BAMS student spoke to his brother before dying. | सुसाइड से 30 मिनट पहले भाई-बहन से हुई थी बात: BAMS स्टूडेंट का भाई बोला-मैने कहा था पापा को मत बताना, मैं फॉर्म के 15 हजार दूंगा… – Kanpur News

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मंधना में कमरे में सुसाइड करने वाले BAMS के छात्र शैलेंद्र कुमार (27) का आज पोस्टमार्टम होगा। घटना की जानकारी के बाद देर शाम शैलेंद्र के परिजन कानपुर पहुंचे, बेटे की मौत से बदहवास पिता कानपुर नहीं आए।

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प्राइवेट हॉस्पिटल में जॉब करने वाले बड़े भाई लालेंद्र ने बताया कि घटना से 30 मिनट पहले बहन और मेरी छोटे भाई शैलेंद्र से बात हुई थी। बातचीत में ऐसा लगा ही नहीं कि वह सुसाइड कर लेगा। कुछ देर बाद घर में पुलिसवालों ने फोन कर कहा- आपके भाई ने फांसी लगा ली।

मृतक शैलेंद्र कुमार (फाइल फोटो)

मृतक शैलेंद्र कुमार (फाइल फोटो)

BAMS स्टूडेंट के परिजन पहुंचे कानपुर

शैलेंद्र के सुसाइड की जानकारी पर देर शाम उसके बड़े भाई लालेंद्र, जीजा उमाशंकर, मामा शंकर गुप्ता, भांजा मनी गुप्ता और लालेंद्र के तीन दोस्त कानपुर पहुंचे। बेटे की मौत से पिता बेसुध हो गए, जिसपर परिजन उन्हें लेकर नहीं आए।

शहर पहुंचने के बाद वह परिजन सबसे पहले मंधना स्थित शैलेंद्र के कमरे पहुंचे। इसके बाद उसके कॉलेज के दोस्तों से जानकारी ली। लालेंद्र ने बताया कि शैलेंद्र 2019 से घर से बाहर रह रहा था, 2020 में वह राजस्थान कोटा से NEET की तैयारी कर रहा था। इसके बाद 2021 में उसे रामा आयुर्वेदिक इंस्टीट्यूट में दाखिला मिला था।

भाई बोला-शुक्रवार को उसे 100 रुपए ऑनलाइन भेजे थे

लालेंद्र ने बताया कि उनके पिता बृज किशोर रिटायर्ड शिक्षक हैं। घर में पांच बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। उनकी रोजाना दिन में दो से तीन बार शैलेंद्र से बात होती थी। तीसरे सेमेस्टर में अगद तंत्र, रस शास्त्र, रोग निदान एवं विकृत विज्ञान में बैक लगने के बाद वह परेशान था। मैंने उससे कहा था कि परेशान मत हो… पापा से मत कहना मैं तुम्हे फॉर्म भरने के लिए 15 हजार रुपए दे दूंगा।

बताया कि शुक्रवार को मेरी शैलेंद्र से दो, तीन बार बात हुई थी। उसने कहा कि पापा ने पैसे नहीं भेजे, जिस पर मैने कहा कि 3 तारीख को तुम्हारे खाते में पैसे आ जाएंगे। कुछ देर बाद मैने अपने दोस्त से उसके खाते में ऑनलाइन 100 रुपए भेजे।

शुक्रवार रात 15 बार कॉल किया, उठाया नहीं

इसके बाद रात करीब 9 बजे उसे फोन मिलाया तो कॉल रिसीव नहीं हुआ। फिर मैने अपनी बड़ी बहन विमला को फोन करने को कहा। हम दोनों लोगों ने तकरीबन 15 बार उसे फोन किया था, लेकिन बात नहीं हो सकी।

सुबह मैने उसे 11:02 बजे कॉल किया, तो मैने उससे कहा कि बाबू कल हम और दीदी तुम्हे फोन कर रहे थे… फोन उठा लिया करो, तो वह बोला कि–ठीक है भैया। मेरी उससे 1 मिनट 13 सेकेंड बात हुई, मैने उससे कहा कि तुम्हे पैसे भेजने है, आज भेज देंगे, जिस पर उसने हामी भरी।

3 दिन पहले पूछा था- कोई दिक्कत हो तो बता देना

कुछ देर बाद बहन विमला ने उससे बात की, फिर 11:45 पर घर पर फोन पुलिस वालों का फोन आया और उन्होंने कहा कि आपके बेटे ने फांसी लगा ली। मैने 11:59 पर भाई के नंबर पर फोन किया तो पुलिस ने फोन उठाया। लालेंद्र ने कहा कि 3 दिन पहले भी मैने उससे पूछा था कि कोई दिक्कत हो तो बता देना, तो वह बोला कि कोई दिक्कत नहीं भैया।

उन्होंने बताया कि दिसंबर से वह घर पर ही खाना बनाता था, मैने कहा कि तुम टिफिन क्यो नहीं मंगाते? तुम खाना नहीं बना पाते हो… तो वह कहता था कि मुझे टिफिन का खाना अच्छा नहीं लगता। मेरे भाई की किसी से दोस्ती यारी नहीं थी, वह अकेले कमरे में रहता था, भाई ने जब फांसी लगाई तो गेट खुला हुआ था। पैर दोनो जमीन में रखे हुए थे, बगल में बेड पड़ा हुआ है।

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