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इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने आरोप लगाया है कि अमेरिका की वजह से इजराइल के कई सैनिक मारे गए। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक उन्होंने कहा कि हमास के खिलाफ गाजा जंग के दौरान हथियारों और गोला-बारूद की सप्लाई रोक दी गई थी। नेतन्याहू ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इजराइल के पास जरूरी गोला-बारूद खत्म हो गया था, इस वजह से कुछ सैनिकों की जान चली गई। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि इस वजह से कितने सैनिकों की मौत हुई। इजराइली पीएम ने सीधे तौर पर पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि यह हथियार रोक तब खत्म हुई जब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति बने। उनके मुताबिक, ट्रम्प के राष्ट्रपति बनते ही इजराइल को फिर से हथियार मिलने लगे। नेतन्याहू ने कहा कि विदेशी सैन्य सहायता पर निर्भरता कम करने के लिए वे एक मजबूत और स्वतंत्र घरेलू हथियार इंडस्ट्री बनाएंगे। अमेरिकी सहायता पर निर्भरता कम करना चाहते हैं नेतन्याहू नेतन्याहू ने कहा कि युद्ध में सैनिकों की मौत आम बात है, लेकिन साथ ही यह भी तर्क दिया कि कुछ मौतों को टाला जा सकता था। नेतन्याहू ने बताया कि गोला-बारूद की कमी के कारण सैनिकों को घरों में घुसकर लड़ना पड़ा और कई सैनिक मारे गए। नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि उन्होंने फैसला किया है कि ऐसा दोबारा कभी नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि अगले दशक के भीतर इजराइल अमेरिकी सहायता पर निर्भरता कम कर दे। नेतन्याहू ने इजराइल-अमेरिका संबंध को सहायता से साझेदारी में बदलने की बात कही, जिसमें इजराइल में विकास शामिल हो। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह का सहयोग भारत और जर्मनी सहित अन्य सहयोगी देशों तक भी बढ़ाया जा सकता है। उनका लक्ष्य हथियार के क्षेत्र में अधिकतम स्वतंत्रता हासिल करना है, ताकि कभी भी हथियारों या गोला-बारूद की कमी न हो। इजराइल को हर साल ₹32,000 करोड़ की सहायता देता अमेरिका वॉर पावर इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका इजराइल को हर साल लगभग 3.8 अरब डॉलर (करीब 32,000 करोड़ रुपये) का सैन्य सहायता देता है। यह मुख्य रूप से फॉरेन मिलिट्री फाइनेंसिंग (FMF) के तहत होता है, जिसमें 3.3 अरब डॉलर सामान्य हथियार खरीद के लिए और 500 मिलियन डॉलर मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए दिए जाते हैं। यह सहायता 2016 में साइन हुए 10 साल के समझौते के तहत दी जाती है। यह 2019 से शुरू हुआ और 2028 तक चलेगा। इस MOU के तहत कुल 38 अरब डॉलर की सहायता का वादा किया गया था, जो हर साल बराबर किश्तों में मिलती है। यह समझौता ओबामा प्रशासन में हुआ था। अमेरिकी कांग्रेस हर साल इसे अप्रूव करती है। इसके अलावा अक्टूबर 2023 से गाजा युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका ने अतिरिक्त सहायता दी है। 2023-2025 तक कुल 21.7 अरब डॉलर से ज्यादा मिलिट्री एड दी गई है, जिसमें 2024 में 8.7 अरब डॉलर का स्पेशल पैकेज शामिल है। 2025 में भी सालाना 3.8 अरब डॉलर के आसपास जारी रही और ट्रम्प प्रशासन ने मार्च 2025 में इमरजेंसी अथॉरिटी से 4 अरब डॉलर की फास्ट-ट्रैक सहायता दी। कुल मिलाकर, अक्टूबर 2023 से अब तक करीब 17-22 अरब डॉलर या उससे ज्यादा की सहायता दी जा चुकी है। इजराइल की सेना दुनिया में 15वें नंबर पर इजराइल की सैन्य शक्ति दुनिया में सबसे मजबूत और उन्नत मानी जाती है। जनवरी 2026 तक, ग्लोबल फायर पावर (GFP) की रैंकिंग के अनुसार, इजराइल 145 देशों में 15वें स्थान पर है। इसका पावर इंडेक्स स्कोर 0.2661 है (जितना कम स्कोर, उतनी ज्यादा ताकत)। यह टेक्नोलॉजी, ट्रेनिंग और रणनीति के कारण इतनी ऊंची रैंकिंग रखता है। वहीं, अमेरिका की सेना दुनिया में नंबर 1 पर है। बाइडेन के सहयोगी बोले- नेतन्याहू झूठ बोल रहे नेतन्याहू के दावे के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के एक शीर्ष सहयोगी एमोस होचस्टीन ने नेतन्याहू पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। होचस्टीन ने कहा, ‘नेतन्याहू न तो सच बोल रहे हैं और न ही उस राष्ट्रपति के तरफ सम्मान दिखा रहे हैं, जिसने मुश्किल समय में इजराइल की मदद की।’ होचस्टीन के साथ बाइडेन के एक दूसरे शीर्ष सहयोगी ब्रेट मैकगर्क भी शामिल हुए, उन्होंने कहा, ‘नेतन्याहू का वह बयान सरासर झूठा है।’ गाजा जंग में 1 हजार से ज्यादा सैनिकों की मौत हुई थी इजराइल-हमास युद्ध में 2023 से अब तक करीब 900 से 1,150 इजराइली सैनिकों की मौत हुई है। इजराइली अधिकारियों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नवंबर 2025 तक कुल 922 सैनिकों की मौत हुई है। इसमें से 471 गाजा में ग्राउंड ऑपरेशंस और बॉर्डर पर ऑपरेशंस के दौरान मारे गए। इजराइली सेना ने खुद 1,152 सैनिकों की मौत स्वीकार की है, जिसमें से ज्यादातर 7 अक्टूबर 2023 के हमले और उसके बाद के ग्राउंड ऑपरेशंस में हुईं। जंग के 2 साल बीते, खंडहर हुआ गाजा हमास के हमले से शुरू हुए गाजा युद्ध के दो साल से ज्यादा हो गए हैं। 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजराइल में घुसपैठ की और करीब 251 लोगों को बंधक बना लिया। जवाब में इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तुरंत जंग का ऐलान किया और हमास पर हमले शुरू कर दिए। इन दो सालों में गाजा की 98% खेती की जमीन बंजर हो गई है। अब सिर्फ 232 हेक्टेयर जमीन ही उपजाऊ बची है। यहां फिर से खेती शुरू करने में 25 साल लगेंगे। जंग की वजह से गाजा के 23 लाख लोगों में से 90% बेघर हो गए हैं। ये बिना पानी-बिजली के तंबुओं में रह रहे हैं और आधे से ज्यादा भुखमरी झेल रहे हैं। 80% इलाका मिलिट्री जोन बन चुका है। UN की रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा में जमा 510 लाख टन मलबा हटाने में 10 साल और 1.2 ट्रिलियन डॉलर लग सकते हैं। 80% इमारतें तबाह हो गई हैं, जिससे 4.5 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। 72 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए उत्तर और दक्षिण गाजा से भगाए गए लाखों लोग अब टेंटों में बिना पानी, बिजली और दवा के दिन गुजार रहे हैं। यूएन एजेंसियों के मुताबिक, आधे से ज्यादा लोग भुखमरी से जूझ रहे हैं। अब तक 72 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, इनमें 18,430 बच्चे (लगभग 31%) शामिल हैं। गाजा में करीब 39,384 बच्चे सूचिबद्ध हैं जिनके माता या पिता में से कोई एक मारा गया है। वहीं, 17,000 फिलिस्तीनी बच्चे माता-पिता दोनों खो चुके हैं। राहत एजेंसियां कहती हैं- यह अब शहर नहीं, जिंदा बचे लोगों का कैंप मात्र है। —————————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- दूसरा नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा: नए समझौते पर सहमति का दबाव बनाया; एक जंगी बेड़ा पहले ही पहुंच चुका है ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ शिकंजा और कसने की तैयारी में है। अमेरिका ईरान के आसपास अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
नेतन्याहू बोले-गाजा में अमेरिका की वजह से हमारे सैनिक मरे:बाइडेन पर हथियारों की सप्लाई रोकने का आरोप लगाया, कहा- अब अपनी हथियार इंडस्ट्री बनाएंगे
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