PM Narendra Modi Assam Emergency Landing Schedule; Moran Airstrip

Actionpunjab
5 Min Read


  • Hindi News
  • National
  • PM Narendra Modi Assam Emergency Landing Schedule; Moran Airstrip | Highway ELF

नई दिल्ली9 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 फरवरी को असम के मोरान में हाईवे पर बनी इमरजेंसी एयरस्ट्रिप पर उतर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यदि ऐसा होता है तो यह पूर्वोत्तर भारत में पहली बार होगा जब किसी पीएम का प्लेन पारंपरिक एयरपोर्ट की बजाय हाईवे पर लैंड करेगा। यह एयरस्ट्रिप नेशनल हाईवे (NH) 127 के डिब्रूगढ़-मोरान हिस्से पर बनाई गई है।

पीएम की मौजूदगी में राफेल और सुखोई लड़ाकू विमान एक स्पेशल एरियल डेमो करेंगे। इसमें विमान हाईवे से ही लैंडिंग और टेकऑफ दिखाएंगे। डेमो करीब 30-40 मिनट का होगा।

असम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उम्मीद जताई कि पीएम मोदी फाइटर एयरक्राफ्ट में मोरन हाईवे पर उतरेंगे। मुख्य सचिव रवि कोटा ने कहा कि 14 फरवरी को प्रधानमंत्री 4.4 km के एयरस्ट्रिप के उद्घाटन के लिए मोरन आएंगे।

यह कार्यक्रम भारत की आपदा तैयारी, पूर्वोत्तर विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा को दर्शाएगा। पीएम की यात्रा सिविल-मिलिट्री दोहरे उपयोग वाले इंफ्रास्ट्रक्चर और डेमो एयरस्ट्रिप की क्षमता पर फोकस करेगी। राफेल और सुखोई भारतीय वायुसेना के प्रमुख लड़ाकू विमान हैं।

असम में बनी पूर्वोत्तर की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी

मोरान एयरस्ट्रिप NH-127 के 4.4 किलोमीटर लंबे हिस्से पर बनाई गई है। यह भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) है, जो सेना और सिविल विमानों दोनों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। ELF का मतलब है कि युद्ध या आपात स्थिति में विमान हाईवे पर उतर या उड़ान भर सकते हैं।

इससे सड़क का दोहरा फायदा होता है। रोजमर्रा की ट्रैफिक के साथ-साथ सैन्य जरूरतों के लिए। यह एयरस्ट्रिप पूर्वोत्तर की रणनीतिक महत्व को बढ़ाती है, क्योंकि यह क्षेत्र चीन की सीमा से सटा है।

सरकार ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और अन्य जगहों पर भी ELF बनाए हैं। मोरान ELF पूर्वोत्तर को मजबूत बनाने का हिस्सा है, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर है। सरकार ने ऐसे कई ELF पूरे देश में विकसित किए हैं, लेकिन मोरान पूर्वोत्तर का पहला है।

असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने इमरजेंसी एयरस्ट्रिप की फोटो सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर शेयर की थी।

असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने इमरजेंसी एयरस्ट्रिप की फोटो सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर शेयर की थी।

ELF का महत्व क्यों?

भारत में ELF का विचार इमरजेंसी हालात के लिए है। युद्ध में अगर एयरपोर्ट क्षतिग्रस्त हो जाएं तो हाईवे विकल्प बन सकते हैं। बाढ़ या प्राकृतिक आपदा में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए। पूर्वोत्तर जैसे दूर दराज क्षेत्रों में यह सुरक्षा बढ़ाता है।

यह यात्रा पूर्वोत्तर की रणनीतिक अहमियत पर संदेश देगी। पीएम मोदी अक्सर ऐसे इवेंट्स से विकास और सुरक्षा को जोड़ते हैं। अगर प्लान सफल रहा, तो यह भारत की वायुसेना की ताकत और इंफ्रास्ट्रक्चर की नई मिसाल बनेगा।

राजस्थान में पहली इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप 2021 में बनी

देश में 9 सितंबर 2021 को राजस्थान के बाड़मेर-जालोर हाईवे (NH-925A) पर देश की पहली इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप का उद्घाटन हुआ। इस मौके पर भारतीय वायुसेना का C-130J सुपर हरक्यूलस विमान इसी हाईवे पर उतरा। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और तत्कालीन चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बिपिन रावत सवार थे।

यह लैंडिंग एक मॉक इमरजेंसी लैंडिंग थी। इसी कार्यक्रम में IAF के अन्य विमानों जैसे Sukhoi-30MKI लड़ाकू विमान, AN-32 ट्रांसपोर्ट विमान और Mi-17 हेलिकॉप्टर भी हाईवे की इमरजेंसी स्ट्रिप पर उतरे थे।

————————————–

ये खबर भी पढ़ें…

पेंगुइन का दावा- नरवणे की किताब पब्लिश नहीं हुई, इसका कोई हिस्सा सार्वजनिक नहीं किया

पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी (Four Stars of Destiny)’ पर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई। इसका कोई हिस्सा सार्वजनिक नहीं किया गया। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *