सोनभद्र में नगीता हत्याकांड में दंपती को उम्रकैद की सजा:कोर्ट ने 11 हजार रुपए का लगाया जुर्माना, ढाई साल पुराने मामले सुनाया फैसला

Actionpunjab
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सोनभद्र में ढाई साल पुराने नगीता हत्याकांड में गुरुवार को सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने दोषी दंपती को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उन पर 11-11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 28 नवंबर 2023 का है। सलखन टोला बहिरहवां, थाना चोपन, जिला सोनभद्र निवासी राम सुदीन धरिकार पुत्र लक्ष्मण धरिकार ने चोपन थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि उस दिन शाम 6 बजे उनका छोटा भाई चिनीलाल धरिकार अपनी पत्नी रेशमी के साथ कुल्हाड़ी लेकर उनके घर आया था। उस समय राम सुदीन की पत्नी नगीता बच्चों के साथ घर का काम कर रही थीं। चिनीलाल ने नगीता को आवाज देकर अपने साथ चलने को कहा, लेकिन नगीता ने इनकार कर दिया। इस पर चिनीलाल ने कुल्हाड़ी से नगीता के सिर पर वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ीं। सिर पर कुल्हाड़ी से किया था वार जब नगीता का बड़ा बेटा उत्तम (13) उन्हें बचाने दौड़ा, तो चिनीलाल ने उसके सिर पर भी कुल्हाड़ी से वार कर दिया। इसके बाद चिनीलाल अपनी पत्नी रेशमी के साथ धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया। राम सुदीन जब बाजार से घर लौटे, तो उन्होंने देखा कि चिनीलाल और रेशमी कुल्हाड़ी लेकर जा रहे थे, और उनकी पत्नी नगीता व बेटा उत्तम जमीन पर पड़े थे। वह दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लोढ़ी ले गए, जहां नगीता (40) की सिर में गंभीर चोट लगने से मौत हो गई। उत्तम (13) का इलाज जारी रहा। राम सुदीन की तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच अधिकारी ने पर्याप्त सबूत मिलने के बाद दंपती के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनीं, गवाहों के बयान दर्ज किए और पत्रावली का अवलोकन किया। इसके बाद चिनीलाल धरिकार और रेशमी को दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन पर 11-11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

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