आतंकी नेटवर्क का बड़ा खुलासा:हनुमानगढ़ में ब्लास्ट की साजिश; IED पार्सल 4 दिन यहीं रहा, RDX नहीं पहुंचा तो टारगेट बदला

Actionpunjab
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अंबाला के बराड़ा-दोसड़का रोड स्थित गांव सिंबला के पास से 1 किलो 975 ग्राम आरडीएक्स, आईईडी, डेटोनेटर और बैट्री बरामद होने के मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपियों ने बताया कि यह आरडीएक्स पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी के जरिए अमृतसर में मुहैया कराया गया था, जो ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान से पंजाब पहुंचाया गया था। आरोपियों ने शहजाद भट्टी के कहने पर पंजाब के कई जिलों के थानों के अलावा राजस्थान, दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा के अंबाला में विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी की थी। इन जगहों के वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजे गए थे, ताकि संभावित टारगेट चुना जा सके। गिरफ्तार तीन आरोपियों में से एक अली अकबर उर्फ बाबू पुत्र मोहम्मद रमजान निवासी गली नंबर-1, दिल्ली गेट लोंगिया मोहल्ला, मोती चौकी के पास बड़वाली मस्जिद, अजमेर का रहने वाला है। पूछताछ में सामने आया कि आतंकियों की पहली साजिश राजस्थान के हनुमानगढ़ में बम विस्फोट करने की थी। वहां आईईडी तो पहुंचा दी गई थी, लेकिन आरडीएक्स नहीं पहुंच पाया, जिससे उनकी योजना विफल हो गई। चार दिन बाद आईईडी वापस मंगा ली गई। इसके बाद करीब एक सप्ताह तक आरोपियों से हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ के विभिन्न स्थानों की रेकी कर वीडियो भेजवाए गए, ताकि नया टारगेट तय किया जा सके। आतंकी भट्‌टी ने कई राज्यों में रैकी कराई, वीडियो पाकिस्तान मंगवाए पाकिस्तानी गैंगस्टर व आतंकी शहजाद भट्टी के लिए काम कर रहे जंगबीर ने पुलिस पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। उसने बताया है कि शहजाद भट्टी के कहने पर उसने देश के कई राज्यों में भीड़-भाड़ वाले कई प्रमुख जगहों की रेकी की थी और उनकी वीडियो बनाकर वाट्स एप से पाकिस्तान भेजी थी। इसके साथ ही इन जगहों पर कैसे जाया जा सकता है? उसका पूरा प्लान भी भेजा था। ये जगहें इस प्रकार हैं- तीन टारगेट बताए गए, सैन्य ठिकाने पर विस्फोट का आदेश
पुलिस के अनुसार आतंकी शहजाद भट्टी ने घटना से एक दिन पहले आरोपियों को अंबाला के तीन संभावित टारगेट बताए थे और इनमें से किसी एक जगह विस्फोट करने को कहा था। इनमें मुलाना का माता बाला सुंदरी मंदिर, जहां चैत्र नवरात्र में हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। दूसरा, अंबाला का एक बड़ा नेता और तीसरा टारगेट तोपखाना क्षेत्र में स्थित सैन्य ठिकाना था। बताया गया कि आरोपियों को लगा था कि टारगेट मुलाना का माता बाला सुंदरी मंदिर होगा, लेकिन शुक्रवार सुबह शहजाद भट्टी ने उन्हें तोपखाना क्षेत्र में विस्फोटक ले जाकर ब्लास्ट करने के निर्देश दिए। बैलेस्टिक एवं एक्सप्लोसिव एक्सपर्ट एवं पूर्व डायरेक्टर,फोरेंसिक साइंस लैबरोटरी, मधुबन(करनाल) आईईडी एक्टिव हालत में मिला
तीनों आरोपी पैशन-प्रो मोटरसाइकिल पर विस्फोटक, आईईडी, बैट्री, टाइमर और डेटोनेटर लेकर अंबाला कैंट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान लंबे समय से इस नेटवर्क पर नजर रखे हुए एसटीएफ को उनकी साजिश का पता चल गया। टीम ने रास्ते में नाका लगाकर उन्हें पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों से चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जिस समय उन्हें पकड़ा गया, उस समय आईईडी एक्टिव था और उसे प्रेशर रिलीज स्विच से जोड़ा गया था, जिससे वह कभी भी फट सकता था। मौके पर पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने टिफिन में फिट इस बम को निष्क्रिय किया। 7 दिन के रिमांड पर भेजे आरोपी
पुलिस ने शनिवार को अदालत को पूरे मामले की जानकारी दी। अदालत ने तीनों आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। एनआईए की एंट्री संभव
अंबाला में करीब दो किलो आरडीएक्स की बरामदगी के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हरियाणा पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी इस मामले में जानकारी मांगी है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही जांच एनआईए को सौंपी जा सकती है। भास्कर एक्सपर्ट- सुरेश कौशिक, रिटायर्ड एसपी एसीबी, हरियाणा बरामद आरडीएक्स 250 लोगों की जान ले सकता है 2 किलो आरडीएक्स से पब्लिक प्लेस में विस्फोट होने पर करीब 250 लोगों के चीथड़े उड़ा सकता है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के वक्त ऐसा ही हुआ था। आरडीएक्स को जब किसी कनस्तर व टाइट बर्तन में रख कर विस्फोट किया जाता है तो यह और घातक हो जाता है। तब यह 100 से 200 मीटर के एरिया में सब कुछ तबाह कर देता है। बड़ी जनहानि के लिए आरडीएक्स का इस्तेमाल करते हैं आरडीएक्स का इस्तेमाल आतंकवादी बड़े स्तर पर विनाश के लिए करते हैं। अकसर भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाया जाता है ताकि ज्यादा लोगों की जान जाए। आरडीएक्स विस्फोट में आसपास की बिल्डिंगों तक को नुकसान पहुंचता है। जब ज्यादा भीड़भाड़ वाले इलाके में ऐसे विस्फोट होते हैं तब वहां सबसे बड़ी मुसीबत इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।

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