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जींद जिले के उचाना कलां और खेड़ी मंसानिया के बीच 40 साल से चला आ रहा रास्ते का विवाद समाप्त हो गया है। नगर पालिका ने करीब 50 लाख रुपए की लागत से इस रास्ते का निर्माण कराया है। नगर पालिका प्रधान विकास काला ने इसका उद्घाटन किया। इस नई सड़क से वाहन चालकों को लगभग एक किलोमीटर कम दूरी तय करनी पड़ेगी। यह रास्ता उचाना कलां के राजकीय स्कूल के साथ लगता है। इसके बनने से खेड़ी मंसानिया और अन्य गांवों को जाने वाले वाहन चालकों को अब लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन की बचत होगी। साथ ही, रास्ते में लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी। नगर पालिका प्रधान विकास काला ने बताया कि यह रास्ता सरकारी जमीन पर था और इस पर लंबे समय से आपसी विवाद चल रहा था। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत पुरानी मांग थी, जिसे अब पूरा किया गया है। सड़क की लंबाई करीब एक किलोमीटर है और इसे 16 फीट से अधिक चौड़ा बनाया गया है। विवाद को सुलझाने के लिए पहले खाप पंचायतें भी हुई सरपंच प्रतिनिधि अनूप सिंह ने बताया कि इस 40 साल पुराने विवाद को सुलझाने के लिए पहले खाप पंचायतें भी हुई थीं। उन्होंने बताया कि सरपंच बनने के बाद उन्होंने उचाना कलां पंचायत से बात की, जिसके बाद उचाना कलां के लोगों ने उदारता दिखाते हुए सिर्फ पांच मिनट में रास्ते का विवाद समाप्त कर दिया और रास्ता देने पर सहमति जताई। खेड़ी मंसानिया गांव के लोगों ने भी एकजुट होकर रास्ते में 8 लाख रुपए की मिट्टी डलवाई थी। अनूप सिंह ने उचाना कलां गांव और नगर पालिका प्रधान विकास काला का इस कार्य के लिए धन्यवाद किया। 40 सालों से चल रहा था विवाद उचाना कलां एवं खेड़ी मसानियां गांव के बीच रास्ते को लेकर आपसी विवाद 40 सालों से चला आ रहा था। इसको लेकर कई बार पंचायतें भी हो चुकी थी। उचाना कलां के लोग स्कूल के साथ जो रास्ता जाता है वहां से रास्ता देने से मना करते रहे, जबकि खेड़ी मसानियां के ग्रामीणों का तर्क था कि ये रास्ता सरकारी है जो खेड़ी मंसानिया की तरफ जाता है। मौजूद सरपंच प्रतिनिधि के प्रयासों के चलते उचाना कलां में मीटिंग हुई तो उचाना कलां के ग्रामीणों ने रास्ते पर किसी तरह की अड़चन न डालते हुए रास्ते की जो मांग खेड़ी मंसानिया के लोग कर रहे था उसको पर सहमति जताई।
उचाना में 40 साल पुराना सड़क विवाद खत्म:50 लाख की लागत से बना रास्ता, नगर पालिका प्रधान ने किया उद्घाटन
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