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जयपुर के राजापार्क स्थित श्रीराम मंदिर में 17 दिसंबर से चल रहे मां बगलामुखी महायज्ञ के अंतर्गत रविवार, 21 दिसंबर को गीता महाकुंभ आयोजित किया जाएगा। गीता महाकुंभ में मौजूदा राष्ट्रीय और वैश्विक हालात, खासकर बांग्लादेश में हिंदू समाज की स्थिति को लेकर
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उन्होंने बताया कि बांग्लादेश में हिंदू समाज पर हो रहे अत्याचार केवल एक देश या समाज का विषय नहीं, बल्कि मानवता से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। गीता महाकुंभ में देशभर से संत, धर्माचार्य, विचारक और बड़ी संख्या में युवा शामिल होंगे। यहां सनातन धर्म की वर्तमान स्थिति, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, गौमाता से जुड़े मुद्दों और समाज में बढ़ती चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
बैठक में उपस्थित राष्ट्रीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष विजय कौशिक ने कहा कि यह समय केवल विमर्श का नहीं, बल्कि संगठित जागरूकता और वैचारिक सुदृढ़ता का है। उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को गीता, सनातन संस्कृति और राष्ट्रधर्म से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। साथ ही उन्होंने मठ-मंदिरों की सामाजिक एवं सांस्कृतिक भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करने तथा राष्ट्र व सनातन विरोधी गतिविधियों पर संवैधानिक दायरे में कठोर दृष्टि रखने की आवश्यकता पर बल दिया। आयोजकों ने बताया कि गीता महाकुंभ का उद्देश्य युवाओं को गीता, संस्कृति और राष्ट्र के मूल विचारों से जोड़ना है। उन्होंने जयपुर सहित प्रदेशभर के लोगों से 21 दिसंबर को श्रीराम मंदिर, राजापार्क पहुंचकर कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की।