स्कूटर मैकेनिक को पीटते हुए हमलावर।
लुधियाना के दुगरी इलाके में चुनावी रंजिश के कारण तीन मोटर साइकिल सवार युवकों ने एक स्कूटर मैकेनिक को उसकी दुकान में घुसकर पीटा। हमलावरों ने पहले उसे दुकान के अंदर पीटा और फिर खींचकर सड़क पर लाए और वहां पर भी पीटा। पिटाई के दौरान स्कूटर मैकेनिक की पगड़ी
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मैकेनिक जान बचाने के लिए बगली वाली बेकरी की दुकान में घुसा तो हमलावर उस दुकान में भी घुस गए। बेकरी मालिक ने विरोध किया तो हमलावर उसके साथ भी लड़ने लगे। मैकेनिक बेकरी की दुकान से किसी तरह जान बचाकर बाहर निकला और मौके से भाग गया। यह सारी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है।
वहीं पीड़ित मैकेनिक की शिकायत पर पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित का आरोप है कि उसने रात को ही इस मामले की शिकायत थाना दुगरी में दे दी थी। पीड़ित ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी दे दी। थाने में पुलिस का रिस्पोंस न मिलने के बाद वो किसान संगठनों के साथ सीपी दफ्तर भी गया।

पड़ोसी दुकानदार को पीटते हुए हमलावर।
मैकेनिक जुझार सिंह बोला, हमलावर कांग्रेसी थे
स्कूटर मैकेनिक जुझार सिंह ने बताया कि उसकी दुगरी में दुकान है। चुनाव के दौरान उसने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार की मदद की। इसी वजह से कांग्रेस वाले उससे रंजिश रखने लगे। उसने बताया कि वह अपनी दुकान पर काम कर रहा था इतने में मोटर साइकिल में तीन कांग्रेसी कार्यकर्ता आए और उन्होंने पहले उसे दुकान के अंदर पीटा और फिर सड़क पर लाकर पीटा।
हमले के दौरान आरोपियों ने उसकी पगड़ी को भी गिरा दिया। उसने बताया कि वह किसी तरीके वहां से जान बचाकर भागा और थाना दुगरी में गया। पुलिस ने उसकी सुनवाई नहीं की। उसने बताया कि रात को ही उसने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी दे दी थी।
जो बचाने आया उसे ही पीटना शुरू किया
जुझार सिंह ने बताया कि सड़क पर जब हमलावर उसे पीट रहे थे तो पहले एक व्यक्ति ने उसे बचाने की कोशिश की तो हमलावरों ने उसे भी पीटना शुरू कर दिया। उसके बाद बेकरी वाली दुकान में घुसा तो दुकानदार ने हमलावरों को रूकने को कहा जिस पर उन्होंने उसे भी पीट दिया।
किसान संगठन के नेता पहुंचे थाने
अन्नदाता किसान मजदूर यूनियन के प्रधान तरनजीत सिंह निमाणा ने कहा कि जुझार सिंह के साथ हुई मारपीट व उसकी पगड़ी गिराने की बात उन्हें पता चली तो वो आज थाने पहुंचे। थाना प्रभारी हाईकोर्ट गए थे तो अन्य कर्मियों ने कहा कि जल्दी ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि उसके बाद वो सीपी दफ्तर गए और इस मामले की शिकायत वहां भी दर्ज करवाई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एसीपी से भी मिले लेकिन उनका रिस्पोंस ठीक नहीं था। जिसकी वजह से उन्हें सीपी दफ्तर जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर जुझार सिंह की शिकायत पर पर्चा दर्ज नहीं हुआ तो वो संघर्ष करेंगे।