UK PM Keir Starmer Political Crisis; Epstein Files

Actionpunjab
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लंदन31 मिनट पहले

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एपस्टीन फाइल्स के तहत ये तस्वीर अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने जारी की है, इसमें मार्क जुकरबर्ग और इलॉन मस्क नजर आ रहे हैं। - Dainik Bhaskar

एपस्टीन फाइल्स के तहत ये तस्वीर अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने जारी की है, इसमें मार्क जुकरबर्ग और इलॉन मस्क नजर आ रहे हैं।

एपस्टीन फाइल्स में टेस्ला के मालिक इलॉन मस्क और मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग की तस्वीर सामने आई है। इस तस्वीर में सिलिकॉन वैली के बड़े टेक दिग्गज साथ में डिनर करते नजर आ रहे हैं।

इसमें पेपाल के को-फाउंडर पीटर थील और MIT मीडिया लैब के पूर्व डायरेक्टर जोई इतो भी दिख रहे हैं। यह फोटो साल 2015 की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह वही डिनर पार्टी है, जिसे यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने ‘वाइल्ड डिनर’ कहा था। एपस्टीन ने यह तस्वीर अगस्त 2015 में खुद को ईमेल की थी और इसे फ्रेम कराकर अपने न्यूयॉर्क स्थित अपार्टमेंट में लगा रखा था।

अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने 30 जनवरी को एपस्टीन फाइल्स के 30 लाख दस्तावेज सार्वजनिक किए थे, जिसके बाद से इस मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं।

एपस्टीन ने डिनर को ‘वाइल्ड’ बताया था

जस्टिस डिपार्टमेंट की फाइलों के मुताबिक, 2 अगस्त 2015 को एपस्टीन ने अपने दोस्त पीटर एटिया को ईमेल भेजकर लिखा था कि उस रात एलन मस्क, पीटर थील और मार्क जुकरबर्ग के साथ डिनर है। जवाब में एटिया ने लिखा था कि यह शानदार डिनर लग रहा है।

इसके कुछ दिनों बाद, 20 अगस्त 2015 को एपस्टीन ने अरबपति टॉम प्रिट्जकर को एक और ईमेल भेजा, जिसमें उसने इस डिनर को ‘वाइल्ड’ बताया।

इलॉन मस्क का नाम पहले भी एपस्टीन फाइल्स में आ चुका है। 2012 के एक ईमेल में मस्क ने एपस्टीन से पूछा था कि उसके आइलैंड पर सबसे ‘वाइल्ड पार्टी’ किस दिन होगी। यह मेल उस सवाल के जवाब में था, जिसमें एपस्टीन ने आइलैंड पर जाने वालों की संख्या पूछी थी।

ब्रिटेन से लेकर अमेरिका तक एपस्टीन फाइल्स के नए खुलासे सामने आने के बाद अब एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि दुनिया के सबसे ताकतवर और अमीर लोगों के एपस्टीन से रिश्ते कितने गहरे थे।

एपस्टीन फाइल्स विवाद से ब्रिटिश पीएम की कुर्सी पर भी खतरा

वहीं एपस्टीन फाइल की वजह से ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार मुश्किल में फंस गई है। एपस्टीन फाइल से जुड़े विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया कि उनके सबसे भरोसेमंद सहयोगी और डाउनिंग स्ट्रीट के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी को इस्तीफा देना पड़ा।

मैकस्वीनी पर आरोप है कि उन्होंने यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन का समर्थन करने वाले पीटर मंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनाकर भेजा था। मैकस्वीनी ने कहा कि यह नियुक्ति गलत थी।

मैकस्वीनी ने माना कि उन्हें पता था कि मंडेलसन ने जेफ्री एपस्टीन का जेल जाने के बाद भी समर्थन किया था। मंडेलसन पर ये भी आरोप है कि उन्होंने ब्रिटेन के बिजनेस सेक्रेटरी रहते हुए एपस्टीन को मार्केट से जुड़ी संवेदनशील जानकारी शेयर की थी।

मैकस्वीनी ने कहा कि इस फैसले से पार्टी, देश और राजनीति पर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है। वहीं विपक्ष का कहना है पीएम स्टार्मर को मामले की जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा देना चाहिए।

अमेरिका में ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर के साथ पीटर मंडेलसन। मंडेलसन पर आरोप है कि जेफ्री एपस्टीन को बच्चों के यौन शोषण के मामलों में सजा होने के बाद भी मंडेलसन उसके संपर्क में रहे और उसका समर्थन किया।

अमेरिका में ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर के साथ पीटर मंडेलसन। मंडेलसन पर आरोप है कि जेफ्री एपस्टीन को बच्चों के यौन शोषण के मामलों में सजा होने के बाद भी मंडेलसन उसके संपर्क में रहे और उसका समर्थन किया।

मैकस्वीनी को ब्रिटिश पीएम का दिमाग कहा जाता है

मैकस्वीनी को स्टार्मर का सबसे मजबूत सहारा माना जाता था। उन्हें प्रधानमंत्री का ‘दिमाग’ कहा जाता है और सत्ता तक पहुंचाने में उनकी बड़ी भूमिका रही। उनके जाने के बाद लेबर पार्टी के सांसद पूछ रहे हैं कि अब स्टार्मर कितने दिन टिक पाएंगे।

पार्टी के वामपंथी धड़े ने सीधे प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग कर दी है। लेबर पार्टी के पूर्व कैंपेन प्रमुख जॉन ट्रिकेट ने कहा कि जिम्मेदारी ऊपर तक जाती है।

सांसद ब्रायन लीशमैन ने कहा कि पार्टी की दिशा बदलनी है और इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री से होनी चाहिए। सांसद किम जॉनसन ने माना कि स्टार्मर के लिए हालात संभालना मुश्किल हो गया है, जबकि रैचेल मास्केल ने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है।

ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर के साथ मॉर्गन मैकस्वीनी। तस्वीर पिछले साल मई की है।

ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर के साथ मॉर्गन मैकस्वीनी। तस्वीर पिछले साल मई की है।

PM स्टार्मर देश को संबोधित कर सकते हैं

इस पूरे विवाद के बीच पीएम स्टार्मर देश को संबोधित करने की तैयारी कर रहे हैं। वे राजनीति को साफ करने की बात रखेंगे और यह संकेत देंगे कि वह इस्तीफा नहीं देने जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि नीतियों में कोई बदलाव नहीं होगा। प्रधानमंत्री आज लेबर सांसदों की बैठक में भी बात रखेंगे।

इधर, पार्टी के अंदर लीडरशिप की रेस तेज हो गई है। उपप्रधानमंत्री एंजेला रेनर और स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग के नाम चर्चा में हैं। विदेश मंत्री डेविड लैमी ने साफ किया है कि उन्होंने मंडेलसन की नियुक्ति का विरोध किया था। ऊर्जा मंत्री एड मिलिबैंड को संभावित किंगमेकर बताया जा रहा है।

स्टार्मर के समर्थक चेतावनी दे रहे हैं कि बड़ी चुनावी जीत के सिर्फ 18 महीने बाद प्रधानमंत्री को हटाने से देश और पार्टी दोनों में भारी अस्थिरता आ सकती है। वर्क एंड पेंशन सेक्रेटरी पैट मैकफैडन ने कहा कि इससे आर्थिक और राजनीतिक अराजकता फैल सकती है।

स्टार्मर ने मंडेलसन को झूठा बताया था

इससे पहले स्टार्मर ने 5 फरवरी को मंडेलसन को झूठा बताया था। उन्होंने कहा कि उन्हें मंडेलसन ने झूठ बोला था और उन्होंने उस झूठ पर भरोसा करके उन्हें राजदूत बनाया। मुझे इस फैसले पर गहरा अफसोस है।

स्टार्मर ने अपने भाषण में कहा कि अब उन्हें समझ आया है कि मंडेलसन और एपस्टीन के रिश्ते कितने गहरे और अंधेरे थे। उन्होंने लेबर सांसदों और एपस्टीन के पीड़ितों से माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें इस नियुक्ति पर अफसोस है।

स्टार्मर ने यह भी कहा कि वह सुरक्षा जांच से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करना चाहते हैं, लेकिन पुलिस जांच के चलते ऐसा नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि राजनीतिक फायदा कितना भी बड़ा क्यों न हो, वह पीड़ितों को न्याय मिलने के रास्ते में कोई कदम नहीं उठाएंगे।

इस पूरे विवाद के बाद ब्रिटेन की उधारी लागत भी बढ़ गई है, क्योंकि निवेशकों को डर है कि स्टार्मर सरकार टिक पाएगी या नहीं।

स्टार्मर पर गलती का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने आरोप

विपक्षी कंजर्वेटिव नेता केमी बेडेनोक ने कहा कि असली जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की है। उनका आरोप है कि स्टार्मर हर बार गलती का ठीकरा दूसरों पर फोड़ देते हैं।

PM स्टार्मर के कार्यकाल में दूसरे चीफ ऑफ स्टाफ का इस्तीफा है। इससे पहले 2024 के चुनाव के बाद सू ग्रे को हटाया गया था।

मैकस्वीनी के इस्तीफे के बाद जिल काथबर्टसन और विध्या अलकेसन को कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ बनाया गया है।

वहीं, मैकस्वीनी के करीबी मानते हैं कि उन्हें हटाना बड़ी गलती थी। एक नेता ने कहा, यह अपनी ही टीम के सबसे मजबूत खिलाड़ी को बाहर करने जैसा है। कुछ सांसदों को डर है कि उनके जाने से पार्टी और ज्यादा वामपंथी रास्ते पर चली जाएगी।

कौन था जेफ्री एपस्टीन?

जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी।

उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली।

उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।

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