CUET-PG Scam Allegations | NTA Protest Delhi

Actionpunjab
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NTA मुख्यालय के बाहर प्रदर्शनकारी छात्र पुलिस के सामने अपनी बात रखते हुए।

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी परीक्षा एजेंसियों में से एक, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में है। सीयूईटी-पीजी (CUET-PG) परीक्षाओं में कथित बड़े घोटाले और विसंगतियों को लेकर शनिवार को छात्र संगठन आइसा (AISA) के नेतृत्व में

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दफ्तर के बाहर सुरक्षा इतनी कड़ी कर दी गई कि पूरी संस्था पुलिस छावनी में तब्दील नजर आई, लेकिन अधिकारियों ने छात्रों को कोई भी जवाब देने से साफ किनारा कर लिया।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षा खत्म होने की जो आधिकारिक तारीख तय थी, उसके बाद भी बिना किसी पब्लिक नोटिस या नोटिफिकेशन के गुपचुप तरीके से परीक्षाएं आयोजित की गईं।

NTA मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे छात्र।

NTA मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे छात्र।

छात्रों का दावा है कि कम से कम 11 विषयों की परीक्षा सेकेंड शिफ्ट में ली गई, जिसका NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर कोई रिकॉर्ड या डेटा मौजूद नहीं है। परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया कैसे अपनाई गई, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है। साथ ही कई शिफ्ट्स में प्रश्न-पत्रों की पुनरावृत्ति (रैपेटिशन) देखी गई, जिसने पूरी पारदर्शिता पर पानी फेर दिया है।

पुलिस की भारी बैरिकेडिंग, बातचीत का रास्ता बंद

मुख्यालय के बाहर हालात उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हो गए जब दिल्ली पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग करके प्रदर्शनकारी छात्रों को रोक दिया। हद तो तब हो गई जब छात्रों के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को भी अंदर जाकर अधिकारियों से मिलने और अपनी शिकायत दर्ज कराने की अनुमति नहीं दी गई। NTA के इस रवैये से छात्रों का गुस्सा और भड़क गया।

छात्रों ने कहा कि, जब देश का सामान्य छात्र अपने भविष्य से जुड़े जायज सवाल पूछने जाता है, तो उसे पुलिस की लाठियों और घेराबंदी का सामना करना पड़ता है। यदि NTA जैसी संस्थाएं जवाबदेह नहीं हैं, तो छात्रों को न्याय कौन देगा? यह तानाशाही नहीं तो और क्या है? हम इस भ्रष्टाचार को चुपचाप नहीं सहेंगे।

NTA मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे छात्र।

NTA मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे छात्र।

छात्र संगठन की मुख्य मांग

छात्रों और संगठन ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है।

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