बृजेश कुमार गुप्ता | महराजगंज3 मिनट पहले
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महराजगंज जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड और तापमान में गिरावट का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर दिख रहा है। ठंड बढ़ने से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, खासकर बुखार, सर्दी-खांसी और निमोनिया से पीड़ित बच्चों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
जिला अस्पताल के गहन चिकित्सा केंद्र (ICU) में बुखार और निमोनिया से पीड़ित 11 बच्चों को भर्ती किया गया है। वहीं, विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में 29 नवजात और छोटे बच्चों को इलाज के लिए दाखिल किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार, ठंड के कारण छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे वे जल्दी बीमार पड़ रहे हैं।
सुबह के समय पर्ची काउंटर पर मरीजों की संख्या कम थी, लेकिन सुबह 10 बजे के बाद अचानक भीड़ बढ़ गई। दोनों पर्ची काउंटरों पर मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतारें देखी गईं। कुल 272 मरीजों ने पर्ची बनवाकर उपचार कराया, जिनमें से 183 मरीज बुखार, सर्दी और खांसी से पीड़ित पाए गए।
बाल रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में दिनभर गहमागहमी रही। प्रत्येक ओपीडी में बच्चों और उनके परिजनों की लंबी लाइनें लगी थीं। डॉक्टरों ने बच्चों की गहन जांच की और गंभीर रूप से बीमार बच्चों को तत्काल आईसीयू और एसएनसीयू में भर्ती कराया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक स्वयं अस्पताल परिसर में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे थे।

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि ठंड के मौसम में बच्चों को विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को गर्म कपड़े पहनाने, ठंडी हवा से बचाने और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करने की अपील की है।