DDU में शुरू होंगे 4 नए कोर्स:कुलपति ने लिया फैसला, इंग्लिश और पॉलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स को मिलेगा

Actionpunjab
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दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुछ विभागों में आने वाले सेशन से चार नए कोर्स शुरू किए जाएंगे। जिनमें राजनितिक विभाग में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन पॉलिटिकल लीडरशिप और सर्टिफिकेट कोर्स इन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन शुरू किया जाएगा। जबकि अंग्रेजी विभाग में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन ट्रांसलेशन और सर्टिफिकेट कोर्स इन स्पोकन इंग्लिश कोर्स की शुरुआत होगी। यह फैसला कुलपति प्रो पूनम टंडन की अध्यक्षता में आयोजित डीन और एचओडी की बैठक में लिया गया। एक साल का होगा ‘पीजी डिप्लोमा इन पॉलिटिकल लीडरशिप’
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन पॉलिटिकल लीडरशिप एक साल का (दो सेमेस्टर) पाठ्यक्रम होगा, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, प्रबंधन कौशल और नीति-निर्माण से जुड़ी समझ विकसित करना है। यह पाठ्यक्रम राजनीतिक प्रबंधन, पब्लिक पॉलिसी, मानव संसाधन प्रबंधन, मीडिया और मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में करियर के अवसर उपलब्ध कराएगा। साथ ही स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा, जिससे वे अपने दायित्वों का अधिक प्रभावी, दक्ष और सुव्यवस्थित ढंग से निर्वहन कर सकेंगे। हॉस्पिटल और हेल्थ मैनेजमेंट सीखेंगे स्टूडेंट्स
वहीं, सर्टिफिकेट कोर्स इन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यह कोर्स अस्पताल प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन और प्रशासनिक दक्षताओं के विकास पर केंद्रित होगा। साथ ही, यह हेल्थकेयर सेक्टर में कार्यरत पेशेवरों के कौशल उन्नयन और दक्षता विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे उन्हें बेहतर रोजगार और उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। अंग्रेजी विभाग से शुरू किए जा रहे पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन ट्रांसलेशन के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक निर्धारित की गई है। यह पाठ्यक्रम अनुवाद के क्षेत्र में व्यावसायिक दक्षता विकसित करने के साथ-साथ मीडिया, प्रकाशन और बहुभाषीय संचार के क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान करेगा। 12th पास कर सकेंगे अप्लाई
इसी क्रम में सर्टिफिकेट कोर्स इन स्पोकन इंग्लिश के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट (कक्षा 12) निर्धारित की गई है। यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों की संप्रेषण क्षमता, व्यक्तित्व विकास और अंग्रेज़ी भाषा में दक्षता को सुदृढ़ करेगा, जो विभिन्न प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों में सहायक सिद्ध होगा। सभी पाठ्यक्रमों में व्याख्यान, सेमिनार, फील्ड विज़िट, इंटर्नशिप और प्रायोगिक प्रशिक्षण जैसी आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को शामिल किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हो सके। आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार होंगे स्टूडेंट्स- कुलपति
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस पहल को विश्वविद्यालय की रोजगारोन्मुखी शिक्षा नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाएंगे और उनके करियर निर्माण में सहायक सिद्ध होंगे। ‘रोजगार के अवसर मजबूत होंगे’
विभागाध्यक्ष, राजनीति विज्ञान प्रो. रजनीकांत पाण्डेय ने कहा कि ये दोनों पाठ्यक्रम वर्तमान समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं, जो विद्यार्थियों और कार्यरत पेशेवरों के कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता और रोजगार के अवसरों को सुदृढ़ करेंगे। विभागाध्यक्ष, अंग्रेजी विभाग प्रो. सुनीता मुर्मू ने कहा कि नए पाठ्यक्रम विद्यार्थियों की भाषा दक्षता, संप्रेषण कौशल और व्यावसायिक क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करेंगे।

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