अभिजीत सिंह | गोरखपुर1 मिनट पहले
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गोरखपुर नगर निगम की सदन बैठक सोमवार को महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित होगी। बैठक में रिवाइज्ड बजट वर्ष 2025–2026 सहित नगर निगम से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श प्रस्तावित है। रिवाइज्ड बजट के तहत नगर निगम की आय-व्यय स्थिति, आगामी वित्तीय दायित्व, कर प्रस्ताव, परियोजनाओं पर होने वाले अनुमानित खर्च और शहर में चालू कार्यों के लिए वित्तीय आवंटन पर चर्चा होगी। बजट के आधार पर ही निर्माण, मरम्मत और जन-सुविधा से जुड़ी योजनाओं की प्राथमिकताएं तय होती हैं।
नगर निगम में बीते वर्षों में कर वसूली, स्वच्छता मद, पार्किंग शुल्क, विज्ञापन कर, भवन निर्माण शुल्क और संपत्ति कर से होने वाली आय को शहर के विकास और अवसंरचना सुधार में उपयोग किया गया है। इस बार के बजट में आय बढ़ाने और खर्च को संतुलित करने पर भी जोर रहने की संभावना है, ताकि निगम पर वित्तीय दबाव न बढ़े। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के अनुसार बैठक में 13 अक्तूबर को आयोजित 15वीं सदन बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की जाएगी। कार्यवाही की पुष्टि के बाद नई कार्यसूची पर विचार आगे बढ़ेगा।
20 जुलाई 2025 को संपन्न 14वीं बैठक में कार्यकारिणी समिति के छह सदस्यों के निर्वाचन से संबंधित पॉइंट को सूचनार्थ रखा जाएगा। इससे जुड़ा कोई अनुपालन अपेक्षित नहीं है और इसे औपचारिक रूप से सदन के संज्ञान में रखा जाएगा।
खिचड़ी मेला की तैयारियों पर नजर सदन में खिचड़ी मेला की तैयारियों से जुड़े प्रस्ताव भी महापौर की अनुमति से रखे जाएंगे। मेला अवधि में भारी भीड़ के चलते साफ-सफाई, अस्थायी सुविधाओं, यातायात प्रबंधन, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, स्टॉलों के आवंटन और चिकित्सा व्यवस्था जैसे विषय महत्वपूर्ण रहते हैं।
मेला आयोजित करने में नगर निगम पर अतिरिक्त खर्च भी आता है, जिसके लिए रिवाइज्ड बजट में अलग से मद का प्रावधान किया जा सकता है। वहीं मेला अवधि में व्यापारिक गतिविधि बढ़ने से शहर की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आती है, जिसे स्थानीय प्रशासन सकारात्मक मानता है।
शहर की परियोजनाओं पर समीक्षा सड़क निर्माण और मरम्मत, सीवर एवं ड्रेनेज प्रणाली सुधार, कूड़ा प्रबंधन, स्ट्रीट लाइट, पार्कों की देखरेख और जलापूर्ति जैसी नगर सेवाओं से जुड़े प्रस्ताव सदन में रखे जा सकते हैं। इन कार्यों की प्रगति रिपोर्ट और आगामी योजनाओं पर भी समीक्षा अपेक्षित है। बैठक के दौरान महापौर और नगर आयुक्त विभागीय समन्वय और कार्ययोजनाओं को समयबद्ध करने पर जोर दे सकते हैं, ताकि विकास कार्यों में देरी न हो और जनता को अपेक्षित सेवाएं समय पर मिल सकें।
पार्षद उठाएंगे स्थानीय मुद्दे बैठक में पार्षद अपने क्षेत्रों की समस्याओं जैसे नाली, सड़क, पेयजल, सफाई, अतिक्रमण और जन-सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाते हैं, जिन पर विभागों से स्पष्टीकरण लिया जाता है और आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं। नगर आयुक्त ने सभी विभागाध्यक्षों को समय पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि कार्यवाही के दौरान किसी प्रस्ताव पर निर्णय लेते समय विभागीय पक्ष स्पष्ट रूप से प्रस्तुत हो सके।
विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण बैठक नगर निगम की बजट बैठक को शहर की विकास योजनाओं, वार्षिक खर्च और निर्माण कार्यों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जाता है। बजट के अनुसार ही शहर की प्राथमिकताएं तय की जाती हैं और वित्तीय आवंटन के आधार पर परियोजनाओं को गति मिलती है।