ईरान का आरोप- अमेरिका ने सीजफायर तोड़ा:कहा- उसकी वजह से इलाके की सुरक्षा खतरे में, अब जो हालात बनेंगे, उसके लिए US जिम्मेदार

Actionpunjab
3 Min Read




ईरान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को अमेरिका पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया। ईरानी फॉरेन मिनिस्ट्री का कहना है कि अमेरिका तनाव कम करने के बजाय अपनी सैन्य कार्रवाई से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि अमेरिका ने सीरिक क्षेत्र और केश्म द्वीप पर ईरान के तटीय रडार और निगरानी केंद्रों पर हमला किया, जो सीजफायर का साफ उल्लंघन है। ईरान ने कहा कि इन हमलों के बाद जो भी हालात पैदा होंगे और उसके जो भी नतीजे होंगे, उनकी पूरी जिम्मेदारी अमेरिका की होगी। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. लेबनान में मौतों का आंकड़ा 3,593 पहुंचा: 2 मार्च से जारी इजराइली हमलों में अब तक 3,593 लोगों की मौत और 10,990 लोग घायल हुए हैं। पिछले 24 घंटे में 35 लोगों की जान गई और 120 घायल हुए। 2. दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमले तेज, 10 लोगों की मौत: शनिवार को इजराइली हमलों में लेबनानी सेना के एक ब्रिगेडियर जनरल समेत 10 लोगों की मौत हुई। हमलों के बाद कई इलाकों में लोगों को घर खाली करने के आदेश दिए गए। 3. अमेरिका ने 4 ईरानी ड्रोन मार गिराने का दावा किया: अमेरिका ने होर्मुज की ओर बढ़ रहे 4 ईरानी ड्रोन मार गिराने और केश्म आइलैंड की रडार साइट्स पर हमला करने का दावा किया। जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें इंटरसेप्ट करने का दावा किया गया। 4. ईरान बोला- सीजफायर अमेरिका ने तोड़ा: तेहरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने सीरिक और केश्म द्वीप पर तटीय रडार ठिकानों पर हमला कर युद्धविराम का उल्लंघन किया। ईरान ने कहा कि इसके बाद पैदा होने वाले हालात की जिम्मेदारी अमेरिका की होगी। 5. ईरान-अमेरिका डील 24 अरब डॉलर पर अटकी: CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, संभावित शांति समझौता ईरान की 24 अरब डॉलर (करीब ₹2.29 लाख करोड़) की फ्रीज संपत्ति जारी होने पर टिका है। ईरान चाहता है कि समझौते के साथ ही 12 अरब डॉलर जारी किए जाएं, जबकि अमेरिका इस पर अभी सहमत नहीं है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *