रास्ते को खुर्द-बुर्द करने पर मौके पर विरोध करते ग्रामीण।
करनाल जिला के इंद्रगढ़ क्षेत्र में पंचायत के सरकारी रास्ते को नुकसान पहुंचाने और वहां तारबंदी करने का मामला सामने आया है। कुछ लोग भारी मशीन से रास्ते को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया तो उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और
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क्या है पूरा मामला शिकायत के मुताबिक, इंद्रगढ़ रकबे में स्थित 50 फुट चौड़े पंचायत के सरकारी रास्ते पर बिना नंबर की जेसीबी मशीन से मिट्टी और ढांचा हटाने की कोशिश की गई। मौके पर पहुंचे शिकायतकर्ता ने जब इसका कारण पूछा तो वहां मौजूद लोगों ने उसके साथ छक्का-मुक्की की और गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी। आरोप है कि इसके साथ ही रास्ते पर जबरदस्ती तारबंदी भी की जा रही थी, ताकि आम लोगों का आवागमन रोका जा सके।

करनाल इंद्री थाना की फोटो।
सरपंच सहित कई लोगों पर आरोप शिकायत में गांव इंद्रगढ़ के सरपंच मनीष, गांव इंद्रगढ़ के पंकज, अनुप, प्रवीण, साहिल, सुमित, रघुबीर, राजेश, मैशी मेम्बर, विपिन और वेद के नाम शामिल किए गए हैं। सभी पर मिलकर रास्ते को नुकसान पहुंचाने, धमकी देने और अवैध रूप से तारबंदी करने के आरोप लगाए गए हैं।
ग्रामीणों में नाराजगी, रास्ता खुलवाने की मांग घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता लंबे समय से सार्वजनिक उपयोग में है और इसे बंद करना या संकरा करना गलत है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रास्ते को पूरी तरह बहाल कराया जाए और दोबारा ऐसी कोशिश न होने दी जाए, ताकि सैकड़ों परिवारों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी न हो।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, टीम भेजी मौके पर गांव डेरा रामनगर कालरी खालसा के जय कुमार ने थाना इंद्री में शिकायत दी है। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि सरकारी रास्ते की स्थिति, तारबंदी और मशीन के इस्तेमाल की जांच की जा रही है। ग्रामीणों के बयान भी लिए जाएंगे ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रास्ते को किस मकसद से नुकसान पहुंचाया गया।