NCERT Judicial Corruption Chapter Controversy; CJI Surya Kant

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नई दिल्ली10 मिनट पहले

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सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने NCERT की 8वीं कक्षा की किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ का चैप्टर शामिल किए जाने पर नाराजगी जताई है। CJI ने कहा- किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

बुधवार को CJI सूर्यकांत, जस्टिस विपुल एम पंचोली और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच में यह मामला सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने उठाया था।

इस पर चीफ जस्टिस ने कहा-

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मुझे इसकी पूरी जानकारी है। यह पूरे ज्यूडीशियल इंस्टीट्यूशन के लिए चिंता की बात है। यह सोचा-समझा कदम लग रहा है। मैं किसी को भी, चाहे वे कितने भी ऊंचे पद पर क्यों न हों, इंस्टीट्यूशन को बदनाम नहीं करने दूंगा। मैं इस मामले पर खुद नोटिस ले रहा हूं।

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NCERT की नई सोशल साइंस टेक्स्टबुक में ज्यूडीशियरी में करप्शन पर चैप्टर

NCERT ने 23 फरवरी को जारी नई टेक्‍स्‍टबुक ‘एक्सप्लोरिंग सोसायटी: इंडिया एंड बियॉन्ड पार्ट 2’ में ‘द रोल ऑफ द ज्यूडीशियरी इन अवर सोसायटी’ टॉपिक के अंदर ज्‍यूडिशियरी में करप्‍शन का टॉपिक जोड़ा है। इसका पहला पार्ट जुलाई 2025 में रिलीज किया गया था। ये किताब एकेडमिक सेशन 2026-27 से स्‍कूलों में पढ़ाई जानी है।

सोशल साइंस की इस किताब में लिखा गया है- ‘Justice delayed is justice denied’, यानी इंसाफ में देरी नाइंसाफी की तरह है। यहां सुप्रीम कोर्ट में 81 हजार, हाईकोर्ट्स में 62 लाख 40 हजार, डिस्ट्रिक्ट और सबऑर्डिनेट कोर्ट के 4 करोड़ 70 लाख पेंडिंग केस की संख्या भी बताई गई है।

किताब का वो हिस्सा जिसमें करप्शन और पेंडिंग केस का जिक्र…

सीनियर वकील बोले- किताब में ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्स पर एक शब्द नहीं

सीनियर वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक एम सिंघवी ने CJI की बेंच के सामने कहा- बच्चों को ज्यूडिशियरी में करप्शन का सब्जेक्ट ऐसे पढ़ाया जा रहा है जैसे यह कहीं और, किसी और इंस्टीट्यूशन में है ही नहीं। यह चिंता का विषय है। हम यहां बार काउंसिल की चिंता लेकर आए हैं।

दोनों वकीलों ने कहा, “किताब में ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्स वगैरह को छोड़ दिया है। दूसरे सेक्टर्स पर एक शब्द भी नहीं। वे ऐसे पढ़ा रहे हैं जैसे यह सिर्फ़ इसी इंस्टीट्यूशन में है।”

जवाब में CJI ने कहा, “प्लीज थोड़ा इंतजार करें। मुझे बार और बेंच दोनों से बहुत सारे कॉल, मैसेज आ रहे हैं। सभी हाईकोर्ट के जज समेत सिस्टम का हर स्टेकहोल्डर परेशान है। मैं इस मामले को खुद देखूंगा। कानून अपना काम करेगा।”

बेंच में शामिल जस्टिस बागची ने भी कहा कि यह किताब बेसिक स्ट्रक्चर के ही खिलाफ लगती है।

नई किताब में ज्यूडीशियरी से जुड़े अहम पॉइंट्स…

  • इसमें कोर्ट की हायरार्की और न्याय तक पहुंच को समझाने से ज्यादा ज्यूडिशियल सिस्टम के सामने आने वाली चुनौतियों जैसे करप्शन और केस बैकलॉग को बताया गया है।
  • करप्शन वाले सेक्शन में बताया गया है कि जज एक कोड ऑफ कंडक्ट से बंधे होते हैं जो न केवल कोर्ट में बल्कि कोर्ट के बाहर भी उनके व्यवहार को कंट्रोल करता है।
  • ज्यूडिशियरी के अंदरूनी अकाउंटेबिलिटी सिस्टम को भी समझाया गया है। सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेस एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CPGRAMS) के जरिए शिकायतें लेने के तय तरीके भी बताए गए हैं।
  • किताब के मुताबिक CPGRAMS सिस्टम के जरिए 2017 और 2021 के बीच 1,600 ज्यादा शिकायतें मिली थीं।
  • किताब में गंभीर मामलों में जजों को हटाने के संवैधानिक नियम के बारे में भी बताया गया है कि पार्लियामेंट इंपीचमेंट मोशन पास करके जज को हटा सकती है।
  • बच्चे पढ़ेंगे कि ऐसे मोशन पर सही जांच के बाद ही विचार किया जाता है। इस दौरान जज को मामले में अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाता है।
  • चैप्टर में लिखा है- लोग ज्यूडिशियरी के अलग-अलग लेवल पर करप्शन का सामना करते हैं। गरीबों और जरूरतमंदों की न्याय तक पहुंच की समस्या और बिगड़ सकती है।
  • यह भी बताया है कि राज्य और केंद्र ट्रांसपेरेंसी और पब्लिक ट्रस्ट को मजबूत करने की कोशिशें कर रहे हैं। इसमें टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और करप्शन के मामलों के खिलाफ फास्ट एक्शन लेना शामिल है।

किताब में पूर्व CJI बीआर गवई का भी जिक्र

किताब में भारत के पूर्व चीफ जस्टिस बीआर गवई का भी जिक्र है, जिन्होंने जुलाई 2025 में कहा था कि ज्यूडिशियरी के अंदर करप्शन और गलत कामों के मामलों का पब्लिक ट्रस्ट पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा था, “हालांकि, इस ट्रस्ट को फिर से बनाने का रास्ता इन मुद्दों को सुलझाने के लिए उठाए गए तेज, निर्णायक और ट्रांसपेरेंट एक्शन में है… ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी डेमोक्रेटिक गुण हैं।”

NCERT की किताब 23 फरवरी को जारी, लेकिन अब वेबसाइट पर मौजूद नहीं

NCERT की 8वीं क्लास की सोशल साइंस का पार्ट 2 इसी हफ्ते जारी हुआ है। CJI की टिप्‍पणी के बाद फिलहाल ये किताब NCERT की वेबसाइट पर उपलब्‍ध नहीं है। एक न्‍यूज रिपोर्ट के मुताबिक किताबों की ऑफलाइन बिक्री भी मंगलवार 24 फरवरी से बंद कर दी गई है। हालांकि अब तक NCERT की तरफ इसको लेकर कोई बयान नहीं आया है।

NCERT की वेबसाइट पर किताब का दूसरा पार्ट लिस्ट में मौजूद नहीं है।

NCERT की वेबसाइट पर किताब का दूसरा पार्ट लिस्ट में मौजूद नहीं है।

NCERT ने नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क यानी NCF और NEP-2020 के तहत सभी क्‍लासेज की नई किताबें तैयार की हैं। कोरोना महामारी के बाद पुरानी किताबों के टॉपिक्‍स को बदलकर नए टॉपिक्‍स किताबों में जोड़े जा रहे हैं।

पहली से 8वीं क्लास तक की नई किताबें 2025 में ही पब्लिश की जा चुकी हैं।

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NCERT ने 8वीं क्लास की सोशल साइंस की किताब में जोड़ा न्यायपालिक से जुड़ा सेक्शन

नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने पहली बार 8वीं के बच्चों के लिए ज्यूडीशियरी में करप्शन के बारे में पढ़ाने का फैसला लिया गया। यह पिछले एडिशन के मुकाबले बड़ा बदलाव था। पिछले चैप्टर में ज्यादातर कोर्ट के स्ट्रक्चर और रोल पर फोकस किया गया था। बदले हुए चैप्टर का नाम ‘हमारे समाज में ज्यूडिशियरी की भूमिका’ रखा गया। पढ़ें पूरी खबर…

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