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जालंधर के मिट्ठू बस्ती में कथित धर्म परिवर्तन को लेकर विवाद गहरा गया है। ईसाई समुदाय ने पुलिस प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि अगर घर में घुसकर प्रार्थना रुकवाने और हंगामा करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे। घर में प्रार्थना के दौरान हंगामा और आरोप-प्रत्यारोप यह पूरा मामला जालंधर के मिट्ठू बस्ती के अंतर्गत आते गुरु अर्जुन नगर का है। कुछ दिन पहले यहां एक घर में ईसाई समुदाय की प्रार्थना चल रही थी। इसी दौरान इलाका निवासियों ने वहाँ पहुंचकर भारी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध कर रहे लोगों का आरोप था कि घर के भीतर एक ईसाई महिला द्वारा लालच देकर लोगों का जबरन धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा था। वहीं, दूसरी ओर घर के मालिक अवतार सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। अवतार सिंह का कहना है कि वे अपने घर में शांतिपूर्वक पाठ-पूजा और प्रार्थना कर रहे थे, लेकिन स्थानीय लोगों ने जबरन उनके घर में घुसकर माहौल खराब किया। ईसाई समुदाय का फूटा गुस्सा, दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम घटना के बाद ईसाई भाईचारे ने एक प्रेस वार्ता बुलाई और घर में घुसकर हंगामा करने वालों के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज करने की मांग की। ईसाई समुदाय के नेताओं ने पुलिस प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे तीखा धरना-प्रदर्शन करने और सड़कें जाम करने पर मजबूर होंगे। समुदाय के प्रधान ने स्पष्ट किया कि वे खुद भी किसी भी तरह के जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से किसी धर्म को अपनाता है या प्रार्थना करता है, तो संविधान उसे इसका पूरा अधिकार देता है। पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल ईसाई नेताओं ने 1 जून को हुई इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा धर्म परिवर्तन के झूठे आरोप लगाकर पवित्र प्रार्थना को जबरन रुकवाया गया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो कुछ मणिपुर, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में ईसाई समुदाय के साथ हुआ, वैसा वे पंजाब में कभी नहीं होने देंगे। इसके साथ ही ईसाई समुदाय ने मौके पर पहुंची पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि पुलिस की गाड़ी में जिन महिलाओं को बिठाकर थाने ले जाया गया, उनका क्या कसूर था? आरोप है कि पुलिस ने घर में घुसकर हंगामा करने वाले बहुसंख्यक समाज के लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और उन्हें छोड़ दिया। प्रेस वार्ता में ये प्रमुख नेता रहे मौजूद इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईसाई समुदाय के कई प्रमुख चेहरे एकजुट नजर आए। इनमें पंजाब क्रिश्चियन मूवमेंट के अध्यक्ष हामिद मसीह, क्रिश्चियन अवेयरनेस लीडरशिप से पीटर मसीह बुलंदपुर, हैसना पंजाबी मिनिस्ट्री के अध्यक्ष पास्टर तरसेम सहोता और यूनाइटेड पास्टर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पादरी अश्विनी शामिल थे। इसके अलावा एंग्लिकन चर्च के प्रवक्ता अध्यक्ष अंबोनी मसीह, क्रिश्चियन पास्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पादरी जसपाल, चेयरमैन पादरी एलियाजर और मसीह शक्ति संगठन के अध्यक्ष पादरी गौरव मसीह गिल भी इस दौरान विशेष रूप से मौजूद रहे और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई।
जालंधर धर्म परिवर्तन विवाद ,भड़का ईसाई समुदाय:72 घंटे में कार्रवाई न होने पर दी पंजाब की सड़कें जाम कर प्रदर्शन करने की चेतावनी
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