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लखनऊ में स्वतंत्रवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर सावरकर विचार मंच उत्तर प्रदेश ने डालीगंज स्थित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सभा कक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और युवाओं ने भाग लिया, जहां राष्ट्रवाद और सावरकर के विचारों पर विशेष चर्चा हुई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय संगठन महामंत्री संजय जोशी ने कहा कि वीर सावरकर राष्ट्र चेतना के प्रतीक थे। उन्होंने अपने संघर्ष, त्याग और विचारों से देशभक्ति की नई परिभाषा गढ़ी। जोशी ने युवाओं से सावरकर के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। सावरकर के विचार आज भी प्रासंगिक सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि सावरकर के भारत की सांस्कृतिक एकता और अखंडता संबंधी विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने जोर दिया कि देश को मजबूत बनाने के लिए समाज को जाति और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में कार्य करना चाहिए। क्रांतिकारी विचारों और सामाजिक सुधारों पर चर्चा कार्यक्रम में वक्ताओं ने सावरकर के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान, उनके क्रांतिकारी विचारों और सामाजिक सुधारों पर विस्तार से चर्चा की । सभागार में उपस्थित लोगों ने वक्ताओं का स्वागत किया।आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को देशभक्ति और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ना बताया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का सम्मान किया गया और राष्ट्रगान के साथ यह संपन्न हुआ।
लखनऊ में सावरकर जयंती पर विचार मंच का कार्यक्रम:भाजपा के संजय जोशी और अश्विनी उपाध्याय ने राष्ट्रवाद पर चर्चा की
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