रेवाड़ी में विकास कार्याें का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह।
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह शुक्रवार को रेवाड़ी पहुंचे। उन्होंने यहां नगर परिषद के कई विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान मंच से कई राजनीतिक बयान और तंज कसे गए।
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राव इंद्रजीत सिंह ने अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले रेवाड़ी में हुड्डा के पिता के नाम पर चौक बनते थे। मंत्री ने गर्व व्यक्त किया कि रेवाड़ी नगर परिषद ने पहली बार स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम और पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेंद्र सिंह के नाम पर मार्गों का नामकरण किया है।
कार्यक्रम में रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण यादव ने नगर परिषद चेयरपर्सन पूनम यादव पर परोक्ष रूप से तंज कसा। उन्होंने एक कवि का जिक्र करते हुए कहा कि जहां इज्जत न मिले, वहां नहीं जाना चाहिए। यादव ने आगे कहा कि इज्जत न मिले तो भी हम घर जाते हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अधिकारियों को फटकार लगाने का भी अनुरोध किया।

कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं।
अधिकारियों की कार्यशैली पर उठाए सवाल
रेवाड़ी भाजपा जिलाध्यक्ष वंदना पोपली ने भी मंच से अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को राव इंद्रजीत सिंह की तरह कार्यकर्ताओं से मिलकर काम करना सीखना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि जनप्रतिनिधियों की तरह अधिकारी भी जनसेवा के लिए ही नियुक्त किए जाते हैं।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम की तैयारियां लंबे समय से चल रही थीं, लेकिन इसमें बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली दिखीं। यह कार्यकर्ताओं की अनुपस्थिति को दर्शाता है।

रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए।

समारोह को संबोधित करते राव इंद्रजीत सिंह।
मीडिया को दी नसीहत
राव इंद्रजीत सिंह ने मंच से मीडिया को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि चुनाव मीडिया के हराने या जिताने से नहीं जीते जाते, बल्कि जनता तय करती है कि कौन जीतेगा और कौन हारेगा। उन्होंने मीडिया से अपील की कि वे निजी हितों की बजाय तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करें।
जब नगर परिषद के घोषणा-पत्र में शामिल 31 बिंदुओं को पूरा न करने का सवाल पूछा गया तो राव इंद्रजीत ने कहा कि अगले चुनाव में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कार्यकाल की तुलना में उनके कार्यकाल में कहीं अधिक विकास कार्य हुए हैं।