गोरखपुर में फर्जी आईएएस बनकर लोगों को अपने रुतबे का झांसा देने वाले गौरव कुमार उर्फ ललित का ठगी का एक और मामला सामने आया है। भटहट के निवासी ब्रह्म सिंह ने आरोप लगाया कि जमीन दिलाने के नाम पर फर्जी आईएएस गौरव कुमार उसकी पत्नी पूजा समेत छह लोगों ने उनस
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पीड़ित की शिकायत पर गुलरिहा थाना पुलिस ने मामले की जांच की और आरोप सही पाए जाने पर एसपी सिटी ने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए। आरोपी पहले से शादीशुदा है। इसने फर्जी आईएएस बनकर 3 गर्लफ्रेंड भी बनाई थी। पुलिस उनका भी बयान लेगी। इसके बाद जेल में बंद फर्जी आईएएस की परेशानी और बढ़ सकती है।
पीड़ित किसान ब्रह्म सिंह ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि गौरव कुमार मेडिकल कालेज के पास किराए के कमरे में रहता था और खुद को 2022 बैच का आईएएस अधिकारी बताता था। ब्राह्मा सिंह ने बताया कि बीते 27 जून 2025 को उनकी मुलाकात गोरखनाथ के लच्छीपुर संतोष नगर निवासी परमानंद गुप्ता और बिहार के सीमागढ़ी, रिगा निवासी अभिषेक गुप्ता से हुई थी। आरोपियों ने खुद को आईएएस का पीएस बताते हुए उनसे मिले और फुलवरिया व नाहरपुर में उनकी जमीनें दिलाने का लालच दिया।
आरोपियों ने बताया कि उनके साहब गौरव कुमार सिंह आईएएस है जो लोगों को सरकारी टेंडर दिलाते हैं। उसने कहा था कि उसकी प्रशासनिक पहुंच के कारण जमीन का काम तुरंत हो जाएगा। झांसे में आकर ब्रह्मा सिंह ने आरोपियों के खाते में 20 अगस्त से 7 अक्तूबर 2025 के बीच उन्होंने 4.50 लाख रुपये दे दिए। इसबीच उन्होंने फर्जी आईएएस के मामले में जानकारी हुई कि फर्जी आईएएस का नाल ललित किशोर है और वह कोई आईएएस अधिकारी नहीं है।
इस खुलासे के बाद उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ सुनियोजित धोखाधड़ी की गई है। ब्रह्मा सिंह ने आरोप लगाया कि परमानंद गुप्ता, अभिषेक कुमार, रामनयन गुप्ता, परमानंद की बेटी संयोगिता गुप्ता और फर्जी आईएएस की पत्नी पूजा सिंह ने मिलकर जाली दस्तावेज और झूठे आईएएस पहचान पत्र का इस्तेमाल कर उनसे रुपये हड़प लिए। ब्राह्मा सिंह ने बताया कि जब उन्होंने आरोपियों से संपर्क किया तो उन्होंने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया।
गुलरिहा थानाप्रभारी इत्यानंद पांडेय ने बताया कि जमीन से संबंधित शिकायत मिलने पर जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
यूपी, बिहार से लेकर मध्य प्रदेश तक लोगाें से कर चुका है ठगी
इधर, पुलिस जांच में यह भी पता चला कि गौरव कुमार ने इस पहचान का सहारा लेकर यूपी, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में कई लोगों को ठग चुका है। गुलरिहा थाना पुलिस ने बिहार के सीतामढ़ी जिले में रहने वाले गौरव कुमार उर्फ ललित को 10 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया था। वह खुद को 2022 बैच का आईएएस अधिकारी बताता था और इसी पहचान के सहारे यूपी, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में लोगों को ठगा। पुलिस ने उसके साला अभिषेक कुमार और एक अन्य सहयोगी परमानंद गुप्ता भी गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
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3 BHK का अपार्टमेंट, थाने से सिर्फ 500 मीटर दूर गोरखपुर पुलिस ने 10 दिसंबर को गौरव कुमार सिंह को अरेस्ट किया। जालसाजी में उसके साथी अभिषेक कुमार और परमानंद गुप्ता भी गिरफ्त में आ गए। गोरखपुर के जिस झुंगिया कॉलोनी में गौरव रहता था, दैनिक भास्कर वहां पहुंचा। गौरव का 3 BHK फ्लैट गुलरिहा थाने से सिर्फ 500 मीटर दूर था। ये अपार्टमेंट उसने 20 हजार रुपए महीने किराए पर लिया था। इस मकान के मालिक बलरामपुर में रहते हैं। पुलिस ने उन्हें भी गोरखपुर बुलाया है।

यहीं वो अपार्टमेंट है, जिसमें गौरव कुमार किराए पर रहता था। इसके मालिक बलरामपुर में रहते हैं।
अब पड़ोसियों की बात
रामप्रीत बोले- सब झुककर प्रणाम करते थे गौरव के घर के बाहर लगे काले गेट पर ताला लगा था। घर से सटे मकान में रहने वाले रामप्रीत बाहर कुर्सी पर बैठकर धूप सेंक रहे थे। हमसे उन्होंने कहा- हमारे लिए तो सौभाग्य की बात है कि बगल के घर में एक IAS अफसर रहता था। गौरव करीब 2 साल से यहां रह रहा। उसका व्यवहार बहुत अच्छा है। 10-10 गाड़ियों के काफिले के साथ 10 गनर लेकर चलता था। पूरी लोकेलिटी के लोग उसके आगे झुककर प्रणाम करते थे।
हमने उन्हें गौरव की अरेस्टिंग के बारे में बताया। थोड़ी देर के लिए वह शांत हो गए। इसके बाद कहने लगे- कुछ महीने पहले उसके पत्नी और बच्चे आए थे। गौरव के 2 लड़के हैं। एक 5 साल और दूसरा 6 साल का होगा। दोनों घर में खेलने आते थे। हमें तो कभी नहीं लगा कि वो कोई धोखेबाज है।
उन्होंने बताया- कॉलोनी में आने के बाद उसने कई काम भी करवाए थे। घर के बाहर मिट्टी डलवाई थी, जहां पर उसकी गाड़ियां खड़ी होती थीं। घर के बाहर ढेर सारे गमले लगाए थे। हमेशा अपने काम में बिजी रहता था। बोलता था कि बाबा कोई काम हो, तो मुझे बताइएगा। तुरंत हो जाएगा, लेकिन कभी मेरा काम ही नहीं पड़ा।

गौरव के पास असम, कोलकाता एजेंसियों के गनर यहीं कुछ दूरी पर रहने वाले राजेश कहते हैं- जब भी इस रास्ते गुजरता, तो कई गाड़ियां और भीड़ दिखती थी। पुलिस की वर्दी में भी लोग दिखते थे। एक गनर से मैंने बात की थी। गनर ने बताया था कि हम लोग किराए पर रखे गए हैं। साहब (गौरव) ने कुछ लोगों को कोलकाता और कई को असम की कंपनी से बात करके बुलवाया है। गनर भी गौरव की बहुत तारीफ करते थे।
प्राधिकरण, नगर निगम के काम एक कॉल पर करवाए कॉलोनी में रहने वाली इंदू देवी ने बताया- हम लोगों के लिए तो वह बहुत बड़े अधिकारी ही थे। हमेशा सरकारी हूटर लगी गाड़ियां आती थीं। हम लोग यही सोचते थे कि कॉलोनी में जो भी काम हो रहा, इस अधिकारी की वजह से ही हो रहा। बाकी इस कॉलोनी में रहने वाले कुछ लोग प्राधिकरण और नगर निगम के काम लेकर उनके पास गए थे। उन्होंने किसी को कॉल किया, तो तुरंत हो भी गए थे।

पुलिस को गौरव के घर से इस तरह के लिफाफे मिले, इनसे वो पत्राचार करता था।
दफ्तर में पत्नी बैठती थी, 10-12 लोगों का स्टाफ था झुंगियां बाजार स्थित गौरव के दफ्तर में उसकी पत्नी पूजा कुमारी भी बैठती थी। वहां 10-12 बॉडीगार्ड और स्टाफ के रूप में तैनात रहते थे। यह भव्य सेटअप देखकर लोग विश्वास में आ गए थे।
एसपी सिटी ने बताया कि एक IAS अधिकारी का सेटअप बनाने के लिए वह लाखों का खर्च उठा रहा था। इसके लिए वह अपने चंगुल में फंसने वाले कारोबारियों से पैसा वसूलता था।
- 10-12 गनर रखता था। हर गनर को 30 हजार रुपए महीने की सैलरी देता था।
- एक मैनेजर लेकर चलता था। उसकी 60 हजार रुपए महीना सैलरी थी।
- उसके पास एक स्कॉर्पियों और अर्टिगा कार थी। 30-30 हजार रुपए की ईएमआई भर रहा था।

व्यापारी से 1.70 करोड़ लिए, 200 करोड़ के टेंडर का झांसा दिया एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया- पटना के मोकामा में रहने वाले व्यापारी मुकुंद माधव से सितंबर, 2024 में अररिया (बिहार) के एक होटल में गौरव मिला। गौरव ने मुकुंद को बताया कि मैं एक आईएएस अधिकारी हूं और बड़े सरकारी टेंडर दिलवाता हूं।
विश्वास में लेकर उसने मुकुंद को गोरखपुर बुलाया। दफ्तर का रौब देखकर मुकुंद माधव पूरी तरह झांसे में आ गए। पहले दिन ही 10 लाख रुपए दे दिए।
इसके बाद अप्रैल, 2025 से कई बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 70 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। अलग-अलग मौकों पर 25 लाख रुपए नकद और दो लग्जरी कार भी ले लीं।
जुलाई, 2025 में जब व्यापारी ने टेंडर की स्थिति पूछी तो ललित ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी गोरखपुर, सहायक प्रस्तुतकर्ता पदाधिकारी एसनगर विकास भवन, आयुक्त कार्यालय मंडल गोरखपुर के नाम से एआई आधारित फर्जी पत्र भेजकर बताया कि उन्हें भवन आवंटित कर दिया गया है। इन वॉट्सऐप संदेशों से पीड़ित पूरी तरह प्रभाव में आ गया था।
जब व्यापारी मुकुंद माधव ने दोबारा पूछताछ की तो गौरव लगातार अलग-अलग अखबारों की फर्जी कटिंग भेजता रहा। जिनमें लिखा होता था कि मुकुंद माधव को 200 करोड़ का टेंडर मंजूर हो गया है। एआई से तैयार की गई ये कटिंग मुकुंद को बड़े स्तर पर ठगने की रणनीति का हिस्सा थी।
इसके बाद जब टेंडर नहीं मिला तो मुकुंद ने रुपए वापस मांगे। इस पर गौरव और उसके साथियों ने मुकुंद को जान से मारने की धमकी दी। घबराकर व्यापारी मुकुंद ने 6 दिसंबर को गुलरिहा थाने में शिकायत दी। इस पर पुलिस ने FIR दर्ज कर कार्रवाई तेज कर दी।

पुलिस की जांच में पता चला है कि गौरव ने सीतामढ़ी की पूजा कुमारी से शादी की है। गौरव के मोबाइल देखकर उसकी 4 गर्लफ्रेंड का भी पता चला। चैट पढ़ने पर पता चला कि 3 गर्लफ्रेंड तो प्रेग्नेंट हैं। इन चैट से सामने आया कि गौरव अपनी पत्नी की गैरमौजूदगी में गोरखपुर के होटलों में गर्लफ्रेंड को बुलाता था। वहां रातभर पार्टी होती थी। इनमें वह कभी-कभी अपने स्टाफ को भी इसमें शामिल करता था।
पुलिस मोबाइल चेक कर रही थी, गर्लफ्रेंड ने लगाया स्टेट्स गोरखपुर पुलिस ने गौरव को गिरफ्तार कर उसका मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया। मोबाइल चेक करते समय उसकी एक गर्लफ्रेंड ने गौरव की फोटो स्टेटस पर लगाकर लिखा- मिस यू हैंडसम…।
5 महीने पहले गौरव ने अपना पुराना सिम और मोबाइल में ढेर सारा रिकॉर्ड डिलीट कर दिया था। इधर 6 महीने पहले उसने एक नया मोबाइल और सिम लिया था। इस वजह से पुलिस को उसके पुराने रिकार्ड मोबाइल में नहीं मिल पाए।

पुलिस ने गौरव और उसके सहयोगी अभिषेक को पकड़ा था।

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गोरखपुर में फर्जी IAS गौरव कुमार सिंह उर्फ ललित किशोर पकड़ा गया। वो सिर्फ IAS प्रोटोकॉल मेनटेन करके लिए हर महीने 5 लाख रुपए खर्च कर रहा था। 10-15 लोगों की टीम उसके आगे-पीछे चलती थी। सफेद इनोवा पर लाल-नीली बत्तियां लगाकर वह गांवों का दौरा करता था। पढ़िए पूरी खबर….