किया।

एजेंसियों को पता था कि यह नेटवर्क राष्ट्रपति कार्यालय तक असर डाल सकता था। इसी शक में आज येरमाक के घर पर भी कागजात खोजे गए, हालांकि उनके खिलाफ सीधा आरोप नहीं लगा।

जेलेंस्की पर कार्रवाई करने का दबाव बढ़ा

येरमाक युद्ध के दौरान यूक्रेन की रणनीति बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाते रहे हैं। जेलेंस्की ने उन्हें अमेरिका के साथ बातचीत की जिम्मेदारी दी है, ताकि वे 28 पॉइंट वाले अमेरिका के पीस प्लान को दोबारा तैयार कर सकें। ट्रम्प ने इस प्लान को रूस-यूक्रेन जंग खत्म करने के लिए बनाया है।

लेकिन हाल के भ्रष्टाचार मामले के बाद विपक्ष येरमाक के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इससे पहले येरमाक के सहयोगी भी विवादों में फंस चुके है।

2024 में वित्तीय गड़बड़ियों की जांच के बाद येरमाक के दो पूर्व डिप्टी ओलेह तातारोव और रोस्तिस्लाव शुर्मा को सरकार से बाहर कर दिया गया था।

दोनों पर भ्रष्टाचार और गलत इस्तेमाल के आरोप लगे थे। उनके तीसरे डिप्टी एंड्री स्मिर्नोव भी रिश्वत लेने के आरोप लगे थे। उनके खिलाफ जांच भी की गई, लेकिन इसके बावजूद वे अभी भी येरमाक के साथ काम कर रहे हैं।

जंग, बिजली संकट और अब 800 करोड़ के घोटाले ने जेलेंस्की पर कार्रवाई करने का दबाव बढ़ा दिया है।

जंग, बिजली संकट और अब 800 करोड़ के घोटाले ने जेलेंस्की पर कार्रवाई करने का दबाव बढ़ा दिया है।

येरमाक से 15 साल पहले मिले थे जेलेंस्की

येरमाक की मुलाकात जेलेंस्की से करीब 15 साल पहले हुई थी। उस वक्त येरमाक वकील थे और टीवी प्रोडक्शन के क्षेत्र में कदम रख रहे थे। दूसरी तरफ जेलेंस्की यूक्रेन के मशहूर कॉमेडियन और एक्टर थे।

जेलेंस्की के 2019 में राष्ट्रपति बनने के बाद येरमाक उनकी टीम में शामिल हुए और विदेश मामलों की जिम्मेदारी संभाली।

फरवरी 2020 में जेलेंस्की ने उन्हें प्रमोट करके चीफ ऑफ स्टाफ यानी राष्ट्रपति कार्यालय का प्रमुख बना दिया। इसके बाद से वे यूक्रेन की सियासत में सबसे प्रभावशाली चेहरों में शामिल हो गए।

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