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देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानसभा पर मुख्य राजकीय समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रिकॉर्ड सातवीं बार गणतंत्र दिवस परेड की सलामी लेंगी। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशिष्ट रूप से मौजूद रहेंगे। उत्तर प्रदेश की थीम पर कई विशेष प्रस्तुतियां भी की जाएंगी। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के लिए यह सातवां अवसर होगा, जब वह गणतंत्र दिवस परेड की सलामी लेंगी। वर्ष 2019 में राज्यपाल पद की शपथ लेने के बाद से वह लगातार हर वर्ष विधानसभा परिसर में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में परेड की सलामी लेती रही हैं। इस बार भी परंपरा के अनुसार राज्यपाल राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद परेड का निरीक्षण करेंगी और सलामी लेंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभागीय झांकियां होंगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी को इस समारोह में प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से खास माना जा रहा है। मुख्यमंत्री परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभागीय झांकियों के साक्षी बनेंगे। झांकियों के माध्यम से प्रदेश की विकास योजनाओं, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सरोकारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। 22 जनवरी के रिहर्सल की 3 तस्वीरें देखिए… 9 राज्यों के कलाकार और 65 मार्चिंग टुकड़ियां शामिल जिलाधिकारी विशाख जी ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह में देश के नौ अलग-अलग राज्यों से आए कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ ही सात स्थानीय सांस्कृतिक संगठनों की प्रस्तुतियां और संस्कृति विभाग द्वारा समन्वित विशेष मार्च भी कार्यक्रम में शामिल होगा।समारोह में सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक इकाइयों और लखनऊ जिले के स्कूलों से कुल 65 मार्चिंग टुकड़ियां भाग लेंगी, जो मुख्य आयोजन की भव्यता और अनुशासन को दर्शाएंगी। पुलिस परेड और विभागीय झांकियां रहेंगी मुख्य आकर्षण गणतंत्र दिवस समारोह में यूपी पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षा बलों की परेड मुख्य आकर्षण होगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा तैयार की गई झांकियों के माध्यम से प्रदेश की उपलब्धियों, विकास कार्यों और सामाजिक संदेशों को प्रदर्शित किया जाएगा। स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम समारोह को भावनात्मक ऊंचाई देंगे। 3 जोन और 9 सेक्टर में बांटा गया परेड क्षेत्र गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर लखनऊ में अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। विधान भवन और परेड मार्ग के आसपास के क्षेत्रों को 3 जोन और 9 सेक्टर में विभाजित किया गया है। इन क्षेत्रों में एंटी-टेरर स्क्वॉड (ATS), पीएसी, आर्म्ड क्यूआरटी और नागरिक पुलिस की संयुक्त तैनाती की गई है। संवेदनशील और ऊंची इमारतों पर रूफ-टॉप ड्यूटी लगाई गई है, जबकि पूरे आयोजन क्षेत्र की ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है। चारबाग रेलवे स्टेशन, चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, प्रमुख बस स्टेशनों और मॉल में स्निफर डॉग और बम निरोधक दस्तों के साथ सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। 1343 पुलिसकर्मी, 3 पीएसी कंपनियां, 2 ATS टीमें मैदान में सुरक्षा व्यवस्था के तहत फील्ड डिप्लॉयमेंट में कुल 1343 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें 3 पुलिस उपायुक्त, 5 अपर पुलिस उपायुक्त और 14 सहायक पुलिस आयुक्त शामिल हैं।इसके अलावा 55 निरीक्षक, 322 उप-निरीक्षक, 853 मुख्य आरक्षी व आरक्षी और 131 होमगार्ड सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। अतिरिक्त सुरक्षा के लिए 3 पीएसी कंपनियां, 2 एटीएस टीमें, 14 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, 2 बम निरोधक दस्ते, 1 एंटी-माइन टीम, फायर सर्विस और एलआईयू की टीमें भी तैनात की गई हैं। हजरतगंज-विधानसभा-चारबाग रूट पर भारी वाहनों की एंट्री रहेगी बंद परेड और मुख्य समारोह के दौरान यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए हजरतगंज, विधानसभा मार्ग और चारबाग की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। लखनऊ ट्रैफिक पुलिस द्वारा विस्तृत रूट डायवर्जन चार्ट जारी किया गया है। पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे समय से पहले वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और यातायात व सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें, ताकि गणतंत्र दिवस समारोह शांतिपूर्ण और गरिमामयी ढंग से संपन्न हो सके।
77वें गणतंत्र दिवस पर विधानसभा में भव्य समारोह:राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रिकॉर्ड सातवीं बार लेंगी परेड की सलामी
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