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फरीदाबाद जिले में क्राइम ब्रांच की टीम पर गोली चलाकर जान से मारने का प्रयास करने वाले तीन बदमाशों को कोर्ट ने आज सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति लांबा की कोर्ट ने तीनों दोषियों को दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर अलग-अलग राशि का जुर्माना भी लगाया गया है। हालांकि, इनमें से एक आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। मामले की जानकारी देते हुए चीफ डिफेंस काउंसल एडवोकेट रविंद्र गुप्ता ने बताया कि यह घटना 31 मार्च 2019 की है। उस दिन क्राइम ब्रांच सेक्टर-48 की टीम को सूचना मिली थी कि मुजेसर फाटक के पास कुछ शरारती तत्व फायरिंग कर क्षेत्र में दहशत फैला रहे हैं। बदमाशों से डरकर दुकानें बंद थी सूचना मिलते ही एएसआई जगवीर सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। फायरिंग के चलते आसपास के दुकानदारों ने डर के कारण अपनी दुकानें बंद कर दी थीं। जांच में सामने आया कि तीनों बदमाश एक सेंट्रो कार में सवार होकर आए थे। पुलिस टीम ने उनका पीछा किया तो वे सरकारी स्कूल के पास दिखाई दिए। पुलिस ने पीछा कर पकड़ा पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे। जब पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने क्राइम ब्रांच की टीम पर फायरिंग कर दी और भागने की कोशिश की। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। करीब कई किलोमीटर तक पीछा करने के बाद बदमाश फिर से मुजेसर फाटक के पास पहुंच गए, लेकिन रेलवे फाटक बंद होने के कारण वे आगे नहीं बढ़ सके। फरार बदमाश को भी पकड़ा इसी दौरान रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मुजेसर निवासी मोनू उर्फ बंदर और पृथला निवासी नरेंद्र मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके से मथुरा निवासी पवन उर्फ मोनू को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसकी निशानदेही पर नरेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
क्राइम ब्रांच टीम पर फायरिंग के 3 दोषियों को सजा:फरीदाबाद कोर्ट ने सुनाई 10 साल की कैद, जुर्माना लगाया , 2019 का मामला
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