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जालंधर की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए जालंधर जिला प्रशासन ने एक नई राह दिखाई है। शहर के लाजपत नगर स्थित रेड क्रॉस भवन में तीन दिवसीय ‘पंजाब सखी शक्ति मेला-2026’ की भव्य शुरुआत हो गई है। यह मेला केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि उन ग्रामीण महिलाओं के सपनों को उड़ान देने का मंच है, जो घर की चारदीवारी से निकलकर अब खुद का कारोबार संभाल रही हैं। इस मेले में दुकान लगाने वाली महिलाओं से जब दैनिक भास्कर की टीम ने बात की, तो उनकी आंखों में एक अलग ही चमक नजर आई। गांव कंडोला कलां की रहने वाली राजरानी ने बताया कि वह इस मेले को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, “यह पहली बार है जब हमें जिला प्रशासन की ओर से इतना बड़ा और शानदार मंच मिला है। पहले ही दिन से लोगों का रिस्पॉन्स उम्मीद से कहीं ज्यादा है।” राजरानी ने अपने उत्पादों की खासियत बताते हुए कहा कि उनके उत्पाद 100% हैंडमेड हैं। उन्होंने बताया कि उनके ‘सेल्फ हेल्प ग्रुप’ (SHG) की महिलाओं ने बाकायदा ट्रेनिंग ली है और पूरी गुणवत्ता के साथ सामान तैयार किया है। शुद्धता और सुपर क्वालिटी के कारण लोग इन सामानों को हाथों-हाथ खरीद रहे हैं। जूट बैग्स: ‘मेक इन हैंड’ कला ने बदली तकदीर इस मेले में आकर्षण का केंद्र बने हैं महिलाओं द्वारा तैयार किए गए जूट बैग्स। स्वरोजगार की दिशा में यह एक बड़ा बदलाव बनकर उभरा है। महिलाओं ने बताया कि ये बैग किसी बाजार से खरीदकर नहीं लाए गए हैं, बल्कि हाथ से निर्मित कला का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। मिशन के तहत महिलाओं ने खुद के ग्रुप बनाए हैं। कड़ी मेहनत और प्रोफेशनल ट्रेनिंग के बाद अब वे खुद बैग डिजाइन और तैयार कर रही हैं। यह पहल न केवल महिलाओं के हुनर को पहचान दिला रही है, बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को संवारने में भी संजीवनी का काम कर रही है। पहले दिन ही शानदार बिक्री, बढ़ा महिलाओं का हौसला मेले के पहले ही दिन भारी संख्या में शहरवासी खरीदारी के लिए उमड़ पड़े। सकारात्मक फीडबैक ने इन महिला उद्यमियों के हौसले को और बढ़ा दिया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य गांव की महिलाओं को सीधे बाजार से जोड़ना है, ताकि वे बिचौलियों के बिना अपने उत्पादों का सही दाम पा सकें। प्रशासन की पहल: हुनर को मिली सही पहचान जालंधर जिला प्रशासन की यह पहल ‘सखी शक्ति’ को नया आयाम दे रही है। रेड क्रॉस भवन में सजे इन स्टॉल्स पर न केवल सजावटी सामान, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें भी उपलब्ध हैं। इस आयोजन ने साबित कर दिया है कि अगर ग्रामीण महिलाओं को सही ट्रेनिंग और मंच मिले, तो वे भी एक सफल उद्यमी के रूप में उभर सकती हैं।
जालंधर में पंजाब सखी शक्ति मेला शुरू:राजरानी सहित ग्रामीण महिलाओं ने लगाए स्टॉल्स, हैंडमेड उत्पादों और जूट बैग्स की मची भारी धूम
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