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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रियल एस्टेट कंपनी TDI इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए कंपनी और उसके निदेशकों रविंद्र तनेजा, कमल तनेजा और डीएन तनेजा सहित अन्य संबंधित संस्थाओं को नोटिस जारी किया है। इन सभी पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं। TDI के खिलाफ दिल्ली पुलिस में दर्ज कई FIR और चार्जशीट के आधार पर ED ने अपनी जांच शुरू की थी। अब कोर्ट के नोटिस के बाद कंपनी के मालिकों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। 4,600 करोड़ रुपए जुटाए, नहीं दिए फ्लैट ED की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि TDI इंफ्रास्ट्रक्चर ने हरियाणा के कुंडली सोनीपत में कई कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए थे। कंपनी ने साल 2005 से 2014 के बीच 26 अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के नाम पर 14,105 ग्राहकों से करीब 4,619.43 करोड़ रुपए एडवांस बुकिंग के तौर पर वसूले। जांच में पाया गया कि कई प्रोजेक्ट्स में 16-18 साल की देरी हो चुकी है। अब भी 4 प्रोजेक्ट्स के ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट लंबित हैं, जबकि पार्क स्ट्रीट जैसा बड़ा प्रोजेक्ट आज भी अधूरा पड़ा है। ग्राहकों के पैसे का हुआ डायवर्जन ED ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कंपनी के प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स ने ग्राहकों से मिले पैसे का इस्तेमाल प्रोजेक्ट्स पूरा करने में नहीं किया। इसके बजाय फंड को अपनी सहायक कंपनियों में डायवर्ट कर दिया। इस पैसे का इस्तेमाल जमीन खरीदने के लिए एडवांस दिखाने में किया गया। ग्राहकों के पैसे से कंपनी के पुराने कर्ज चुकाए गए और अन्य निवेश किए गए। इसी हेराफेरी के कारण प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे नहीं हुए और हजारों घर खरीदार ठगे गए। 349.55 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क ED ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 349.55 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की हैं। हाल ही में 304.06 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच की गई हैं। इससे पहले साल 2024 में 45.49 करोड़ रुप की संपत्तियां कुर्क की गई थीं। ED ने कोर्ट से इन संपत्तियों को जब्त करने की अनुमति भी मांगी है।
सोनीपत में ईडी ने TDI के मालिकों पर कसा शिकंजा:₹350 करोड़ की संपत्ति अटैच; 14 हजार खरीदारों से धोखाधड़ी का आरोप
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