Japan Parliament Has 73 Women MPs but Only One Toilet, PM Calls for More Facilities | जापानी संसद में 73 महिला सांसदों के लिए एक टॉयलेट: PM ताकाइची भी परेशान; 1936 में बनी पार्लियामेंट बिल्डिंग, तब महिलाओं को वोटिंग राइट नहीं था

Actionpunjab
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टोक्यो2 घंटे पहले

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जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने संसद भवन में और महिलाओं के लिए ज्यादा शौचालय बनाने की मांग की है। - Dainik Bhaskar

जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने संसद भवन में और महिलाओं के लिए ज्यादा शौचालय बनाने की मांग की है।

जापान में पीएम साने ताकाइची ने संसद में महिलाओं के लिए ज्यादा टॉयलेट बनाने की मांग की है। उनके साथ ही करीब 60 महिला सांसदों ने भी इसे लेकर एक याचिका दी है।

याचिका में कहा गया है कि संसद में महिलाओं की संख्या बढ़ी है, लेकिन इस मुताबिक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। अभी संसद के निचले सदन में 73 महिला सांसद हैं लेकिन उनके लिए सिर्फ 1 टॉयलेट है।

विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद यासुको कोमियामा ने कहा कि संसद सत्र के दौरान महिला सांसदों को टॉयलेट के बाहर लंबी लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।

(प्रतीकात्मक इमेज)

(प्रतीकात्मक इमेज)

महिलाओं को वोटिंग राइट्स नहीं था, तब बनी थी बिल्डिंग

जापान की संसद (डाइट) की इमारत 1936 में बनी थी। तब देश में महिलाओं को वोट देने का भी अधिकार नहीं मिला था।

दूसरे विश्वयुद्ध में जापान की हार के बाद दिसंबर 1945 में महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिला। एक साल बाद 1946 में हुए चुनाव में जापान में महिलाएं संसद के लिए चुनकर आईं।

जापान अखबार यॉमियूरी शिंबुन के मुताबिक संसद के निचले सदन की इमारत में पुरुषों के लिए 12 टॉयलेट (67 स्टॉल) हैं, जबकि महिलाओं के लिए सिर्फ 9 टॉयलेट, जिनमें कुल 22 क्यूबिकल हैं।

मेन प्लेनरी सेशन हॉल जहां संसद की कार्यवाही होती है, वहां पर महिलाओं के लिए सिर्फ 1 टॉयलेट है। सेशन शुरू होने से पहले कई बार लाइन इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि महिला सांसदों को बिल्डिंग के दूसरे हिस्से में बाथरूम के लिए जाना पड़ता है।

वहीं, पुरुष सांसदों के लिए कई टॉयलेट पास-पास हैं। उन्हें ऐसी दिक्कत से गुजरना नहीं पड़ता।

जापान की संसद की इमारत टोक्यो में है। इसका निर्माण 1936 में हुआ था। यह इमारत उस समय बनी थी, जब राजनीति में महिलाओं की भागीदारी लगभग नहीं के बराबर थी।

जापान की संसद की इमारत टोक्यो में है। इसका निर्माण 1936 में हुआ था। यह इमारत उस समय बनी थी, जब राजनीति में महिलाओं की भागीदारी लगभग नहीं के बराबर थी।

जेंडर गैप रिपोर्ट में जापान की रैंकिंग बहुत नीचे

इस साल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट में जापान 148 देशों में 118वें स्थान पर रहा। महिलाओं की भागीदारी कारोबार और मीडिया में काफी कम है।

चुनावों के दौरान महिला उम्मीदवारों का कहना है कि उन्हें अक्सर सेक्सिस्ट टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है, जैसे कि उन्हें कहा जाता है कि उन्हें राजनीति की जगह घर में बच्चों की देखभाल करनी चाहिए।

फिलहाल निचली सदन के 465 सांसदों में से 72 महिलाएं हैं, जो पिछली संसद में 45 थीं। ऊपरी सदन में 248 में से 74 सदस्य महिलाएं हैं। सरकार का लक्ष्य है कि संसद की कम से कम 30% सीटों पर महिलाएं हों।

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18 घंटे काम कर रहीं जापान की नई PM:सुबह 3 बजे मीटिंग बुलाई, घोड़े की तरह काम करने कहा; क्या लौटेगा ओवरवर्क से मौत का कल्चर

जापान में नई प्रधानमंत्री साने ताकाइची द्वारा रात 3 बजे मीटिंग बुलाने के बाद देश में वर्क लाइफ बैलेंस पर बहस फिर तेज हो गई है। ताकाइची पहले दिन से ही अपने “काम, काम, काम और सिर्फ काम” वाले रवैये को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि वह 18 घंटे काम करती हैं और वर्क लाइफ बैलेंस पर भरोसा नहीं करतीं। वह चाहती हैं कि लोग “घोड़े की तरह काम करें।” पूरी खबर पढ़ें…

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