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अयोध्या के राम मंदिर परिसर में मोहक दीप नृत्य और महाराष्ट्र की 203 मातृ-शक्तियों ने श्रीसूक्त व विष्णु सहस्रनाम पाठ आकर्षण का केंद्र रहा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने प्रतिष्ठा द्वादशी का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है। यह 27 दिसम्बर से प्रारम्भ होकर दो जनवरी तक चलेगा। शुभारम्भ से पांच दिन पूजन जगद्गुरु मध्वाचार्य जी की देखरेख में सम्पन्न होगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम उन्तीस दिसम्बर
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तीर्थ क्षेत्र के आदरणीय महामंत्री चम्पत राय ने बताया कि इसके अतिरिक्त अयोध्या धाम में एक नया पथ और सृजित किया गया है। अब कार्यक्रम स्थल अंगद टीला पहुंचने के लिए सुग्रीव पथ पर चलना होगा। मोहक दीपनृत्य के साथ प्रभु आराधना
बंगलुरू की कलान्विता संस्था की कलाकारों ने नृत्य आराधना की अनुपम छटा बिखेरी दिग्पालों की स्तुति के साथ ही षोडय मंगलम, पुष्पार्चन, गणेश वंदना, श्रीराम चन्द्र कृपालु भज मन… आदि को अत्यंत मनोहारी रूप में प्रस्तुत किया। सांध्य बेला में एक घंटे तक चले कार्यक्रम ने सभी उपस्थितजनों को भाव-विभोर कर दिया। नृत्य आराधना में विदुषी सुरक्षा दीक्षित,निरंजनाबीके, नूपुर बेड़ियां और विदुषी पृथ्वी जाना ने यह प्रस्तुति दी। महाराष्ट्र की 203 मातृ-शक्तियों ने श्रीसूक्त व विष्णु सहस्रनाम पाठ किया
अयोध्या। 25 दिसम्बर। शोलापुर महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं के एक बड़े दल ने श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के श्रद्धालु सुविधा केंद्र सभागार में अनुष्ठान सम्पन्न किया। रंजना सखरे के नेतृत्व में आए इस दल ने श्री सूक्त पाठ, विष्णु सहस्रनाम षड्पाठ भी किया। श्रद्धालु सुविधा केंद्र (पीएफसी) सभागार में महाराष्ट्र की 203 मातृ-शक्तियों ने श्रीसूक्त व विष्णु सहस्रनाम पाठ किया।