यूपी में ठंड बढ़ने लगी है। यूपी में एक बार फिर से हवा का रुख बदलने वाला है। पछुआ हवाओं के असर से गिर रहे पारे पर एक बार फिर लगाम लगने वाली है। माैसम विभाग का कहना है कि यूपी में एक के बाद एक लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं।
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इसके असर से प्रदेश में कहीं दक्षिण-पश्चिमी तो कहीं पुरवाई मिश्रित हवाएं चलेंगी। साथ ही आंशिक तौर पर बादलों की आवाजाही दिखेगी और अगले तीन दिनों में दिन व रात के पारे में लगभग 2 डिग्री की बढ़त आएगी। तीन दिन प्रदेश में घने कोहरे से राहत रहेगी।
वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया-
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हवा की दिशा बदलने और बादल छाए रहने के कारण प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। अगले 2–3 दिनों में तापमान लगभग 2 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है।

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शुक्रवार को वाराणसी में सुबह कोहरा छाया रहा। लोग जैकेट और शॉल में दिखाई दिए।

आगरा में सुबह-सुबह कोहरा रहा। 8 बजे के बाद धूप खिलने से मौसम साफ हो गया।

गाजियाबाद में कोहरे के साथ प्रदूषण का लेवल बढ़ गया है।
गेहूं की बुआई के लिए अनुकूल है मौसम गेहूं की बुआई के लिए जरूरी तापमान को ध्यान में रखते हुए किसानों ने काम में तेजी ला दी है। एक सप्ताह से तापमान में गिरावट आई है। खेती के लिए मौसम अच्छा हो गया है। खासकर गेहूं की बुवाई के लिए यह मौसम उपयुक्त है। रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के करीब होता है जोकि गेहूं की फसल के लिए अच्छा और अनुकूल है।
यह जानकारी देते हुए कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के डॉ. मारकंडेय सिंह ने बताया- गेहूं बुवाई का सिलसिला जारी है। किसान अब तक 40 फीसदी से ऊपर गेहूं बुवाई कर चुके हैं।
तापमान कितना पहुंचा, जानिए


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सर्दियों का मौसम खाने-पीने और आराम करने के लिए एक अच्छा माहौल देता है, लेकिन यह अपने साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं भी लेकर आता है। इस दौरान सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में खराश और सांस संबंधी परेशानियां बढ़ जाती हैं। हवा में नमी कम होने से स्किन रूखी होने लगती है और बच्चों-बुजुर्गों में वायरल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा बढ़ता प्रदूषण और स्मॉग रेस्पिरेटरी बीमारियों को और गंभीर बना देते हैं। जानिए- सर्दियों में किन बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है? इससे बचने के क्या उपाय हैं? क्लिक कर पढ़ें…