झज्जर में दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड हेड कॉन्स्टेबल पर फायरिंग:क्लर्क बेटे ने कंधे-जांघ पर गोलियां मारीं; 18 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी का विवाद

Actionpunjab
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हरियाणा के झज्जर में एक बेटे ने अपने पिता को गोलियां मार दीं। व्यक्ति के कंधे और जांघ पर गोली लगी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को सिविल अस्पताल में ले जाया गया। यहां से डॉक्टरों ने उन्हें रोहतक PGI रेफर कर दिया। घायल दिल्ली पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल रिटायर हैं। वहीं, बेटा हरियाणा शिक्षा विभाग में क्लर्क है। बाप-बेटे में करीब 18 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी को लेकर बहस हुई, जिसके बाद बेटे ने फायरिंग कर दी। उधर, पुलिस ने मामले की जानकारी मिलने पर आरोपी बेटे पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी अभी फरार चल रहा है। अब जानिए क्या है पूरा मामला… 18 करोड़ की संपत्ति को लेकर विवाद इस वारदात के पीछे करीब 18 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी को लेकर विवाद बताया जा रहा है। घायल ईश्वर सिंह के मुताबिक, मैं और छोटा भाई पहले साथ रहते थे और मिलकर जमीन-जायदाद खरीदते थे, जो ज्यादातर भाई के नाम पर होती रही। मैं पिछले 35-40 साल से नजफगढ़ में रह रहा हूं। घटना से एक दिन पहले ही ढाकला गांव आया था। बेटे को समझाने लगा तो गोलियां चलाईं घायल ईश्वर सिंह ने दैनिक भास्कर एप की टीम को बताया कि मैं अपने बेटे सतीश को समझा रहा था कि अपने चाचा के बहकावे में न आए। मैं किसी तरह का विवाद नहीं कर रहा था, बल्कि बेटे को प्यार से समझा रहा था। इसी दौरान अचानक बेटे ने गोलियां चला दी। गोली कंधे और जांघ से आर-पार हो गई। बेटे के पास हथियार नहीं है, जबकि छोटे भाई के पास दो लाइसेंसी हथियार हैं। फिलहाल मैं खतरे से बाहर हूं। अस्पताल में इलाज चल रहा है।
छोटे भाई के पास 2 हथियार ईश्वर सिंह के अनुसार, ढाकला गांव में उनके नाम पर 3 किले जमीन, झज्जर में 450 गज का प्लॉट, नजफगढ़ में 500 गज का ऑफिस और नजफगढ़ में ही 350 गज की कोठी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मेरे फोन को टैप किया जा रहा था और मेरी गाड़ी में GPS डिवाइस लगाया गया, जिसकी शिकायत मैंने पहले भी की थी। मैंने छोटे भाई के बेटे की शादी में डेढ़ किला जमीन पहले ही बेच दी थी, क्योंकि उस समय भाई की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। दिल्ली पुलिस में रह चुके हैं ईश्वर सिंह ईश्वर सिंह 30 अप्रैल 1981 को दिल्ली पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे और साल 2010 में हेड कॉन्स्टेबल पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) लिया था।

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